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अब कानपुर की टेनरियां राम भरोसे, जब मुख्यमंत्री आश्वस्त होंगे तभी खुलेंगी
Tue, 26 Mar 2019 10:37 AM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 26 Mar 2019 10:37 AM IST
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फाइल फोटो
कानपुर में टेनरियों की बंदी और नालों को सील करने के बाद महानगर की गंगा का जल तो साफ हो गया लेकिन जाजमऊ की बंद पड़ी टेनरियों को खोलने का रास्ता अभी साफ होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं।
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद टेनरियों का ताला खुलवाएंगे। रविवार को शासन की टीम दुबारा टेनरियों की जांच करने जाजमऊ पहुंची। इस दौरान टीम ने जल निगम अधिकारियों से भी पूछताछ की।
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माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद टेनरियों का ताला खुलवाएंगे। रविवार को शासन की टीम दुबारा टेनरियों की जांच करने जाजमऊ पहुंची। इस दौरान टीम ने जल निगम अधिकारियों से भी पूछताछ की।
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बताया जा रहा है कि एक सप्ताह पहले जब यह टीम आई थी, उस समय ट्रीटमेंट प्लांट की जांच की गई थी। प्लांट में मौजूद प्रदूषित पानी का सैंपल भी टीम अपने साथ लेकर गई थी। उसी कड़ी में यह अगली जांच थी।
अभी यह तय नहीं है कि टेनरियों को खोलने से पहले कितनी और जांच की जाएगी। यह पूरा मामला क्याेंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे देख रहे हैं, ऐसे में शासन भी इस मामले में कुछ भी कहने और करने से हिचक रहा है।
अभी यह तय नहीं है कि टेनरियों को खोलने से पहले कितनी और जांच की जाएगी। यह पूरा मामला क्याेंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे देख रहे हैं, ऐसे में शासन भी इस मामले में कुछ भी कहने और करने से हिचक रहा है।
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पिछले दिनों टेनरी संचालकों से लखनऊ में मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा था कि उन्होंने खुद गंगा में नालोें के जरिए कचरा गिरते हुए देखा था। इसी वजह से शासन स्तर से जो टीम जांच के लिए बनाई गई है, वह किसी भी तरह की कसर नहीं छोड़ना चाहती है।
शासन को पता है कि यदि जांच में किसी भी तरह की कोताही हुई तो अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी घनश्याम ने बताया कि टीम ने जल निगम से जुड़े अधिकारियों से नालों को सीज करने संबंधी जानकारी ली। जांच टीम अपनी रिपोर्ट पर्यावरण मंत्रालय के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय का सौंपेगी। इसके बाद तय होगा कि टेनरियों का क्या होगा।
शासन को पता है कि यदि जांच में किसी भी तरह की कोताही हुई तो अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी घनश्याम ने बताया कि टीम ने जल निगम से जुड़े अधिकारियों से नालों को सीज करने संबंधी जानकारी ली। जांच टीम अपनी रिपोर्ट पर्यावरण मंत्रालय के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय का सौंपेगी। इसके बाद तय होगा कि टेनरियों का क्या होगा।