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बाढ़ ने बढ़ाई मुसीबतः 104 गांव प्रभावित, रो रहे किसान, खतरे के निशान से ऊपर गंगा का जलस्तर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 06 Sep 2018 08:20 AM IST
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उन्नाव में बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या 104 पहुंच गई है
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के उन्नाव जिले में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। 21 और गांवों बाढ़ की चपेट में आने से बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या 104 पहुंच गई है। प्रशासन ने अब तक 77 गांव खाली कराए हैं। बाढ़ से 72 हजार परिवार प्रभावित हो चुके हैं। डीएम की मांग पर शासन ने बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) भेजी है। दोपहर बाद यहां पहुंची टीम ने सदर तहसील के परियर क्षेत्र में गांवों में फंसे 16 परिवारों को निकाल कर राहत शिविर पहुंचाया।
डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय ने अधिकारियों चौबीसो घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रभारी मंत्री रामपति शास्त्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और स्थलीय दौरा करेंगे। प्रशासन ने तैयारियों के साथ ही राहत और बचाव कार्य और तेज कर दिए हैं। जिले में 84 किलोमीटर लंबी गंगा गंगा का सैलाब 5 से 15 किमी दायरे में फैल चुका है। बुधवार रात तक नरौरा बांध से करीब दो लाख क्यूसेक पानी और छोड़े जाने की सूचना है। इससे आने वाले दिनों में बाढ़ और विकराल रूप ले सकती है।
जगतनगर-सहजनी मार्ग कटा, दर्जनों गांव में घुसा पानी
फतेहपुर चौरासी: बुधवार को जाजामऊ गांव के पास जगतनगर-सहजनी मार्ग भी कट गया। इससे जाजामऊ, नेवादा, ठकठैइया, गुरुदीन खेड़ा, बरुआघाट, उमरपुर प्रीतम, कबूलपुर, अटिया, अंटवा सहित दर्जनों और गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। ग्रामीण गृहस्थी समेट कर गांव से बाहर सड़क और राहत शिविरों में डेरा जाले हैं।
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जाजामऊ गांव स्थित राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय भी जलमग्न हो गया है। ग्राम प्रधान पुष्पा शुक्ला ने बताया कि यह अस्पताल 1982 से संचालित है। इसी साल नए भवन का निर्माण हुआ है जिसमें बाढ़ का पानी भर गया है। भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश कोषाध्यक्ष पुनीत गुप्ता बाढ़ प्रभावित हिंदूपुर गांव पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण किया।
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डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय ने अधिकारियों चौबीसो घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रभारी मंत्री रामपति शास्त्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और स्थलीय दौरा करेंगे। प्रशासन ने तैयारियों के साथ ही राहत और बचाव कार्य और तेज कर दिए हैं। जिले में 84 किलोमीटर लंबी गंगा गंगा का सैलाब 5 से 15 किमी दायरे में फैल चुका है। बुधवार रात तक नरौरा बांध से करीब दो लाख क्यूसेक पानी और छोड़े जाने की सूचना है। इससे आने वाले दिनों में बाढ़ और विकराल रूप ले सकती है।
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जगतनगर-सहजनी मार्ग कटा, दर्जनों गांव में घुसा पानी
फतेहपुर चौरासी: बुधवार को जाजामऊ गांव के पास जगतनगर-सहजनी मार्ग भी कट गया। इससे जाजामऊ, नेवादा, ठकठैइया, गुरुदीन खेड़ा, बरुआघाट, उमरपुर प्रीतम, कबूलपुर, अटिया, अंटवा सहित दर्जनों और गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। ग्रामीण गृहस्थी समेट कर गांव से बाहर सड़क और राहत शिविरों में डेरा जाले हैं।
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जाजामऊ गांव स्थित राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय भी जलमग्न हो गया है। ग्राम प्रधान पुष्पा शुक्ला ने बताया कि यह अस्पताल 1982 से संचालित है। इसी साल नए भवन का निर्माण हुआ है जिसमें बाढ़ का पानी भर गया है। भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश कोषाध्यक्ष पुनीत गुप्ता बाढ़ प्रभावित हिंदूपुर गांव पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण किया।
बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को बाहर निकालने के लिए बीस और नाव लगाई गई हैं
उन्नाव में बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या 104 पहुंच गई है
- फोटो : अमर उजाला
सदर तहसील के 11 और गांवों में घुसा पानी
परियर: गंगा नदी के सैलाब का दायरा रातों रात और बढ़ने से क्षेत्र के 11 और गांव चपेट में आ गए हैं। परियर-बिठूर मुख्य मार्ग पर दो स्थानों पर स्थानों पर खोखली हुई सड़क पर चौथे दिन दो पहिया वाहनों का भी आवागमन बद कर दिया गया है। ग्रामीण अपनी गृहस्थी समेटकर परियर बिठूर मार्ग और जानकी कुंड परियर में डेरा डाले हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्गों पर तीन से सात फीट तक पानी भरा होने से नाव ही आवागमन का सहारा बनी है। बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को बाहर निकालने के लिए बीस और नाव लगाई गई हैं।
जिला प्रभारी मंत्री में बांटी राहत सामग्री
जिल के प्रभारी मंत्री समाज कल्याण विभाग मंत्री रमापति शास्त्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरान कर पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने सदर विधायक पंकज गुप्ता, एडीएम बीएन यादव के साथ जानकी कुंड मंदिर परिसर स्थित विद्यालय में बनाए गए राहत शिविर पहुंचकर राहत सामग्री दी। इसके बाद परियर-बिठूर मार्ग पर पॉलीथिन व तिरपाल लगाकर रह रहे लोगों के पास पहुंचकर राहत सामग्री व भोजन के पैकेट बंटवाए। राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों के लिए मोबाइल टायलेट भी रखवाए गए हैं।
बुधवार दोपहर को उप सेनानायक (एडिशनल एसपी) निहारिका शर्मा के नेतृत्व में एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) की 38 सदस्यीय टीम सदर तहसील के परियर पहुंची। मोटर बोट व अन्य संसाधनों से लैस टीम ने देवीपुरबा, बंधनपुर, बाबू बंगला, नगला, चंदी बंगला, सहित गांवो का मोटर व रबर बोट से भ्रमण किया। टीम ने अलग-अलग गांवों में फंसे 16 परिवारों की मदद कर गांव से निकाल कर राहत शिविर पहुंचाया। डिप्टी कमांडेंट ने बताया कि जीवन रक्षक उपकरणों में लाइफ बोट, लाइफ जैकेट भी पर्याप्त मात्रा में हैं। कंपनी कमांडर सुरेश रॉय, ओमकार यादव, धर्मेंद्र उपाध्याय, देवेंद्र राय, पवन मिश्रा के नेतृत्व में गुरुवार सुबह से युद्ध स्तर पर राहत कार्य शुरू किया जाएगा। कमांडेंट ने बताया कि अगर रात के समय भी कहीं से सूचना मिलने पर टीम बचाव कार्य के लिए तैयार है।
परियर: गंगा नदी के सैलाब का दायरा रातों रात और बढ़ने से क्षेत्र के 11 और गांव चपेट में आ गए हैं। परियर-बिठूर मुख्य मार्ग पर दो स्थानों पर स्थानों पर खोखली हुई सड़क पर चौथे दिन दो पहिया वाहनों का भी आवागमन बद कर दिया गया है। ग्रामीण अपनी गृहस्थी समेटकर परियर बिठूर मार्ग और जानकी कुंड परियर में डेरा डाले हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्गों पर तीन से सात फीट तक पानी भरा होने से नाव ही आवागमन का सहारा बनी है। बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को बाहर निकालने के लिए बीस और नाव लगाई गई हैं।
जिला प्रभारी मंत्री में बांटी राहत सामग्री
जिल के प्रभारी मंत्री समाज कल्याण विभाग मंत्री रमापति शास्त्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरान कर पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने सदर विधायक पंकज गुप्ता, एडीएम बीएन यादव के साथ जानकी कुंड मंदिर परिसर स्थित विद्यालय में बनाए गए राहत शिविर पहुंचकर राहत सामग्री दी। इसके बाद परियर-बिठूर मार्ग पर पॉलीथिन व तिरपाल लगाकर रह रहे लोगों के पास पहुंचकर राहत सामग्री व भोजन के पैकेट बंटवाए। राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों के लिए मोबाइल टायलेट भी रखवाए गए हैं।
बुधवार दोपहर को उप सेनानायक (एडिशनल एसपी) निहारिका शर्मा के नेतृत्व में एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) की 38 सदस्यीय टीम सदर तहसील के परियर पहुंची। मोटर बोट व अन्य संसाधनों से लैस टीम ने देवीपुरबा, बंधनपुर, बाबू बंगला, नगला, चंदी बंगला, सहित गांवो का मोटर व रबर बोट से भ्रमण किया। टीम ने अलग-अलग गांवों में फंसे 16 परिवारों की मदद कर गांव से निकाल कर राहत शिविर पहुंचाया। डिप्टी कमांडेंट ने बताया कि जीवन रक्षक उपकरणों में लाइफ बोट, लाइफ जैकेट भी पर्याप्त मात्रा में हैं। कंपनी कमांडर सुरेश रॉय, ओमकार यादव, धर्मेंद्र उपाध्याय, देवेंद्र राय, पवन मिश्रा के नेतृत्व में गुरुवार सुबह से युद्ध स्तर पर राहत कार्य शुरू किया जाएगा। कमांडेंट ने बताया कि अगर रात के समय भी कहीं से सूचना मिलने पर टीम बचाव कार्य के लिए तैयार है।
दस दिन बंद रहेगी दो सौ गांवों की बिजली
उन्नाव में बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या 104 पहुंच गई है
- फोटो : अमर उजाला
बाढ़ से रातोंरात जलमग्न हुए दर्जनों गांव
गंजमुरादाबाद: गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी से कटरी क्षेत्र का जनजीवन अस्त व्यस्त है। करीब दो दर्जन गांव और उसके मजरे पूरी तरह पानी से घिर गए हैं। बाढ़ से भुड्डा, मितानपुरवा, गुल्हरिया, रतईपुरवा, मुन्नी पुरवा, रन्नापुरवा सहित 22 गांव चपेट में हैं।
हरदोई मार्ग की ओर चढ़ने लगा बाढ़ का पानी
चकलवंशी: गंगा की बाढ़ असर सदर उन्नाव-हरदोई मार्ग की ओर बढ़ने लगा है। माखी थाना क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ से जलमग्न है। क्षेत्र के करीमाबाद, चंदन खेड़ा, जंगेनगर, कोटरहिया, अल्मोना, मोहद्दीनपुर, सिहरा, गरवरखेड़ा, जगदीशपुर, प्यारेपुर गांव बुधवार रात पानी भरने से अफरातफरी मच गई है। ग्रामीण अपनी ग्रहस्थी समेट कर गांव से बाहर सड़क पर डेरा डाल रहे हैं। प्रशासन ने मोहद्दीनपुर और करीमाबाद गांव सुबह ही खाली करा दिया है।
दस दिन बंद रहेगी दो सौ गांवों की बिजली
चकलवंशी: पानी भरने से ऐरा भदियार विद्युत उपकेंद्र दूसरे दिन भी बंद रहा। इससे क्षेत्र के 200 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद है। कर्मचारी पंपसेट से पानी निकालने की कोशिश करते रहे। एक्सईएन राजमंगल सिंह ने पानी रोकने के लिए आसपास मिट्टी की मेड़ बंधवाई। उन्होंने बताया कि जबतक उपकरण पूरी तरह सूख नही जाएंगे बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की जा सकेगी। में दस से पंद्रह दिन का वक्त भी लग सकता है।
गंजमुरादाबाद: गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी से कटरी क्षेत्र का जनजीवन अस्त व्यस्त है। करीब दो दर्जन गांव और उसके मजरे पूरी तरह पानी से घिर गए हैं। बाढ़ से भुड्डा, मितानपुरवा, गुल्हरिया, रतईपुरवा, मुन्नी पुरवा, रन्नापुरवा सहित 22 गांव चपेट में हैं।
हरदोई मार्ग की ओर चढ़ने लगा बाढ़ का पानी
चकलवंशी: गंगा की बाढ़ असर सदर उन्नाव-हरदोई मार्ग की ओर बढ़ने लगा है। माखी थाना क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ से जलमग्न है। क्षेत्र के करीमाबाद, चंदन खेड़ा, जंगेनगर, कोटरहिया, अल्मोना, मोहद्दीनपुर, सिहरा, गरवरखेड़ा, जगदीशपुर, प्यारेपुर गांव बुधवार रात पानी भरने से अफरातफरी मच गई है। ग्रामीण अपनी ग्रहस्थी समेट कर गांव से बाहर सड़क पर डेरा डाल रहे हैं। प्रशासन ने मोहद्दीनपुर और करीमाबाद गांव सुबह ही खाली करा दिया है।
दस दिन बंद रहेगी दो सौ गांवों की बिजली
चकलवंशी: पानी भरने से ऐरा भदियार विद्युत उपकेंद्र दूसरे दिन भी बंद रहा। इससे क्षेत्र के 200 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद है। कर्मचारी पंपसेट से पानी निकालने की कोशिश करते रहे। एक्सईएन राजमंगल सिंह ने पानी रोकने के लिए आसपास मिट्टी की मेड़ बंधवाई। उन्होंने बताया कि जबतक उपकरण पूरी तरह सूख नही जाएंगे बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की जा सकेगी। में दस से पंद्रह दिन का वक्त भी लग सकता है।
गंगा में बाढ़ से लोन नदी भी उफान पर
उन्नाव में बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या 104 पहुंच गई है
- फोटो : अमर उजाला
फसलें नष्ट होने से रो रहे किसान
गंजमुरादाबाद: गहरपुरवा के जवाहर लाल की पांच पीघा करेले की फसल बाढ़ की चपेट में आ गई। आनन-फानन बची हुई फसल को बचाने की कोशिश शुरू की और फसल को तोड़वा लिया। उन्होंने बताया कि अबतक करीब तीन लाख रुपये लागत लगा चुके हैं। अगर एक सप्ताह में पानी कम न हुआ और जमीन नहीं सूखी तो पौधे सड़ जाएंगे।
स्कूलों में पढ़ाई बंद
बांगरमऊ: गंगा की बाढ़ से प्रभावित गांवों के सभी प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों के अलावा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में भी जलभराव होने से बंद कर दिया गया है। गंगा और कल्याणी नदी में बाढ़ से मदारनगर की झील भी लबालब हो गई हैं। इससे गांव छतरापुर, हसनपुर सगौड़ा, रमपुरवा, भिखारीपुर सहित दर्जनों गांव प्रभावित हैं।
लोन नदी भी उफनाई
बिछिया: गंगा में बाढ़ से लोन नदी भी उफान पर है। इससे जमुका, नेवरना, जरगांव, जगेथा, गजौली सहित आधा दर्जन गांव के पास तक पानी पहुंच गया है और खेत जलमग्न हैं।
गंजमुरादाबाद: गहरपुरवा के जवाहर लाल की पांच पीघा करेले की फसल बाढ़ की चपेट में आ गई। आनन-फानन बची हुई फसल को बचाने की कोशिश शुरू की और फसल को तोड़वा लिया। उन्होंने बताया कि अबतक करीब तीन लाख रुपये लागत लगा चुके हैं। अगर एक सप्ताह में पानी कम न हुआ और जमीन नहीं सूखी तो पौधे सड़ जाएंगे।
स्कूलों में पढ़ाई बंद
बांगरमऊ: गंगा की बाढ़ से प्रभावित गांवों के सभी प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों के अलावा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में भी जलभराव होने से बंद कर दिया गया है। गंगा और कल्याणी नदी में बाढ़ से मदारनगर की झील भी लबालब हो गई हैं। इससे गांव छतरापुर, हसनपुर सगौड़ा, रमपुरवा, भिखारीपुर सहित दर्जनों गांव प्रभावित हैं।
लोन नदी भी उफनाई
बिछिया: गंगा में बाढ़ से लोन नदी भी उफान पर है। इससे जमुका, नेवरना, जरगांव, जगेथा, गजौली सहित आधा दर्जन गांव के पास तक पानी पहुंच गया है और खेत जलमग्न हैं।