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Kanpur News: लाॅ कॉलेजों से निकले कितने काबिल वकील अब देना होगा ब्योरा

Fri, 14 Nov 2025 01:40 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 14 Nov 2025 01:40 AM IST
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Now details will have to be given on how many capable lawyers have emerged from law colleges.
कानपुर। कानून की डिग्री और वकील का तमगा पाने वाले कई छात्रों में काबलियत की कमी है। बार कौंसिल के एक वरिष्ठ अधिवक्ता की ओर से ऐसी शिकायत होने पर सवालों के घेरे में आए छत्रपति शाहूजी महाराज विवि के लॉ कॉलेजों को अब इसका ब्योरा देना होगा। पिछले सालों में प्रवेश लेने वाले छात्रों के सापेक्ष कितने काबिल वकील बने, किन पद तक गए इसकी जानकारी देनी होगी। इसके लिए विवि प्रशासन ने तीन सदस्यीय तीन कमेटियों का गठन किया है।
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बार कौंसिल के वरिष्ठ अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री और राजभवन में शिकायत दर्ज कराई है कि लॉ कॉलेजों में तैयार हो रहे छात्रों के भीतर काबलियत नहीं है। ऐसा लग रहा कि केवल डिग्री दी जा रही है। कॉलेजों से ऐसे छात्र निकल रहे हैं जिनको न तो अदालती प्रक्रियाओं की पर्याप्त जानकारी है और न ही ट्रायल कोर्ट का अनुभव। इसका खामियाजा कोर्ट और पीड़ितों को भुगतना पड़ेगा। शिकायत के बाद विवि प्रशासन सतर्क हो गया है। विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कमेटियों से सभी लॉ महाविद्यालयों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। वीएसएसडी कॉलेज के डॉ. एके उपाध्याय, बीएनडी कॉलेज के डॉ. बीएस त्रिपाठी और सीएसजेएमयू कैंपस के डॉ. राहुल तिवारी की अध्यक्षता में कमेटियां एक-एक महाविद्यालयों का सत्यापन करेंगी। इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री और राजभवन को भेजी जाएगी।
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विवि से संबद्ध 49 विधि महाविद्यालय कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, कन्नौज, फर्रुखाबाद, औरैया व इटावा में स्थित हैं। विवि के महाविद्यालय विकास परिषद (सीडीसी) के निदेशक की ओर से सभी विधि महाविद्यालयों को पत्र जारी कर शिक्षक-छात्र संख्या, नियमित उपस्थिति, कक्षा संचालन की संख्या, मूट कोर्ट समेत अन्य सुविधाओं की जानकारी मांगी गई है। अभी तक 23 कॉलेजों ने ही जानकारी उपलब्ध कराई है।
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वहीं जब मुख्यमंत्री कार्यालय से सूचना मांगी गई तो विवि प्रशासन ने तीन कमेटियां गठित की हैं। हर कमेटी में एक डिप्टी रजिस्ट्रार और एक शिक्षक भी शामिल रहेगा। कमेटियां जल्द सत्यापन का काम शुरू करेगी। विवि के सीडीसी निदेशक प्रो. आरके द्विवेदी ने बताया कि शिकायत है कि विधि महाविद्यालयों में न तो पढ़ाई हो रही है और न ही वकालत का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कॉलेजों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट रजिस्ट्रार की ओर से मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी।
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