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लगा ‘दर्द करारा’, अस्पतालों में भी नहीं चल रहे बड़े नोट
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 09 Nov 2016 04:34 PM IST
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बड़े नोट न चलने से अस्पतालों में मरीजों-तीमारदारों की बढ़ी परेशानी
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कानपुर के अस्पतालों में बड़े नोट न चलने की वजह से लोगों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। पैथोलॉजी सेन्टर पर मरीज और तीमारदार लाइन लगाये खड़े हैं लेकिन 100 या इससे छोटे नोट देने वालों को ही दवाईयां और टेस्ट रिपोर्ट दी जा रही है। इसके अलावा कुछ मेडिकल स्टोर और जांच केंद्र संचालक डेबिट और एटीएम कार्ड से भुगतान ले रहे हैं।
सबसे बड़े सरकारी अस्पताल लाला लाजपत राय चिकित्सालय (हैलट) के यूजर चार्ज काउंटर पर बुधवार को एक हजार-पांच सौ के नोट नहीं लिये गए। हैलट के एसआईसी प्रो. आरसी गुप्ता ने कहा कि हम इलाज का पैसा नहीं लेते हैं। यूजर चार्ज के पैसे लेते हैं इसलिए खून की जांच, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, पर्चा बनवाने के लिए छोटे नोट ही स्वीकार किए जाएंगे।
उर्सला के सीएमएस डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि ओपीडी में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर हजार-पांच सौ के नोट नहीं लिए जाएंगे। अन्य जांच एमआरआई, सीटी स्कैन के लिए रुपये लिए जाएंगे।
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सबसे बड़े सरकारी अस्पताल लाला लाजपत राय चिकित्सालय (हैलट) के यूजर चार्ज काउंटर पर बुधवार को एक हजार-पांच सौ के नोट नहीं लिये गए। हैलट के एसआईसी प्रो. आरसी गुप्ता ने कहा कि हम इलाज का पैसा नहीं लेते हैं। यूजर चार्ज के पैसे लेते हैं इसलिए खून की जांच, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, पर्चा बनवाने के लिए छोटे नोट ही स्वीकार किए जाएंगे।
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उर्सला के सीएमएस डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि ओपीडी में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर हजार-पांच सौ के नोट नहीं लिए जाएंगे। अन्य जांच एमआरआई, सीटी स्कैन के लिए रुपये लिए जाएंगे।
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