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Kanpur News: सर्वाइकल कैंसर की पहचान के लिए पैप स्मीयर स्क्रीनिंग से अहम
Thu, 29 Jan 2026 12:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 29 Jan 2026 12:21 AM IST
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कानपुर देहात। मेडिकल कॉलेज अकबरपुर में बुधवार को पैथोलॉजी एवं स्त्री व प्रसूति रोग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की रोकथाम को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सर्वाइकल की पहचान के लिए पैप स्मीयर जांच के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही लोगों को जागरूक किया गया।
प्राचार्य डॉ. सज्जन लाल वर्मा ने शिविर में उपस्थित मरीज व महिलाओं से जोर देते हुए कहा कि वे कैंसर के प्रति जागरूक रहें एवं मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध आधुनिक जांच सुविधाओं का पूर्ण उपयोग करें। पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सोनल अमित ने बताया कि भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर के बाद सर्वाइकल कैंसर दूसरे स्थान पर है। उन्होंने जोर दिया कि पैप स्मीयर स्क्रीनिंग जांच द्वारा इस कैंसर को कैंसर बनने से पहले ही पहचाना जा सकता है, जिससे सफल इलाज संभव है। स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सविता साहू ने पैप स्मीयर जांच को सरल, सुरक्षित और लगभग दर्द रहित बताया। उन्होंने 21 वर्ष से अधिक आयु की सभी विवाहित या यौन रूप से सक्रिय महिलाओं को नियमित अंतराल पर यह जांच कराने की सलाह दी।
सीएमएस डॉ. वंदना सिंह ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य केवल जांच उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इस संबंध में व्याप्त झिझक और भ्रांतियों को दूर करना भी है। उन्होंने बताया कि भविष्य में जनहितकारी कार्यों के तहत इस प्रकार के सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम और शिविर निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने किया। यहां डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. जगजीवन राम, डॉ. सौम्या राजपूत, डॉ. अशोक जाटव आदि रहीं। (संवाद)
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प्राचार्य डॉ. सज्जन लाल वर्मा ने शिविर में उपस्थित मरीज व महिलाओं से जोर देते हुए कहा कि वे कैंसर के प्रति जागरूक रहें एवं मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध आधुनिक जांच सुविधाओं का पूर्ण उपयोग करें। पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सोनल अमित ने बताया कि भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर के बाद सर्वाइकल कैंसर दूसरे स्थान पर है। उन्होंने जोर दिया कि पैप स्मीयर स्क्रीनिंग जांच द्वारा इस कैंसर को कैंसर बनने से पहले ही पहचाना जा सकता है, जिससे सफल इलाज संभव है। स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सविता साहू ने पैप स्मीयर जांच को सरल, सुरक्षित और लगभग दर्द रहित बताया। उन्होंने 21 वर्ष से अधिक आयु की सभी विवाहित या यौन रूप से सक्रिय महिलाओं को नियमित अंतराल पर यह जांच कराने की सलाह दी।
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सीएमएस डॉ. वंदना सिंह ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य केवल जांच उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इस संबंध में व्याप्त झिझक और भ्रांतियों को दूर करना भी है। उन्होंने बताया कि भविष्य में जनहितकारी कार्यों के तहत इस प्रकार के सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम और शिविर निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने किया। यहां डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. जगजीवन राम, डॉ. सौम्या राजपूत, डॉ. अशोक जाटव आदि रहीं। (संवाद)
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