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Kanpur News: 41 लाख रुपये ही नहीं, मालखाना से कई केसों की पीएम व फॉरेंसिक रिपोर्ट भी गायब
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दिनेश चंद्र तिवारी। गोविंद नगर थाना।
- फोटो : संवाद
कानपुर। गोविंदनगर थाने के मालखाने से 41 लाख रुपये से अधिक की नकदी और जेवर ही नहीं, महत्वपूर्ण केसों से जुड़े दस्तावेज व साक्ष्यों की पोटली भी गायब है। इनमें हत्या से लेकर पॉक्सो और अप्राकृतिक संबंध बनाने जैसे केसों से जुड़े कई अहम सबूत शामिल हैं। हेड मोहर्रिर रहे दिनेश चंद्र तिवारी ने नकदी के साथ ही अन्य सबूतों व दस्तावेजों को क्यों गायब किया, इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है।
दरअसल, शुरुआती जांच में पता चला है कि मालखाने से कुल 21 मामलों से जुड़े दस्तावेज और सामान गायब है। इसमें साइबर, जुआ, चोरी व सट्टा जैसे मामलों की रकम के अलावा दो मोबाइल, हत्या व हत्या के प्रयास, दुष्कर्म, पॉक्सो आदि से जुड़े छह मामलों की फॉरेंसिक रिपोर्ट और विसरा शामिल अब तक नहीं मिल सका है। पुलिस जहां एक गायब सामान को बरामद करने के लिए कोशिश कर रही है। वहीं, दूसरी ओर सभी गायब दस्तावेजों की डुप्लीकेट कॉपी निकलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आला अधिकारियों का दावा है कि किसी भी गायब केस प्रॉपर्टी की वजह से केस पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि सामान और रुपये गायब कैसे और किस नीयत से किए गए, इसका पता लगाया जा रहा है। उधर, मामले में रविवार को ही विभागीय जांच की संस्तुति दिए जाने के बाद माना जा रहा है कि सोमवार को अधिकारी नियुक्त कर जांच शुरू कर दी जाएगी। एडीसीपी साउथ महेश कुमार ने कहा कि चूंकि मामले में अबतक दर्ज धाराओं में सात साल से कम की सजा का प्रावधान है। ऐसे में आरोपी दरोगा को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि अब उसे नोटिस देकर पूछताछ में शामिल होने के लिए बुलाया जाएगा। उसके न आने या जांच में सहयोग न करने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वर्ष 2021 में गुजैनी निवासी शिखा पांडेय की 16 वर्षीय बेटी ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। इस मामले में नौबस्ता में रहने वाली युवती और उसके माता-पिता पर किशोरी को प्रताड़ित करने का आरोप लगा था। इसी तरह 24 जुलाई 2022 को हुई हत्या के मामले में मृतक का विसरा गायब है। ऐसे ही 19 मार्च 2022 को दर्ज हत्या के मामले में भी फॉरेसिंक रिपोर्ट गुम है। पॉक्सो के कई मामलों में फॉरेसिंक रिपोर्ट कहां चली गईं इस मामले में किसी को कुछ नहीं पता।
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आरोपी दरोगा अगले माह सेवानिवृत्त होना है। ऐसे में आरोपी की पेंशन और फंड से गायब रकम और ज्वेलरी की कीमत के बराम पैसा वसूल किया जाएगा। साथ ही उसके खिलाफ दर्ज मामले की सूचना लखनऊ पुलिस को भेजी गई है। विभागीय प्रारंभिक जांच के लिए अधिकारी की नियुक्ति सोमवार की जा सकती है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महेश कुमार, एडीसीपी साउथ
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दरअसल, शुरुआती जांच में पता चला है कि मालखाने से कुल 21 मामलों से जुड़े दस्तावेज और सामान गायब है। इसमें साइबर, जुआ, चोरी व सट्टा जैसे मामलों की रकम के अलावा दो मोबाइल, हत्या व हत्या के प्रयास, दुष्कर्म, पॉक्सो आदि से जुड़े छह मामलों की फॉरेंसिक रिपोर्ट और विसरा शामिल अब तक नहीं मिल सका है। पुलिस जहां एक गायब सामान को बरामद करने के लिए कोशिश कर रही है। वहीं, दूसरी ओर सभी गायब दस्तावेजों की डुप्लीकेट कॉपी निकलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आला अधिकारियों का दावा है कि किसी भी गायब केस प्रॉपर्टी की वजह से केस पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि सामान और रुपये गायब कैसे और किस नीयत से किए गए, इसका पता लगाया जा रहा है। उधर, मामले में रविवार को ही विभागीय जांच की संस्तुति दिए जाने के बाद माना जा रहा है कि सोमवार को अधिकारी नियुक्त कर जांच शुरू कर दी जाएगी। एडीसीपी साउथ महेश कुमार ने कहा कि चूंकि मामले में अबतक दर्ज धाराओं में सात साल से कम की सजा का प्रावधान है। ऐसे में आरोपी दरोगा को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि अब उसे नोटिस देकर पूछताछ में शामिल होने के लिए बुलाया जाएगा। उसके न आने या जांच में सहयोग न करने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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वर्ष 2021 में गुजैनी निवासी शिखा पांडेय की 16 वर्षीय बेटी ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। इस मामले में नौबस्ता में रहने वाली युवती और उसके माता-पिता पर किशोरी को प्रताड़ित करने का आरोप लगा था। इसी तरह 24 जुलाई 2022 को हुई हत्या के मामले में मृतक का विसरा गायब है। ऐसे ही 19 मार्च 2022 को दर्ज हत्या के मामले में भी फॉरेसिंक रिपोर्ट गुम है। पॉक्सो के कई मामलों में फॉरेसिंक रिपोर्ट कहां चली गईं इस मामले में किसी को कुछ नहीं पता।
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आरोपी दरोगा अगले माह सेवानिवृत्त होना है। ऐसे में आरोपी की पेंशन और फंड से गायब रकम और ज्वेलरी की कीमत के बराम पैसा वसूल किया जाएगा। साथ ही उसके खिलाफ दर्ज मामले की सूचना लखनऊ पुलिस को भेजी गई है। विभागीय प्रारंभिक जांच के लिए अधिकारी की नियुक्ति सोमवार की जा सकती है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महेश कुमार, एडीसीपी साउथ

दिनेश चंद्र तिवारी। गोविंद नगर थाना।- फोटो : संवाद