उरई: मारपीट में घायल की उपचार के दौरान मौत, आठ दिन तक ग्वालियर में चला था इलाज, परिजनों ने रोका अंतिम संस्कार
Orai News: रामपुरा थाना क्षेत्र स्थित छोटी बेड़ कदमपुरा गांव में पुरानी रंजिश के चलते मारपीट में गंभीर रूप से घायल रमेश उर्फ पप्पू की आठ दिनों तक ग्वालियर में चले इलाज के बाद मौत हो गई। शव गांव पहुंचते ही आक्रोशित परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अंतिम संस्कार रोक दिया।
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उरई जिले में रामपुरा थाना क्षेत्र के छोटी बेड़ कदमपुरा गांव में दाह संस्कार से लौट रहे व्यक्ति के साथ मारपीट कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। आठ दिन तक ग्वालियर में चले उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। शव गांव पहुंचने पर परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। सीओ के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
गांव निवासी रमेश उर्फ पप्पू दाह संस्कार में शामिल होने गए थे। वहां से लौटते समय रास्ते में घात लगाए बैठे चार लोगों ने उन्हें रोक लिया और मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसी दौरान उनके भाई और भतीजे ने उन्हें पिटते हुए देखा, तो हमलावर मौके से भाग गए। परिजन घायल रमेश को रामपुरा अस्पताल ले गए। हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया। वहां आठ दिन तक उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं परिजन
रमेश का शव गांव पहुंचने पर परिजनों में कोहराम मच गया। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। बाद में सीओ अंबुज सिंह यादव मौके पर पहुंचे और जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
रमेश मजदूरी और खेती करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत से पत्नी मीरा देवी, बेटे विनय (21), विकास (18) और 15 वर्षीय बेटी ज्योति का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी दो विवाहित बेटियां भी हैं। परिवार के मुखिया की मौत से परिजनों के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है। पुलिस मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कह रही है।