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ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन ठप
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Fri, 19 Feb 2016 02:19 AM IST
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वाणिज्यकर विभाग का सर्वर एक सप्ताह से खराब है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और रिटर्न दाखिल करने के लिए सैकड़ों व्यापारी अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
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व्यापारियों ने बताया कि एक तरफ वाणिज्यकर विभाग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करने के लिए प्रेरित कर रहा है वहीं, आए दिन सर्वर खराब रहता है। व्यापारी जब ऑनलाइन पंजीकरण कराने पहुंचता है तो सर्वर की खराबी की वजह से वह कई दिनों तक इंटरनेट कैफे या फिर संबंधित खंड के अधिकारी के चक्कर लगाता है।
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नहीं निकलता प्रिंट
ऑनलाइन फार्म भरने के बाद प्रिंट न निकलने की समस्या अक्सर आती है। कई बार फार्म तो भर जाता है लेकिन फीस जमा नहीं होती। फीस जमा होने के बाद संबंधित खंड अधिकारी के पास वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन का ब्यौरा आ जाता है। अधिकारी चाहे तो उसके आधार पर प्रमाण पत्र दे सकता है लेकिन वे ऐसा नहीं करते।
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प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा
जय गुरुदेव इंटरप्राइजेस के प्रोपराइटर स्वर्ण जयंती विहार निवासी कृष्ण ने 12 फरवरी को ऑनलाइन फार्म भरा था। एक सप्ताह से सर्वर डाउन होने से एक सप्ताह से प्रिंट आउट नहीं निकल रहा। इस वजह से खंड-16 के असिस्टेंट कमिश्नर डॉ. संजीव पाठक के कार्यालय से इन्हें रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा।
यह है प्रक्रिया
विभाग की वेबसाइड कॉमटेक्स डॉट काम {comtax.com) पर फर्म रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन फार्म भरा जाता है। रजिस्ट्रेशन फीस का भी ऑनलाइन ही भुगतान होता है। यूपी के अंदर कारोबार करने के लिए 100 रुपये और यूपी से बाहर भी कारोबार करने के लिए 50 रुपये फीस जमा होती है।
ऑनलाइन फार्म और जमा की गई फीस का प्रिंट निकालकर संबंधित खंड अधिकारी के पास जमा किया जाता है। इसके बाद ही रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र (फार्म-11 और फार्म-बी) व्यापारी को जारी किया जाता है।
281 व्यापारियों उद्यमियों के फेसबुक पर बने पेज
कानपुर। बूस्ट योर बिजनेस प्रोग्राम के तहत घरेलू, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों को फेसबुक पर लाने के लिए चार दिन तक चले अभियान में 281 उद्यमियों, व्यापारियों और हस्तशिल्पियों इससे जोड़ा गया।
गुरुवार को टीम नवीन मार्केट, परेड, सोमदत्त प्लाजा आदि स्थानों पर चर्चित शोरूम और कानपुर के प्रसिद्ध प्रतिष्ठानों के पेज बनाए। चौथे दिन कुल 82 पेज बने। अभियान का समापन शुक्रवार को रागेंद्र स्वरूप ऑडिटोरियम में किया जाएगा। यहां फेसबुक पेज बनवाने वाले उद्यमियों, ट्रेडरों को बुलाकर अधिक से अधिक बढ़ाने और उत्पाद को प्रचारित करने का तरीका सिखाया जाएगा।
जाट आंदोलन में फंसे एक हजार ट्रक
कानपुर। हरियाणा में हो रहे जाट आंदोलन का असर कानपुर तक पहुंच गया है। प्रभावित इलाकों में यहां के ट्रासपोर्टरों के करीब एक हजार ट्रक रास्तों में फंसे हैं।
यहां से बड़े पैमाने पर किराने का सामान, मशीनरी, इंजीनियरिंग टूल्स, लेदर और प्लास्टिक के आइटम हरियाणा, जम्मू कश्मीर, हिमाचल तक जाता है। वहीं, इन राज्यों से कानपुर में फल, लकड़ी, खेल का सामान आदि आता है।
इधर और उधर से रोजाना करीब दो सौ ट्रकों की आवाजाही होती है। बीते एक सप्ताह से चल रहे आंदोलन की वजह से अब तक करीब एक हजार ट्रक रास्तों में फंसे हैं।
यूपी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के संरक्षक रवि गुप्ता ने बताया कि हरियाणा में जिन इलाकों से होकर ट्रक गुजरते हैं वह पूरी तरह से आंदोलन की चपेट में है।
यदि इन प्रभावित इलाकों से बचकर गंतव्य तक पहुंचा जाए तो एक हजार किमी का चक्कर लगाना पड़ेगा। किसी भी व्यापारी के लिए यह मुनाफे का सौदा नहीं है। इधर, रास्ते में ट्रक फंसे होने के कारण ट्रांसपोर्टर का नुकसान हो रहा है।