Pacemaker Scam: निजी प्रैक्टिस में इलाज कराने वाले मरीजों की तलाश, डॉक्टर के कार्यकाल में 600 से 800 मौत हुईं
Etawah News: सूत्र बताते हैं कि डॉक्टर के कार्यकाल के दौरान कार्डियोलॉजी विभाग में लगभग 600 से 800 मौत हुईं। पेसमेकर के अलावा काफी मरीज को हार्ड के स्टैंड भी डाला गया।
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इटावा जिले में पेस मेकर घोटाले में ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. समीर सर्राफ के जेल जाने के पांच दिन बाद पुलिस की तफ्तीश परत-दर-परत उघड़ रही है। आरोपी डॉक्टर ने निजी प्रैक्टिस में कितने मरीजों में पेस मेकर का ट्रांसफ्लांटेशन किया है, अब पुलिस उसे खंगालने में जुटी है।
सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के बगल में संचालित एक सेंटर इटावा, मैनपुरी आगरा एवं झांसी, ललितपुर आदि जगहों को चयनित किया है। ऐसे में पुलिस टीम जांच करने जा सकती है। वह ऐसे लोगों को चिह्नित करेगी, जिन्हें डॉक्टर समीर ने अपने निलंबित होने से पूर्व एवं अवकाश के दौरान ऑपरेशन की सलाह देकर पेसमेकर लगाए हैं।
इन मरीजों की पेसमेकर से जान चली गई है। उन्हें भी चयनित किया जाएगा, जो विवेचना का पाठ बनाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने भी मरीजों के जीवन की रक्षा के लिए सरकार की ओर से जरूरी कदम उठाने की बात कही है। गुरुवार को सैफई हवाई पट्टी पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान पेसमेकर घोटाले में जेल जाने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की बात की थी।
कार्डियोलॉजी विभाग में लगभग 600 से 800 मौत हुईं
कहा था कि पेसमेकर घोटाले की घटना बेहद गंभीर है। सूत्र बताते हैं कि डॉक्टर के कार्यकाल के दौरान कार्डियोलॉजी विभाग में लगभग 600 से 800 मौत हुईं। पेसमेकर के अलावा काफी मरीज को हार्ड के स्टैंड भी डाला गया। बताया गया जहां एक स्टैंड की जरूरत थी, वहां पांच-पांच डाला करता था।
लौट कर कार्यस्थल पर उपस्थिति दर्ज करा देता था
मरीज के डिस्चार्ज के बाद जब मरीज एक सप्ताह के बाद वापस आने पर उसे दौरान वह मरीज का बिल रिटर्न कर देता था। बदले में वह 60 प्रतिशत रुपये लेता था। डॉ. समीर सरार्फ जिन कंपनियों के पैसे से विदेश में घूमा है अपने साथ पत्नी भी ले जाता था। इस अवधि में विदेश यात्रा करता था, लौट कर कार्यस्थल पर उपस्थिति दर्ज करा देता था।