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Kanpur News: न कोर्ट, न खिलाड़ी, अपने आप ढेर हुई कबड्डी
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कानपुर। एशियाई कबड्डी चैंपियनशिप में भारत आठ बार चैंपियन बना है। अंतिम बार वर्ष 2023 में भारत ने ईरान को हराकर खिताब अपने नाम किया था। लेकिन, शहर के ग्रीनपार्क स्टेडियम में अभ्यास के लिए न कोर्ट और न ही कोच होने से कबड्डी चारों खाने चित हो गई है। वर्ष 2019 से पहले यहां पर 50 से अधिक कबड्डी खिलाड़ी थे, इसमें बालक व बालिका दोनों ही अभ्यास करते थे। वर्तमान में कबड्डी कोर्ट के स्थान पर इनडोर क्रिकेट ने ले ली है। कोच न होने से खिलाड़ी भी यहां से पलायन कर गए हैं।
ग्रीनपार्क स्टेडियम में वर्ष 2015 में अलग से कोई कबड्डी कोर्ट नहीं था। अभ्यास और प्रतियोगिता के दौरान मैदान में एक स्थान पर लाइन खींच कर और पानी डालकर मैच करा दिया जाता था। इसके बाद वर्ष 2017 में इनडोर कोर्ट का निर्माण किया गया और यहां पर दो वर्षों में राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी प्रतियोगिताओं के साथ-साथ कई प्रायोजक कबड्डी लीग का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। वर्ष 2019 में कोरोना काल में बंद हुआ कबड्डी कोर्ट फिर नहीं खुल सका।
कोरोना काल के बाद पूर्व कोच पूनम यादव प्रयागराज चली गईं। कोच के अभाव में एक साल तक तो कई खिलाड़ियों ने स्टेडियम में अभ्यास किया, लेकिन वर्ष 2023 में इनडोर विकेट के लिए काम प्रारंभ हुआ, जो वर्ष 2024 में पूरा हो गया। ऐसे में कोर्ट नहीं होने से खिलाड़ी अभ्यास भी नहीं कर पाते थे और खेल विभाग की ओर से कबड्डी के कोच की भी नियुक्ति नहीं की गई है। इससे खिलाड़ियों ने ग्रीनपार्क स्टेडियम से अन्य स्थानों पर चले गए।
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एक महीने पहले ग्रीनपार्क के आरएसओ को इस संबंध में पत्र देकर कोर्ट बनवाने और कोच रखने की मांग भी की गई थी। अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। - वीर सिंह गहलोत, संरक्षक कानपुर कबड्डी संघ
प्रदेश में सौ कोचों की नियुक्त होने वाली है, ऐसे में कबड्डी के लिए कोच की मांग की जाएगी। साथ ही कोर्ट बनवाने के लिए प्रस्ताव भी दिया जाएगा। ग्रीनपार्क में अधिकतर हिस्सा यूपीसीए और क्रिकेट परिक्षेत्र में है। एडीएम कानपुर के समक्ष प्रस्ताव रखा गया है, ताकि अन्य खेलों को प्राथमिकता मिल सके।
-विजय कुमार, आरएसओ, ग्रीनपार्क स्टेडियम।
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ग्रीनपार्क स्टेडियम में वर्ष 2015 में अलग से कोई कबड्डी कोर्ट नहीं था। अभ्यास और प्रतियोगिता के दौरान मैदान में एक स्थान पर लाइन खींच कर और पानी डालकर मैच करा दिया जाता था। इसके बाद वर्ष 2017 में इनडोर कोर्ट का निर्माण किया गया और यहां पर दो वर्षों में राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी प्रतियोगिताओं के साथ-साथ कई प्रायोजक कबड्डी लीग का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। वर्ष 2019 में कोरोना काल में बंद हुआ कबड्डी कोर्ट फिर नहीं खुल सका।
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कोरोना काल के बाद पूर्व कोच पूनम यादव प्रयागराज चली गईं। कोच के अभाव में एक साल तक तो कई खिलाड़ियों ने स्टेडियम में अभ्यास किया, लेकिन वर्ष 2023 में इनडोर विकेट के लिए काम प्रारंभ हुआ, जो वर्ष 2024 में पूरा हो गया। ऐसे में कोर्ट नहीं होने से खिलाड़ी अभ्यास भी नहीं कर पाते थे और खेल विभाग की ओर से कबड्डी के कोच की भी नियुक्ति नहीं की गई है। इससे खिलाड़ियों ने ग्रीनपार्क स्टेडियम से अन्य स्थानों पर चले गए।
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एक महीने पहले ग्रीनपार्क के आरएसओ को इस संबंध में पत्र देकर कोर्ट बनवाने और कोच रखने की मांग भी की गई थी। अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। - वीर सिंह गहलोत, संरक्षक कानपुर कबड्डी संघ
प्रदेश में सौ कोचों की नियुक्त होने वाली है, ऐसे में कबड्डी के लिए कोच की मांग की जाएगी। साथ ही कोर्ट बनवाने के लिए प्रस्ताव भी दिया जाएगा। ग्रीनपार्क में अधिकतर हिस्सा यूपीसीए और क्रिकेट परिक्षेत्र में है। एडीएम कानपुर के समक्ष प्रस्ताव रखा गया है, ताकि अन्य खेलों को प्राथमिकता मिल सके।
-विजय कुमार, आरएसओ, ग्रीनपार्क स्टेडियम।