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पानी लेने उतरे यात्री और बंद हो गया ट्रेन-18 का गेट, आप भी ध्यान दें
Thu, 09 May 2019 12:42 AM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 09 May 2019 12:42 AM IST
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वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन-18) के दो यात्रियों को कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर उतरना महंगा पड़ गया। जैसे ही दोबारा ट्रेन पर चढ़ने लगे सेंसर सिस्टम से ट्रेन की रवानगी के पहले गेट बंद हो गया और दोनों यात्री ट्रेन के पीछे ही दौड़ते रहे। एक यात्री पानी लेने के लिए उतरा था। जबकि दूसरा यात्री अपने रिश्तेदार से मिलने के लिए ट्रेन से उतरा था।
परिवार संग दिल्ली से इलाहाबाद जा रहे मेरठ निवासी पवन कुमार ट्रेन के रुकने पर पानी की बोतल खरीदने के लिए प्लेटफार्म नंबर पांच पर उतरे। स्टॉल आगे था। इसलिए आगे चले गए। वापसी पर जैसे ही ट्रेन पर चढ़ने वाले थे। वैसे ही गेट बंद हो गया।
बनारस के वेद दीक्षित भी प्लेटफार्म पर खड़े अपने रिश्तेदारों से मिलने उतरे थे। उनके साथ ही ऐसी ही घटना हुई। दोनों के परिवार के ट्रेन के भीतर थे, इसलिए सामान की फिक्र उन्हें नहीं थी। इस टिकट पर दूसरी ट्रेन से यात्रा करने की अनुमति न होने से उन्हें दूसरा टिकट लेकर इलाहाबाद जाना पड़ा। दरअसल, इस ट्रेन के छूटने के सिग्नल के साथ ही गेट आटोमेटिक लॉक हो जाते हैं। इंजन रहित ट्रेन (ट्रेन सेट) होने की वजह से अचानक से ट्रेन स्पीड पकड़ लेती है।
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उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि वंदे भारत, शताब्दी समेत सभी प्रीमियम ट्रेनों में टिकट के साथ मिलने वाला पानी और खाने के अलावा यदि यात्री कोई अतिरिक्त सामग्री लेता है तो वह भुगतान कर ले सकता है। यात्रियों को प्लेटफार्म पर उतरने की जरूरत नहीं है।
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परिवार संग दिल्ली से इलाहाबाद जा रहे मेरठ निवासी पवन कुमार ट्रेन के रुकने पर पानी की बोतल खरीदने के लिए प्लेटफार्म नंबर पांच पर उतरे। स्टॉल आगे था। इसलिए आगे चले गए। वापसी पर जैसे ही ट्रेन पर चढ़ने वाले थे। वैसे ही गेट बंद हो गया।
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बनारस के वेद दीक्षित भी प्लेटफार्म पर खड़े अपने रिश्तेदारों से मिलने उतरे थे। उनके साथ ही ऐसी ही घटना हुई। दोनों के परिवार के ट्रेन के भीतर थे, इसलिए सामान की फिक्र उन्हें नहीं थी। इस टिकट पर दूसरी ट्रेन से यात्रा करने की अनुमति न होने से उन्हें दूसरा टिकट लेकर इलाहाबाद जाना पड़ा। दरअसल, इस ट्रेन के छूटने के सिग्नल के साथ ही गेट आटोमेटिक लॉक हो जाते हैं। इंजन रहित ट्रेन (ट्रेन सेट) होने की वजह से अचानक से ट्रेन स्पीड पकड़ लेती है।
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उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि वंदे भारत, शताब्दी समेत सभी प्रीमियम ट्रेनों में टिकट के साथ मिलने वाला पानी और खाने के अलावा यदि यात्री कोई अतिरिक्त सामग्री लेता है तो वह भुगतान कर ले सकता है। यात्रियों को प्लेटफार्म पर उतरने की जरूरत नहीं है।