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कुदरत का कहर: पांडु नदी में बाढ़, सैकड़ों परिवारों का पलायन, सड़कों पर चली नाव
Tue, 03 Aug 2021 01:19 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 03 Aug 2021 01:19 AM IST
सार
बारिश की वजह से पांडु नदी में पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। पनकी के ग्राम पनका में नदी किनारे डूब क्षेत्र में बने मकानों में पानी घुस गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कानपुर में पांडु नदी में बाढ़ के कारण पनका गांव के घरों में पांच फीट तक पानी भर गया है। पुल डूब गया है। सड़कों पर पानी भरने की वजह से नाव चल रही है। सैकड़ों लोग सपरिवार पलायन कर गए हैं। बचे लोगों ने परिवार समेत ऊपरी मंजिल या छत पर डेरा डाल लिया है।
उधर, सचेंडी में रिंद नदी कहर बरपा रही है। बारिश की वजह से पांडु नदी में पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। पनकी के ग्राम पनका में नदी किनारे डूब क्षेत्र में बने मकानों में पानी घुस गया है। गांव के लोगों के लिए शहर की तरफ आने के लिए पटियों का पुल बना है, जिससे पैदल और दोपहिया वाहन सवार आते-जाते थे।
यह पुल भी डूब गया है। अब लोगों को बंगाली कालोनी होते हुए कई किलोमीटर का चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो दो साल पहले आई बाढ़ जैसी स्थिति हो सकती है।
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उधर, सचेंडी के लाल्हेपुर गांव में रिंद नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव में पानी भर गया है। सैकड़ों बीघा फसल डूब गई है। पानी के कारण ग्रामीणों का आवागमन ठप हो गया है। गांव के अमर सिंह, मुंशीलाल, राम सजीवन, गंगाचरण, रामआसरे, ओमप्रकाश, सरनाम सिंह आदि के घरों में पानी भर गया है। इससे कच्चे मकान ढहने का खतरा बढ़ गया है। सैकड़ों ग्रामीण घर छोड़कर जरूरी सामान लेकर ऊंचे स्थानों पर तिरपाल डालकर गुजारा कर रहे हैं। वे सपरिवार पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं।
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उधर, सचेंडी में रिंद नदी कहर बरपा रही है। बारिश की वजह से पांडु नदी में पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। पनकी के ग्राम पनका में नदी किनारे डूब क्षेत्र में बने मकानों में पानी घुस गया है। गांव के लोगों के लिए शहर की तरफ आने के लिए पटियों का पुल बना है, जिससे पैदल और दोपहिया वाहन सवार आते-जाते थे।
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यह पुल भी डूब गया है। अब लोगों को बंगाली कालोनी होते हुए कई किलोमीटर का चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो दो साल पहले आई बाढ़ जैसी स्थिति हो सकती है।
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उधर, सचेंडी के लाल्हेपुर गांव में रिंद नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव में पानी भर गया है। सैकड़ों बीघा फसल डूब गई है। पानी के कारण ग्रामीणों का आवागमन ठप हो गया है। गांव के अमर सिंह, मुंशीलाल, राम सजीवन, गंगाचरण, रामआसरे, ओमप्रकाश, सरनाम सिंह आदि के घरों में पानी भर गया है। इससे कच्चे मकान ढहने का खतरा बढ़ गया है। सैकड़ों ग्रामीण घर छोड़कर जरूरी सामान लेकर ऊंचे स्थानों पर तिरपाल डालकर गुजारा कर रहे हैं। वे सपरिवार पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं।
जब से न्यू ट्रांसपोर्ट नगर की बाउंड्री बनी है, तब से पांडु नदी गांव की तरफ ज्यादा कहर ढाने लगी है। नदी किनारे बने मकानों में पानी भर गया है। - रामविलास, पनका
मकानों के ग्राउंड फ्लोर में पांच फीट तक पानी भरा है। घरों का सामान किसी तरह निकालकर ऊपर की मंजिल या छत में ढककर रखा गया है। पुराने मकान गिरने का खतरा है। - आनंद शुक्ला, पनका
हर साल नदी का पानी बढ़ता था, लेकिन इतनी भयानक स्थिति नहीं होती थी। इस बार फसलें खराब हो गईं। जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पानी बढ़ा तो स्थिति और भयावह हो जाएगी।- शिवनारायण, ग्राम प्रधान, लाल्हेपुर
जलभराव होने, आवागमन ठप होने से गांव में खाने-पीने की समस्या हो गई है। जल्द ही जिला प्रशासन ने खाने-पीने की व्यवस्था नहीं की तो दिक्कत बढ़ जाएगी। - शैलेंद्र कुमार, लाल्हेपुर
मकानों के ग्राउंड फ्लोर में पांच फीट तक पानी भरा है। घरों का सामान किसी तरह निकालकर ऊपर की मंजिल या छत में ढककर रखा गया है। पुराने मकान गिरने का खतरा है। - आनंद शुक्ला, पनका
हर साल नदी का पानी बढ़ता था, लेकिन इतनी भयानक स्थिति नहीं होती थी। इस बार फसलें खराब हो गईं। जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पानी बढ़ा तो स्थिति और भयावह हो जाएगी।- शिवनारायण, ग्राम प्रधान, लाल्हेपुर
जलभराव होने, आवागमन ठप होने से गांव में खाने-पीने की समस्या हो गई है। जल्द ही जिला प्रशासन ने खाने-पीने की व्यवस्था नहीं की तो दिक्कत बढ़ जाएगी। - शैलेंद्र कुमार, लाल्हेपुर