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पापा के लिए अफसर बनूंगी, दुश्मनों से लड़ूंगी

Mon, 01 Feb 2016 01:58 AM IST
दुर्गेश त्रिपाठी, कानपुर
दुर्गेश त्रिपाठी, कानपुर Updated Mon, 01 Feb 2016 01:58 AM IST
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officer biengs For Papa enemies will fight
‘मेरे पापा ने हम चार भाई-बहनों को पढ़ाने के लिए कभी खुद अच्छे कपड़े नहीं पहने, हमेशा कर्ज में डूबे रहे लेकिन हमें कभी इसका एहसास नहीं होने दिया। मैंने एजुकेशन लोन लेकर बीटेक किया, फिर एजुकेशन लोन लेकर एमटेक भी कर रही हूं।
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पापा को गोली मारने वालों ने हमें कहीं का नहीं छोड़ा। अब एक ही जिद है कि पापा के लिए अफसर बनूंगी और उन्हें गोली मारने वालों को सजा दिलाकर ही रहूंगी।’ चकेरी के रक्षा विहार कॉलोनी के पास 35 साल से पान की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले श्याम सुंदर यादव की दूसरे नंबर की बेटी नैना यादव जब यह कह रही थी तो उसकी आंखों में बेबसी के आंसू नहीं बल्कि कुछ कर गुजरने की चमक थी।
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नैना बोली कि डीएम, सीएम, पीएम किसी से मिलना हो मिलूंगी लेकिन गोली मारने वालों को बचने नहीं दूंगी। नैना पुलिस वालों की कार्यप्रणाली से नाराज है।

उच्च शिक्षित है परिवार
श्याम सुंदर यादव और उनकी पत्नी आशा देवी भले ही ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं लेकिन उनके बच्चे उच्च शिक्षित हैं। बड़ी बेटी शीतू की शादी हो चुकी है और वह बीएड कर नौकरी पाने की कोशिश में है। दूसरे नंबर पर नैना है। तीसरे नंबर पर अमित बीए और चौथे नंबर का सुमित बीकॉम कर रहा है।
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यह है मामला
रक्षा विहार के बगल में रहने वाले श्याम सुंदर यादव का पान की गुमटी के लिए वहीं के राजीव मिश्रा और राजेश मिश्रा से विवाद चल रहा था। कुछ समय पहले विवाद से बचने के लिए श्याम सुंदर ने अपनी गुमटी दूसरी जगह रख दी लेकिन यहां भी विवाद बना रहा। 23 जनवरी को श्याम सुंदर को गोली मार दी गई।

एक लोन नहीं दे पाई  दूसरा ले लिया है
नैना को 2008 में यूपीटीयू की परीक्षा में 720वीं रैंक मिली थी। अंबेडकर कॉलेज से 2012 में बीटेक करने के लिए उसे तीन लाख रुपये लोन लेना पड़ा। हर महीने इसकी तीन हजार रुपये किश्त श्याम सुंदर भरते हैं। 2012 में बीटेक करने के बाद नैना ने दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में 15 हजार रुपये प्रति माह की नौकरी की और गेट की तैयारी की।


2013 में ही उसने गेट क्वालीफाई कर लिया था लेकिन पापा पर ज्यादा बोझ न पड़े इसलिए एडमिशन नहीं लिया। 2015 में पिता की जिद पर उसने फिर दो लाख रुपये एजुकेशन लोन लेकर एनआईटी पटना में एमटेक प्रथम वर्ष में एडमिशन लिया।

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