प्राईवेट अस्पताल में किया मरीज का ऑपरेशन, हालत बिगड़ने पर मौत, गेट पर शव छोड़कर भागा डॉक्टर
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एडीएम भी सीएमओ के साथ मौके पर पहुंची और प्राइवेट अस्पताल में सर्जरी की अनुमति न होने के बाद भी सर्जरी किए जाने पर अस्पताल को सीज करने के आदेश दिए। मृतक सोमपाल की मां सुशीला देवी ने बताया कि उनके पुत्र को चार-पांच दिन से बुखार आ रहा था। रविवार को वह रक्षा ऊं कृष्णा अस्पताल में दिखाने आईं थीं। यहां डॉक्टर ने उनकेे पुत्र के पेट की पित्त की थैली में पथरी बताते हुए तत्काल आपरेशन करने की सलाह दी।
डॉक्टरों ने इस मामूली बात बताकर ध्यान नहीं दिया। शाम लगभग चार बजे अचानक से हालत ज्यादा बिगड़ गई। जब उन्होंने प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर को बताया तो उसने सर्जन को बुलाया। लेकिन तब तक सोमपाल ने दम तोड़ दिया। डॉक्टर उनके पुत्र को ठीक होने का दिलासा देते हुए रेफर करने लगे। लेकिन जब विश्वास हो गया कि सोमपाल की मौत हो चुकी है तो वह उनके पुत्र का शव स्ट्रेचर पर अस्पताल के बाहर छोड़कर भाग गए।
आदेश मिलने पर सीएमओ ने तत्काल प्रभाव से सीज कराने की कार्रवाई की। उधर मौके पर मौजूद सदर विधायक रमेश दिवाकर ने अनुमति न होने पर भी उक्त अस्पताल में पचास शैय्या युक्त जिला अस्पताल के एक सर्जन चिकित्सक द्वारा सर्जरी किए जाने के मामले की जांच कराए जाने के लिए सीमएओ को निर्देश दिए हैं। सीएमएस डॉ. लाखन सिंह ने कहा कि उनके यहां अक्तूबर माह में सर्जन ने ज्वाइन किया है।
प्राइवेट अस्पताल केवल ओपीडी के लिए ही रजिस्टर्ड था। फिर भी अस्पताल में बिना अनुमति के सर्जरी किया जाना पाया गया है। तत्काल प्रभाव से अस्पताल को सीज करा दिया गया है। वहीं पचास शैय्या अस्पताल के एक संविदा सर्जन डॉक्टर द्वारा आपरेशन किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। उसकी भी जांच करने के आदेश दे दिए हैं। जांच में मामला सही पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
रेखा एस चौहान, एडीएम