IGRS: अफसर लापरवाह…शिकायतकर्ता असंतुष्ट, और लग गया कानपुर की साख को बट्टा, रैंकिंग में मिला 74वां स्थान
Kanpur News: आईजीआरएस नोडल के अनुसार, दोबारा जांच के लिए जो अधिकारी स्तर पर शिकायतें आई थीं, उनका स्पेशल क्लोज नहीं किया गया। इस कारण रैंकिंग खराब हुई है। डिफाल्टर श्रेणी में जिन विभागों की शिकायतें रहीं, उन अफसरों को नोटिस जारी होंगे।
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आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में अफसरों की लगातार लापरवाही ने कानपुर की साख पर बट्टा लगा दिया। शासन के फीडबैक में 50 फीसदी से अधिक शिकायतकर्ताओं ने निस्तारण पर असंतुष्टि जताई। इसके बावजूद अधिकारियों ने दोबारा जांच कराकर निस्तारण (स्पेशल क्लोज) नहीं किया। इसके चलते नवंबर माह की जारी आईजीआरएस रैंकिंग में जिले को 74वां स्थान मिला। बीते माह में जिले को 62वीं रैंक मिली थी। यानी अक्तूबर माह की रैंकिंग से जिला 12 अंक पिछड़ गया।
यह अब तक की सबसे फिसड्डी रैंकिंग है। जनसुनवाई (आईजीआरएस पोर्टल) की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही करने पर जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह की सख्ती का असर अफसरों पर नहीं हो रहा है। सख्ती के बाद भी कई विभाग के अफसर शिकायत निस्तारण में लापरवाही बरत रहे हैं। अफसरों की लापरवाही के कारण 3599 शिकायतकर्ताओं से लिए गए फीडबैक में 2186 के मुंह से न निकला है। पोर्टल पर अक्तूबर माह में कुल 11,062 शिकायतें आईं, जिसमें 768 डिफाल्टर श्रेणी में रहीं।
स्पेशल क्लोज ही नहीं किया गया
यानी इनका निस्तारण ही नहीं किया गया। सीएम पोर्टल पर 26 शिकायतें आईं, जिसमें पांच का निस्तारण नहीं किया गया। सीएम कार्यालय से शिकायतों का फीडबैक नकारात्मक मिलने पर उन्हें सीधा विभागाध्यक्षों की लॉगिन पर भेजा जाता है। इसकी जांच कराकर अधिकारी को रिपोर्ट लगानी (स्पेशल क्लोज) होती है। चारों तहसील के एसडीएम, बीडीओ, नगर निगम की लापरवाही के कारण 684 शिकायतों की दोबारा जांच कर अधिकारियों के स्तर पर स्पेशल क्लोज ही नहीं किया गया।
सभी के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी
इस कारण जिला 130 में 105 अंक हासिल कर 74वीं रैंक पर रहा। जिले की खराब रैंक आने के बाद जिलाधिकारी ने एसडीएम, विभागाध्यक्षों और अन्य अफसरों को जमकर फटकार लगाई। शिकायत निस्तारण में कहां लापरवाही बरती जा रही ह, इसके लिए जिम्मेदारों को सख्त निर्देश दिए गए। अब जिलाधिकारी लापरवाह अफसरों की सूची तैयार कराकर सभी के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं।
दोबारा जांच के लिए जो अधिकारी स्तर पर शिकायतें आई थीं, उनका स्पेशल क्लोज नहीं किया गया। इस कारण रैंकिंग खराब हुई है। डिफाल्टर श्रेणी में जिन विभागों की शिकायतें रहीं, उन अफसरों को नोटिस जारी होंगे। इसकी गुणवत्ता में सुधार कराया जाएगा। -डॉ. राजेश कुमार, आईजीआरएस नोडल