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Kanpur News: छह माह में जिले में बढ़े केवल पांच राजकीय पक्षी सारस

Wed, 12 Aug 2026 01:53 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Wed, 12 Aug 2026 01:53 AM IST
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Only five state birds Sarus increased in the district in six months
कानपुर देहात। जनपद में राज्य पक्षी सारस (इंडियन क्रेन) की संख्या भले ही लगातार बढ़ रही है। मगर बीते छह माह में वृद्धि बेहद कम रही है। ग्रीष्म कालीन गणना में सामने आया है कि छह माह में केवल पांच सारस ही बढ़े हैं। अब कुल 782 सारस हैं।
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शासन की ओर से राज्य पक्षी सारस की साल में दो बार गिनती कराई जाती है। दिसंबर 2025 में हुई शीतकालीन गणना में 777 सारस मिले थे। हाल ही में हुई ग्रीष्म कालीन गिनती में केवल पांच सारस बढ़े हैं। छह माह में केवल पांच सारस की वृद्धि चिंता में डालने वाली है। जनपद में अब कुल 782 सारस हैं। इसमें 503 वयस्क व 279 अवयस्क हैं। सारस गिनने में 122 कर्मी लगे थे। जून 2025 में हुई गिनती में 732 सारस मिले थे।
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इस आधार पर एक साल में कुल 50 सारस बढ़े हैं। पर्यावरण मित्र नवीन दीक्षित का कहना है कि जुलाई में मादा सारस अंडे देती है। शीतकालीन गणना तक अवयस्क सारसों की संख्या बढ़ेगी तो सारस की संख्या में वृद्धि अधिक दिखेगी। डीएफओ प्रोमिला ने बताया कि कई बार गणना की अवधि में सारस आसपास के जिले में चले जाते हैं। छह माह में केवल पांच सारस बढ़ने में यह वजह भी हो सकती है। वेट लैंड के करीब सारस कुनबा रहता है। प्राकृतिक आवास और आसानी से भोजन उपलब्ध होने के कारण सारस की संख्या जिले में लगातार बढ़ रही है।
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इसलिए खास हैं सारस
राज्य पक्षी सारस अपने साथी से खूब प्रेम करते हैं और हमेशा जोड़े में ही रहना पसंद करते हैं। यह दुनिया का सबसे ऊंचा उड़ने वाला पक्षी माना जाता है। सारस कीड़े खाते हैं। इससे फसल सुरक्षा होती है।

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शीतकालीन गिनती में प्रदेश में 20628 सारस मिले थे
प्रदेश में सारस पर एक नजर 2023 में गिनती में प्रदेश में 19196 सारस मिले। 2024 में इनकी संख्या बढ़कर 19994 हो गई। बीते साल दिसंबर में शीतकालीन गिनती में प्रदेश में सारसों की संख्या कुल 20628 दर्ज की गई।
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