{"_id":"699231d586d236019c0c6adf","slug":"officials-and-employees-will-keep-ports-safe-from-cyber-attacks-kanpur-news-c-12-1-knp1051-1428412-2026-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: बंदरगाहों को साइबर हमलों से सुरक्षित रखेंगे अधिकारी-कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: बंदरगाहों को साइबर हमलों से सुरक्षित रखेंगे अधिकारी-कर्मचारी
विज्ञापन
कानपुर। समुद्र के बीच किसी जहाज या बंदरगाह पर यदि साइबर हमला हो जाए तो अब उससे निपटने के लिए बाहर से किसी विशेषज्ञ को बुलाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। भविष्य में जहाजों और बंदरगाहों पर तैनात अधिकारी और कर्मचारी स्वयं ही साइबर खतरों को पहचानकर उनसे निपट सकेंगे। इसके लिए आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने बंदरगाहों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक विशेष साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कोर्स तैयार किया है। उन्हें आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।
आईआईटी कानपुर देश के बंदरगाहों की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञ तैयार कर रहा है। इसी क्रम में आईआईटी कानपुर के सी3आई हब और इंडियन पोर्ट्स एसोसिएशन के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता किया गया है। इस समझौते के तहत बंदरगाहों पर कार्यरत तकनीकी स्टाफ और अधिकारियों को साइबर सुरक्षा से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल न केवल समुद्री परिवहन को सुरक्षित बनाएगी बल्कि देश की आर्थिक और रणनीतिक संरचनाओं को भी साइबर खतरों से बचाने में अहम भूमिका निभाएगी।
सी3आई हब में पिछले कई वर्षों से क्रिटिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने के लिए अनुसंधान और नवाचार का कार्य किया जा रहा है। संस्थान के वैज्ञानिकों और स्टार्टअप्स की टीमें लगातार ऐसे टूल, तकनीक और सिस्टम विकसित कर रही हैं जिनकी मदद से बंदरगाहों, जहाजों और अन्य संवेदनशील ढांचों को साइबर खतरों से बचाया जा सके।
विज्ञापन
समझौते के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। इस चरण में प्रतिभागियों को बंदरगाहों के क्रिटिकल सेक्टर्स, नेटवर्क सुरक्षा, डेटा सुरक्षा और एडवांस्ड साइबर सिक्योरिटी तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल का कहना है कि बंदरगाह में कार्यरत तकनीकी स्टाफ और अधिकारियों के प्रशिक्षित होने से सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो जाएगी।
विज्ञापन
आईआईटी कानपुर देश के बंदरगाहों की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञ तैयार कर रहा है। इसी क्रम में आईआईटी कानपुर के सी3आई हब और इंडियन पोर्ट्स एसोसिएशन के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता किया गया है। इस समझौते के तहत बंदरगाहों पर कार्यरत तकनीकी स्टाफ और अधिकारियों को साइबर सुरक्षा से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल न केवल समुद्री परिवहन को सुरक्षित बनाएगी बल्कि देश की आर्थिक और रणनीतिक संरचनाओं को भी साइबर खतरों से बचाने में अहम भूमिका निभाएगी।
विज्ञापन
सी3आई हब में पिछले कई वर्षों से क्रिटिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने के लिए अनुसंधान और नवाचार का कार्य किया जा रहा है। संस्थान के वैज्ञानिकों और स्टार्टअप्स की टीमें लगातार ऐसे टूल, तकनीक और सिस्टम विकसित कर रही हैं जिनकी मदद से बंदरगाहों, जहाजों और अन्य संवेदनशील ढांचों को साइबर खतरों से बचाया जा सके।
विज्ञापन
समझौते के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। इस चरण में प्रतिभागियों को बंदरगाहों के क्रिटिकल सेक्टर्स, नेटवर्क सुरक्षा, डेटा सुरक्षा और एडवांस्ड साइबर सिक्योरिटी तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल का कहना है कि बंदरगाह में कार्यरत तकनीकी स्टाफ और अधिकारियों के प्रशिक्षित होने से सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो जाएगी।