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उत्तर से दक्षिण तक पानी का संकट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Apr 2016 01:23 AM IST
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पालिका स्टेडियम के गेट के सामने लीक हुई पाइप लाइन
- फोटो : amarujala
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कानपुर। पारे के साथ ही गुरुवार को सिटी के साथ साउथ में भी पेयजल संकट बढ़ गया। बेनाझाबर-बैराज पाइप लाइन में फिर दो लीकेज और नहर में पानी कम होने से पानी के लिए त्राहि - त्राहि मची रही। लगभग आठ लाख लोग प्रभावित रहे।
जल निगम ने बैराज से बेनाझाबर वाॅटर वर्क्स तक बिछी पाइप लाइन को पांच दिन में ठीक कर 27 अप्रैल को जलापूर्ति शुरू की गई, पर देर शाम ही इस लाइन में बृजेंद्र स्वरूप पार्क में पालिका स्टेडियम गेट के बगल और वहां से मेन रोड की तरफ 50 कदम दूर पाइप लाइन में लीकेज हो गए। जमीन से पानी निकलकर मैदान में फैलने लगा। इसका पता चलते ही जल निगम ने रात में ही इस लाइन से बेनाझाबर वाॅटर वर्क्स को पानी देना बंद कर दिया। जलकल विभाग ने भैरोघाट पंपिंग स्टेशन और लोअर गंगा कैनाल से मिले 25 करोड लीटर पानी को ही ट्रीट करके सुबह और शाम को जलापूर्ति की, पर वाॅटर वर्क्स के आसपास के मोहल्लों में नलों से लो-प्रेशर से पानी आया, वह भी पौन घंटे में ही चला गया, जबकि दूर के मोहल्लों में पानी ही नहीं पहुंचा। इससे पानी के लिए त्राहि - त्राहि मची रही। लगभग पांच लाख लोग प्रभावित रहे। बूंद - बूंद पानी को तरस रहे लोगों की मांग पर जलकल विभाग को रामबाग, फहीमबाद, हलीम पुलिस चौकी के पास, पेचबाग चौराहा, दर्शनपुुरवा चौराहा, पुरानी दाल मंडी, परेड ग्राउंड, नयापुरवा आदि मोहल्लों में पानी के टैंकर भेजने पड़े। गिलीश बाजार, गांधी नगर, कुलीबाजार, सुतरखाना, परेड सहित 30 से ज्यादा मोहल्लों में लोग हैंडपंपों पर लाइन लगाकर पानी भरने के लिए मजबूर रहे।
उधर, लोअर गंगा कैनाल में पानी घटने से 27 अप्रैल की रात में साउथ सिटी में स्थित गुजैनी वाॅटर वर्क्स को पानी नहीं मिला। दबौली के ओमी, संजीव सिंह आदि ने बताया कि सुबह कुछ देर के लिए नल आया, तीन - चार बाल्टी पानी ही भर पाया, पर तब तक नल चले गए। गुजैनी, दबौली, रतनलाल नगर, बरा में भी यही हालत रही, जबकि उस्मानपुर, जूही, सफेद कालोनी, निराला नगर, साकेत नगर, किदवई नगर आदि मोहल्लों में सुबह नल सूखे रहे। पानी की कमी से इस वाॅटर वर्क्स में बना जल निगम का 2.5 करोड़ लीटर क्षमता का वाॅटर वर्क्स नहीं चल पाया। लगभग तीन लाख लोगों को जलसंकट का सामना करना पड़ा। इसका पता चलते ही जलकल विभाग के जीएम ने गुजैनी वाटर वर्क्स पहुंचकर स्थिति देखी। उन्होंने सिंचाई विभाग के अफसरों से बात की, तब दोपहर में नहर में पानी छोड़ा गया। इससे शाम को भी कम जलापूर्ति हो पाई।
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जल निगम ने बैराज से बेनाझाबर वाॅटर वर्क्स तक बिछी पाइप लाइन को पांच दिन में ठीक कर 27 अप्रैल को जलापूर्ति शुरू की गई, पर देर शाम ही इस लाइन में बृजेंद्र स्वरूप पार्क में पालिका स्टेडियम गेट के बगल और वहां से मेन रोड की तरफ 50 कदम दूर पाइप लाइन में लीकेज हो गए। जमीन से पानी निकलकर मैदान में फैलने लगा। इसका पता चलते ही जल निगम ने रात में ही इस लाइन से बेनाझाबर वाॅटर वर्क्स को पानी देना बंद कर दिया। जलकल विभाग ने भैरोघाट पंपिंग स्टेशन और लोअर गंगा कैनाल से मिले 25 करोड लीटर पानी को ही ट्रीट करके सुबह और शाम को जलापूर्ति की, पर वाॅटर वर्क्स के आसपास के मोहल्लों में नलों से लो-प्रेशर से पानी आया, वह भी पौन घंटे में ही चला गया, जबकि दूर के मोहल्लों में पानी ही नहीं पहुंचा। इससे पानी के लिए त्राहि - त्राहि मची रही। लगभग पांच लाख लोग प्रभावित रहे। बूंद - बूंद पानी को तरस रहे लोगों की मांग पर जलकल विभाग को रामबाग, फहीमबाद, हलीम पुलिस चौकी के पास, पेचबाग चौराहा, दर्शनपुुरवा चौराहा, पुरानी दाल मंडी, परेड ग्राउंड, नयापुरवा आदि मोहल्लों में पानी के टैंकर भेजने पड़े। गिलीश बाजार, गांधी नगर, कुलीबाजार, सुतरखाना, परेड सहित 30 से ज्यादा मोहल्लों में लोग हैंडपंपों पर लाइन लगाकर पानी भरने के लिए मजबूर रहे।
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उधर, लोअर गंगा कैनाल में पानी घटने से 27 अप्रैल की रात में साउथ सिटी में स्थित गुजैनी वाॅटर वर्क्स को पानी नहीं मिला। दबौली के ओमी, संजीव सिंह आदि ने बताया कि सुबह कुछ देर के लिए नल आया, तीन - चार बाल्टी पानी ही भर पाया, पर तब तक नल चले गए। गुजैनी, दबौली, रतनलाल नगर, बरा में भी यही हालत रही, जबकि उस्मानपुर, जूही, सफेद कालोनी, निराला नगर, साकेत नगर, किदवई नगर आदि मोहल्लों में सुबह नल सूखे रहे। पानी की कमी से इस वाॅटर वर्क्स में बना जल निगम का 2.5 करोड़ लीटर क्षमता का वाॅटर वर्क्स नहीं चल पाया। लगभग तीन लाख लोगों को जलसंकट का सामना करना पड़ा। इसका पता चलते ही जलकल विभाग के जीएम ने गुजैनी वाटर वर्क्स पहुंचकर स्थिति देखी। उन्होंने सिंचाई विभाग के अफसरों से बात की, तब दोपहर में नहर में पानी छोड़ा गया। इससे शाम को भी कम जलापूर्ति हो पाई।
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