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Kanpur News: पावर प्लांट की जमीन पर 15 साल में एक ईंट न रखी, कर्ज करोड़ों का ले लिया, आवंटन रद्द
Thu, 27 Aug 2026 02:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 27 Aug 2026 02:09 AM IST
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कानपुर देहात। भोगनीपुर तहसील के चपरघटा में पावर प्लांट लगाने के लिए दो कंपनियों को दी गई 944 हेक्टेयर जमीन का आवंटन राज्य सरकार ने रद्द कर कर दिया है। राज्यपाल की अनुमति के बाद अब यह जमीन ऊर्जा विभाग और राज्य सरकार के नाम दर्ज की जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। जमीन दिए जाने के 15 साल बाद भी काम न शुरू होने पर ये निर्णय लिया गया है।
वर्ष 2011 में 1320 मेगावॉट क्षमता के थर्मल पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए मैसर्स लैंको अनपरा पावर लिमिटेड को भोगनीपुर तहसील के ग्राम कृपालपुर, चपरघटा, रसूलपुर भुरण्डा और भरतौली में 90.3260 हेक्टेयर पट्टा भूमि तथा 285.0524 हेक्टेयर अधिग्रहीत निजी भूमि मिलाकर कुल 375.378 हेक्टेयर जमीन दी गई थी।
वहीं, मैसर्स हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड को ग्राम अमिलिया, सिहारी, कछगांव और चपरघटा में 217.813 हेक्टेयर पट्टा भूमि तथा 350.838 हेक्टेयर अधिग्रहीत निजी भूमि मिलाकर कुल 568.651 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई गई थी। दोनों कंपनियों ने 15 साल बाद भी मौके पर कोई काम शुरू नहीं किया। जमीन आज भी खाली पड़ी है।
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इधर, कंपनियों ने बिना अनुमति जमीनों को बैंकों में गिरवी रख करोड़ों रुपये का ऋण ले लिया। इस मामले की जानकारी पर भोगनीपुर तहसीलदार ने प्राथमिकी दर्ज कराई। एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं जिला प्रशासन मामले की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज चुका है। साथ ही नोटिस जारी कर कंपनियों से जवाब मांगा गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कंपनियों द्वारा जान-बूझकर काम न करने, सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाने और नोटिस का जवाब न देने के कारण 25 अगस्त को अपर मुख्य सचिव डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अंतिम आदेश निर्गत कर दिया।
आदेश में राज्यपाल की अनुमति से पूरी 944.029 हेक्टेयर जमीन को ऊर्जा विभाग में वापस निहित करने के लिए कहा गया। साथ ही, आदेश की प्रति कानपुर देहात जिलाधिकारी को भेजकर यह निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल राजस्व अभिलेखों (खतौनी) में इस पूरी जमीन को ऊर्जा विभाग व राज्य सरकार के नाम अंकित कराने की नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करें। जमीन खतौनी में दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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तत्कालीन भू-अध्याप्ति एडीएम, कंपनी और बैंक अधिकारियों पर दर्ज है प्राथमिकी
कानपुर देहात। जमीन को लेकर धोखाधड़ी किए जाने के मामले की जानकारी होने पर भोगनीपुर तहसीलदार प्रिया सिंह ने 11 मई को मूसानगर थाने में तत्कालीन अपर जिलाधिकारी भू अध्याप्ति कानपुर नगर ओके सिंह, उनके विभाग के कर्मचारी, हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसीडेंट एम. नरसिंह मूर्ति, लैंको अनपरा पॉवर लिमिटेड के थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट के अधिकारी, कर्मचारी निवासी उद्योग विहार फेज-3 गुरुग्राम हरियाणा, पंजाब नेशनल शाखा मंडल शस्त केंद्र गुरुग्राम, केनरा बैंक शाखा,आईडीबीआई बैंक शाखा के अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, साजिश आदि धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि कंपनियों ने फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। उन्होंने समझौते की शर्तों का उल्लंघन करते हुए राज्य सरकार की अनुमति के बिना भूमि को बैंकों में बंधक बना दिया। इस तरह से इन कंपनियों ने राज्य सरकार को 300 से 400 करोड़ की क्षति पहुंचाई। (संवाद)
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अनुबंध शर्तों का किया उल्लंघन
पावर प्लांट लगाने के लिए जब दोनों कंपनियों को जमीन का अनुबंध किया गया था। उस समय उक्त अनुबंध की शर्त संख्या-8 में उल्लेख किया गया है कि कंपनियों को जमीन का कब्जा मिलने के तीन साल के भीतर पावर प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा करना था। कंपनियों ने पावर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य आज तक शुरू ही नहीं किया। अनुबंध में साफ लिखा था कि कंपनियां राज्य सरकार की अनुमति के बिना जमीन को किसी को बेच नहीं सकतीं, न ही लीज पर दे सकती हैं और न ही गिरवी रख सकती हैं। इसके बावजूद मैसर्स हिमावत पावर ने बिना किसी अनुमति के जमीन को आईडीबीआई बैंक में बंधक रख दिया। वहीं, मैसर्स लैंको अनपरा पावर ने भी सरकार को बिना बताए जमीन को केनरा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में गिरवी रख दिया। कंपनियों ने इस संबंध में ऊर्जा विभाग को कोई पत्र नहीं भेजा और न ही शासन से कोई अनुमति ली।
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25 मई को कंपनियों को जारी किया नोटिस, नहीं मिला जवाब
जमीन घोटाले में प्रशासन की ओर से दोनों कंपनियों को 25 मई 2026 को नोटिस जारी किया गया था। यह नोटिस कंपनियों के रजिस्टर्ड पते और ईमेल पर भेजा गया। जो कंपनियों को प्राप्त भी हो गया। इसमें कंपनियों से 15 दिन के अंदर जवाब मांगा गया था। इसके बावजूद निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कंपनियों की तरफ से कोई स्पष्टीकरण या उत्तर उपलब्ध नहीं कराया गया।
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पुनर्ग्रहीत 308.139 हेक्टेयर जमीन ग्राम सभा में हो चुकी दर्ज
भोगनीपुर तहसील के चपरघटा के पास पावर प्लांट के लिए ग्राम समाज की दी गई जमीन राजस्व अभिलेखों में ग्राम सभा में दर्ज हो चुकी है। इसके लिए संबंधित जमीन पर सूचना बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं। जिला प्रशासन के अनुसार हिमावत पावर लिमिटेड की कुल 568.561 हेक्टेयर जमीन में से 217.813 हेक्टेयर (पुनर्ग्रहीत भूमि) और लैंको अनपरा पावर लिमिटेड की कुल 375.378 हेक्टेयर में से 90.3260 हेक्टअर (पुनर्ग्रहीत भूमि) को मिलाकर 308.139 हेक्टेयर जमीन ग्राम सभा के पक्ष में राजस्व अभिलेखों में दर्ज की जा चुकी है।
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बयान...
राज्यपाल की अनुमति के बाद दोनों कंपनियों को आवंटित 944 हेक्टेयर जमीन का आवंटन रद्द कर उसे सरकार के पक्ष में दर्ज करने का अपर मुख्य सचिव ऊर्जा से निर्देश मिला है। शासन से मिले निर्देश पर जमीन को अनुबंध को निरस्त करके अधिग्रहीत जमीन ऊर्जा विभाग, राज्य सरकार के नाम दर्ज कर दी गई है। - कपिल सिंह, जिलाधिकारी
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वर्ष 2011 में 1320 मेगावॉट क्षमता के थर्मल पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए मैसर्स लैंको अनपरा पावर लिमिटेड को भोगनीपुर तहसील के ग्राम कृपालपुर, चपरघटा, रसूलपुर भुरण्डा और भरतौली में 90.3260 हेक्टेयर पट्टा भूमि तथा 285.0524 हेक्टेयर अधिग्रहीत निजी भूमि मिलाकर कुल 375.378 हेक्टेयर जमीन दी गई थी।
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वहीं, मैसर्स हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड को ग्राम अमिलिया, सिहारी, कछगांव और चपरघटा में 217.813 हेक्टेयर पट्टा भूमि तथा 350.838 हेक्टेयर अधिग्रहीत निजी भूमि मिलाकर कुल 568.651 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई गई थी। दोनों कंपनियों ने 15 साल बाद भी मौके पर कोई काम शुरू नहीं किया। जमीन आज भी खाली पड़ी है।
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इधर, कंपनियों ने बिना अनुमति जमीनों को बैंकों में गिरवी रख करोड़ों रुपये का ऋण ले लिया। इस मामले की जानकारी पर भोगनीपुर तहसीलदार ने प्राथमिकी दर्ज कराई। एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं जिला प्रशासन मामले की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज चुका है। साथ ही नोटिस जारी कर कंपनियों से जवाब मांगा गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कंपनियों द्वारा जान-बूझकर काम न करने, सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाने और नोटिस का जवाब न देने के कारण 25 अगस्त को अपर मुख्य सचिव डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अंतिम आदेश निर्गत कर दिया।
आदेश में राज्यपाल की अनुमति से पूरी 944.029 हेक्टेयर जमीन को ऊर्जा विभाग में वापस निहित करने के लिए कहा गया। साथ ही, आदेश की प्रति कानपुर देहात जिलाधिकारी को भेजकर यह निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल राजस्व अभिलेखों (खतौनी) में इस पूरी जमीन को ऊर्जा विभाग व राज्य सरकार के नाम अंकित कराने की नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करें। जमीन खतौनी में दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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तत्कालीन भू-अध्याप्ति एडीएम, कंपनी और बैंक अधिकारियों पर दर्ज है प्राथमिकी
कानपुर देहात। जमीन को लेकर धोखाधड़ी किए जाने के मामले की जानकारी होने पर भोगनीपुर तहसीलदार प्रिया सिंह ने 11 मई को मूसानगर थाने में तत्कालीन अपर जिलाधिकारी भू अध्याप्ति कानपुर नगर ओके सिंह, उनके विभाग के कर्मचारी, हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसीडेंट एम. नरसिंह मूर्ति, लैंको अनपरा पॉवर लिमिटेड के थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट के अधिकारी, कर्मचारी निवासी उद्योग विहार फेज-3 गुरुग्राम हरियाणा, पंजाब नेशनल शाखा मंडल शस्त केंद्र गुरुग्राम, केनरा बैंक शाखा,आईडीबीआई बैंक शाखा के अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, साजिश आदि धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि कंपनियों ने फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। उन्होंने समझौते की शर्तों का उल्लंघन करते हुए राज्य सरकार की अनुमति के बिना भूमि को बैंकों में बंधक बना दिया। इस तरह से इन कंपनियों ने राज्य सरकार को 300 से 400 करोड़ की क्षति पहुंचाई। (संवाद)
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अनुबंध शर्तों का किया उल्लंघन
पावर प्लांट लगाने के लिए जब दोनों कंपनियों को जमीन का अनुबंध किया गया था। उस समय उक्त अनुबंध की शर्त संख्या-8 में उल्लेख किया गया है कि कंपनियों को जमीन का कब्जा मिलने के तीन साल के भीतर पावर प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा करना था। कंपनियों ने पावर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य आज तक शुरू ही नहीं किया। अनुबंध में साफ लिखा था कि कंपनियां राज्य सरकार की अनुमति के बिना जमीन को किसी को बेच नहीं सकतीं, न ही लीज पर दे सकती हैं और न ही गिरवी रख सकती हैं। इसके बावजूद मैसर्स हिमावत पावर ने बिना किसी अनुमति के जमीन को आईडीबीआई बैंक में बंधक रख दिया। वहीं, मैसर्स लैंको अनपरा पावर ने भी सरकार को बिना बताए जमीन को केनरा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में गिरवी रख दिया। कंपनियों ने इस संबंध में ऊर्जा विभाग को कोई पत्र नहीं भेजा और न ही शासन से कोई अनुमति ली।
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25 मई को कंपनियों को जारी किया नोटिस, नहीं मिला जवाब
जमीन घोटाले में प्रशासन की ओर से दोनों कंपनियों को 25 मई 2026 को नोटिस जारी किया गया था। यह नोटिस कंपनियों के रजिस्टर्ड पते और ईमेल पर भेजा गया। जो कंपनियों को प्राप्त भी हो गया। इसमें कंपनियों से 15 दिन के अंदर जवाब मांगा गया था। इसके बावजूद निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कंपनियों की तरफ से कोई स्पष्टीकरण या उत्तर उपलब्ध नहीं कराया गया।
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पुनर्ग्रहीत 308.139 हेक्टेयर जमीन ग्राम सभा में हो चुकी दर्ज
भोगनीपुर तहसील के चपरघटा के पास पावर प्लांट के लिए ग्राम समाज की दी गई जमीन राजस्व अभिलेखों में ग्राम सभा में दर्ज हो चुकी है। इसके लिए संबंधित जमीन पर सूचना बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं। जिला प्रशासन के अनुसार हिमावत पावर लिमिटेड की कुल 568.561 हेक्टेयर जमीन में से 217.813 हेक्टेयर (पुनर्ग्रहीत भूमि) और लैंको अनपरा पावर लिमिटेड की कुल 375.378 हेक्टेयर में से 90.3260 हेक्टअर (पुनर्ग्रहीत भूमि) को मिलाकर 308.139 हेक्टेयर जमीन ग्राम सभा के पक्ष में राजस्व अभिलेखों में दर्ज की जा चुकी है।
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बयान...
राज्यपाल की अनुमति के बाद दोनों कंपनियों को आवंटित 944 हेक्टेयर जमीन का आवंटन रद्द कर उसे सरकार के पक्ष में दर्ज करने का अपर मुख्य सचिव ऊर्जा से निर्देश मिला है। शासन से मिले निर्देश पर जमीन को अनुबंध को निरस्त करके अधिग्रहीत जमीन ऊर्जा विभाग, राज्य सरकार के नाम दर्ज कर दी गई है। - कपिल सिंह, जिलाधिकारी