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Kanpur News: पोषाहार की मुंह दिखाई... कानपुर बना प्रदेश का चेहरा

Fri, 27 Jun 2025 01:54 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Jun 2025 01:54 AM IST
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Nutrition show... Kanpur becomes the face of the state
कानपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए मेरी पहचान पोर्टल के माध्यम से आधार व चेहरा आधारित ई-केवाईसी सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। जिले में करीब एक लाख 25 हजार 636 लाभार्थियों में से 81 हजार 974 का चेहरा सत्यापित हो चुका है। 65 फीसदी लाभार्थियों का सत्यापन होने के साथ जिला प्रदेश में नंबर वन पर है। हालांकि अभी भी 43 हजार से अधिक लाभार्थियों ने ई-केवाईसी नहीं कराया है। ऐसे में यह लोग जुलाई माह में बंटने वाले पोषाहार से वंचित रह जाएंगे।
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जिले में कुल 1.25 लाख लाभार्थी पोषाहार का लाभ ले रहे हैं। व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए शासन ने लाभार्थियों के चेहरा स्कैन करने के सख्त निर्देश दिए हैं। बीते छह माह से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लाभार्थियों के घर-घर जाकर चेहरा स्कैन कर रही हैं। पोषाहार लेने से पहले लाभार्थी को केंद्र पर चेहरा स्कैन करना पड़ेगा। यह व्यवस्था शुरू होने बाद कई लाभार्थी गायब हो गए हैं, जो चेहरा स्कैन कराने से बच रहे हैं। ऐसे में इनके फर्जी होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सभी सीडीपीओ और सुपरवाइजरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि 30 जून तक 80 फीसदी से कम प्रगति पाई जाती है, तो उनका जून महीने का वेतन रोक दिया जाएगा।
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छह सीडीपीओ को नोटिस जारी
जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश प्रताप सिंह की तरफ से सत्यापन कार्य में 65 प्रतिशत से कम सत्यापन कार्य करने वाले छह ब्लाॅकों के बाल विकास परियोजना अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें घाटमपुर, शिवराजपुर, भीतरगांव, बिल्हौर, कल्याणपुर, ककवन के सीडीपीओ शामिल हैं। इन्हें 30 जून तक 80 फीसदी सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, 20 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी नोटिस जारी किया गया है। हालांकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि पोषण ट्रैकर ठीक से काम न करने के कारण समस्या आ रही है। कभी-कभी लाभार्थी घर पर नहीं मिलते हैं, जिससे सत्यापन नहीं हो पा रहा है।
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वर्जन-
शासन के निर्देश हैं कि 30 जून तक 100 फीसदी चेहरे स्कैन किए जाएं। जुलाई माह में वही लोग पोषाहार ले सकेंगे, जिन्होंने चेहरा स्कैन कराया होगा। जो सीडीपीओ 30 जून तक 80 फीसदी तक सत्यापन नहीं करेंगे, उनका वेतन रोक दिया जाएगा। - दुर्गेश प्रताप सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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