फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   one lakh rupees TDS theft to Prison

एक लाख रुपये टीडीएस चोरी पर जेल पक्की

Sat, 07 Feb 2015 03:56 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Sat, 07 Feb 2015 03:56 AM IST
विज्ञापन
one lakh rupees TDS theft to Prison
स्रोत पर कटौती (टीडीएस) में हेरफेर करने वालों के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के ताजा प्रावधान मुसीबत खड़ी कर सकते हैं।
विज्ञापन


नए नियमों के अनुसार यदि किसी कंपनी, फर्म या व्यक्तिगत करदाता की जांच-पड़ताल में एक लाख से अधिक की टीडीएस चोरी पाई जाती है तो उसके खिलाफ विभाग अभियोजन (प्रॉसीक्यूशन) दाखिल कर सकेगा। इसके लिए बोर्ड ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर अपनाने को भी निर्देशित किया है।

गौरतलब है कि विभिन्न प्रकार के भुगतान पर विभाग ने टीडीएस की दरें निर्धारित की हैं। टीडीएस काटने के साथ अपने रिटर्न में उसे दर्शाने और संबंधित राशि को आयकर विभाग में जमा करने का प्रावधान है पर बहुत बड़ी तादाद में ऐसे मामले प्रकाश में आते हैं, जहां न केवल आम करदाता बल्कि सरकारी संस्थान भी टीडीएस कटौती करने में लापरवाही बरतते हैं।
विज्ञापन


कई बार तो जान-बूझकर टीडीएस चोरी करने की मंशा से भी ऐसा किया जाता है। विभाग ऐसे मामलों को रिटर्न की पड़ताल करके पकड़ता है और कार्रवाई करता है।

बोर्ड द्वारा 3 फरवरी को जारी दिशा-निर्देश के तहत यदि एक लाख रुपये से अधिक का टीडीएस काटा गया है और उसे निर्धारित तिथि तक जमा नहीं किया गया है तो अभियोजन की कार्रवाई सुनिश्चित रूप से की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिकवरी की कार्रवाई भी साथ-साथ होगी। वहीं 25 हजार से एक लाख तक की टीडीएस चोरी पाए जाने की दशा में विभागीय अधिकारी इस बात का निर्णय लेंगे कि अभियोजन की कार्रवाई की जाए या नहीं। इसके लिए परिस्थितियों को देखने के बाद निर्णय लेने की बात बोर्ड ने कही है।

यह भी कहा है कि यदि किसी करदाता की लगातार दूसरी बार टीडीएस में हेरफेर करने की बात सामने आई है तो अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी। वहीं 25 हजार से नीचे के मामलों में सामान्य विभागीय कार्रवाई होगी।

विभाग द्वारा आउटसोर्स की गई वेबसाइट ट्रेसेस डॉट कॉम पर रिटर्न के मिलान से एक लिस्ट तैयार की जाएगी। यह कार्रवाई तिमाही रिटर्न दाखिल होने के एक माह के भीतर हो जाएगी।

एक लाख से अधिक के मामलों के लिए लिस्ट-ए बनाई जाएगी। फिर इन्हें एक रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा, जिसमें संबंधित करदाता का नाम, पता, टैन और पैन नंबर आदि दर्ज किया जाएगा।


इसके बाद पूरी सूचना संबंधित टीडीएस कमिश्नर केे पास भेजी जाएगी, जहां से अभियोजन की कार्रवाई आगे बढ़ेगी। अभियोजन की कार्रवाई में छह माह की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा संबंधित राशि की ब्याज सहित रिकवरी भी की जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed