{"_id":"60f5d7078ebc3e6d8a2e5f79","slug":"not-distributed-to-patients-expired-blood-enhancing-syrup-akbarpur-news-knp6412493143","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरीजों को बांटी नहीं, एक्सपायर हो गई खून बढ़ाने वाली सीरप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरीजों को बांटी नहीं, एक्सपायर हो गई खून बढ़ाने वाली सीरप
विज्ञापन
कानपुर देहात। अकबरपुर सीएचसी में अव्यवस्था का आलम है। जिम्मेदारों की लापरवाही से खून बढ़ाने वाली (आयरन एंड फोलिक एसिड) सीरप की खेप रखे रखे एक्सपायर हो गई। इस खेप में सीरप की करीब एक हजार से अधिक बोतलें हैं। अफसरों की नजर से बचाने को चीफ फार्मासिस्ट ने पूरी सीरप कूड़े में डलवा दी।
सरकारी अस्पताल में मरीजों को वितरण के लिए दवाएं सरकार उपलब्ध कराती है। एक रुपये के पर्चे पर डॉक्टरों को जरूरत के अनुसार दवाएं मरीज को देने के निर्देश हैं। अलबत्ता अव्यवस्था के चलते दवाएं जरूरतमंदों पर तक नहीं पहुंच पाती हैं। अव्यवस्था का ताजा मामला अकबरपुर सीएचसी में देखने को मिला है। सीएचसी के दवा भंडार गृह में आयरन एंड फोलिक एसिड के सीरप की खेप बीते वर्ष दी गई थी।
चीफ फार्मासिस्ट रामशंकर गौतम ने सीरप की एक्सपायरी करीब होने पर भी प्रभारी को इसकी जानकारी नहीं दी। इससे जनवरी 2021 में सीरप की पूरी खेप एक्सपायर हो गई। इसके बाद भी चीफ फार्मासिस्ट ने छह माह से अधिक समय तक इस सीरप की तरफ ध्यान नहीं दिया। अब जुलाई में मिलान के दौरान चीफ फार्मासिस्ट को सीरप एक्सपायर होने की जानकारी हुई।
विज्ञापन
इस पर सोमवार को अफसरों की नजर से बचाकर पूरी दवा की खेप को कूड़े में फिंकवा दिया गया। इधर एक हजार सीरप की खेप कूड़े के ढेर में पड़ी देखकर कुछ मरीजों ने स्वास्थ्य कर्मियों को बताया। इसके बाद प्रभारी को पूरे खेल की जानकारी हुई। जानकारों के अनुसार सीरप बर्बाद होने से करीब पचास हजार रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। (संवाद)
सीएचसी में तैनात चीफ फार्मासिस्ट रामशंकर गौतम के पास दवा के रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी है। समय रहते एक्सपायर के करीब वाली दवाओं की जानकारी देना उसका दायित्व है। खून बढ़ाने वाली सीरप चोरी छिपे कूड़े के ढेर में फेंकने की जानकारी मिली है। चीफ फार्मासिस्ट से स्पष्टीकरण तलब किया जा रहा है। जवाब आने के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रकरण से सीएमओ को भी अवगत कराया जाएगा।
- डॉ. आईएच खान, सीएचसी प्रभारी अकबरपुर।
आदेश की अवहेलना में माहिर है फार्मासिस्ट
कानपुर देहात। सीएचसी में तैनात चीफ फार्मासिस्ट अधिकारियों के आदेश की अवहेलना करता रहा है। चीफ फार्मासिस्ट ने पूर्व में स्थानांतरित एक कर्मी का चार्ज लेने के प्रभारी के आदेश को नहीं माना था। इस पर बाद में किसी अन्य को चार्ज दिया गया। इस मामले में सीएचसी प्रभारी डॉ. आईएच खान ने चीफ फार्मासिस्ट को नोटिस देकर स्पष्टीकरण तलब किया है। हालांकि नोटिस का जवाब चीफ फार्मासिस्ट ने अभी दिया नहीं है।
खून की कमी वाली महिलाओं के लिए रामबाण है सीरप
आयरन एंड फोलिक एसिड सीरप गर्भवती या कमजोर महिलाओं को दिया जाता है। चिकित्सक इसे किशोरी या फिर खून की कमी वाले पुरुष मरीजों को भी पीने की सलाह देते हैं। जिला अस्पताल की चिकित्सक आराधना ने बताया कि खून बढ़ाने वाले सीरप का परिणाम बेहद अच्छा है। रक्त अल्पता की शिकार महिलाओं के लिए यह रामबाण दवा है।
एएनएम को भी नहीं दी सीरप
आयरन एंड फोलिक एसिड सीरप खून की कमी की शिकार गर्भवती, महिलाओं व किशोरियों को एएनएम के जरिए वितरित की जाती है। चीफ फार्मासिस्ट को यह सीरप एएनएम को देनी चाहिए। साप्ताहिक टीकाकरण के दौरान जरूरतमंद मरीजों को सीरप का वितरण किया जा सकता था। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि चीफ फार्मासिस्ट ने सीरप की खेप दबाए रखी। सीएचसी में दवा काउंटर पर भी सीरप उपलब्ध नहीं कराई। इसकी वजह से ओपीडी में तैनात डॉक्टरों ने मरीजों को यह सीरप नहीं लिखा।
विज्ञापन
सरकारी अस्पताल में मरीजों को वितरण के लिए दवाएं सरकार उपलब्ध कराती है। एक रुपये के पर्चे पर डॉक्टरों को जरूरत के अनुसार दवाएं मरीज को देने के निर्देश हैं। अलबत्ता अव्यवस्था के चलते दवाएं जरूरतमंदों पर तक नहीं पहुंच पाती हैं। अव्यवस्था का ताजा मामला अकबरपुर सीएचसी में देखने को मिला है। सीएचसी के दवा भंडार गृह में आयरन एंड फोलिक एसिड के सीरप की खेप बीते वर्ष दी गई थी।
विज्ञापन
चीफ फार्मासिस्ट रामशंकर गौतम ने सीरप की एक्सपायरी करीब होने पर भी प्रभारी को इसकी जानकारी नहीं दी। इससे जनवरी 2021 में सीरप की पूरी खेप एक्सपायर हो गई। इसके बाद भी चीफ फार्मासिस्ट ने छह माह से अधिक समय तक इस सीरप की तरफ ध्यान नहीं दिया। अब जुलाई में मिलान के दौरान चीफ फार्मासिस्ट को सीरप एक्सपायर होने की जानकारी हुई।
विज्ञापन
इस पर सोमवार को अफसरों की नजर से बचाकर पूरी दवा की खेप को कूड़े में फिंकवा दिया गया। इधर एक हजार सीरप की खेप कूड़े के ढेर में पड़ी देखकर कुछ मरीजों ने स्वास्थ्य कर्मियों को बताया। इसके बाद प्रभारी को पूरे खेल की जानकारी हुई। जानकारों के अनुसार सीरप बर्बाद होने से करीब पचास हजार रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। (संवाद)
सीएचसी में तैनात चीफ फार्मासिस्ट रामशंकर गौतम के पास दवा के रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी है। समय रहते एक्सपायर के करीब वाली दवाओं की जानकारी देना उसका दायित्व है। खून बढ़ाने वाली सीरप चोरी छिपे कूड़े के ढेर में फेंकने की जानकारी मिली है। चीफ फार्मासिस्ट से स्पष्टीकरण तलब किया जा रहा है। जवाब आने के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रकरण से सीएमओ को भी अवगत कराया जाएगा।
- डॉ. आईएच खान, सीएचसी प्रभारी अकबरपुर।
आदेश की अवहेलना में माहिर है फार्मासिस्ट
कानपुर देहात। सीएचसी में तैनात चीफ फार्मासिस्ट अधिकारियों के आदेश की अवहेलना करता रहा है। चीफ फार्मासिस्ट ने पूर्व में स्थानांतरित एक कर्मी का चार्ज लेने के प्रभारी के आदेश को नहीं माना था। इस पर बाद में किसी अन्य को चार्ज दिया गया। इस मामले में सीएचसी प्रभारी डॉ. आईएच खान ने चीफ फार्मासिस्ट को नोटिस देकर स्पष्टीकरण तलब किया है। हालांकि नोटिस का जवाब चीफ फार्मासिस्ट ने अभी दिया नहीं है।
खून की कमी वाली महिलाओं के लिए रामबाण है सीरप
आयरन एंड फोलिक एसिड सीरप गर्भवती या कमजोर महिलाओं को दिया जाता है। चिकित्सक इसे किशोरी या फिर खून की कमी वाले पुरुष मरीजों को भी पीने की सलाह देते हैं। जिला अस्पताल की चिकित्सक आराधना ने बताया कि खून बढ़ाने वाले सीरप का परिणाम बेहद अच्छा है। रक्त अल्पता की शिकार महिलाओं के लिए यह रामबाण दवा है।
एएनएम को भी नहीं दी सीरप
आयरन एंड फोलिक एसिड सीरप खून की कमी की शिकार गर्भवती, महिलाओं व किशोरियों को एएनएम के जरिए वितरित की जाती है। चीफ फार्मासिस्ट को यह सीरप एएनएम को देनी चाहिए। साप्ताहिक टीकाकरण के दौरान जरूरतमंद मरीजों को सीरप का वितरण किया जा सकता था। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि चीफ फार्मासिस्ट ने सीरप की खेप दबाए रखी। सीएचसी में दवा काउंटर पर भी सीरप उपलब्ध नहीं कराई। इसकी वजह से ओपीडी में तैनात डॉक्टरों ने मरीजों को यह सीरप नहीं लिखा।