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Kanpur News: एक जनवरी 2026 से नोएडा में शुरू हो जाएगा रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी का नया कार्यालय, सीएस-सीए को लगाने पड़ेंगे नोएडा के चक्कर

Sat, 01 Nov 2025 02:31 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 01 Nov 2025 02:31 AM IST
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New office of Registrar of Companies will start in Noida from January 1, 2026, CS-CA will have to make rounds of Noida.
कानपुर। कारपोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) ने उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ (आरओसी) कार्यालय को दो भागों में बांटने का निर्णय लिया है। दूसरा नया कार्यालय नोएडा में शुरू किया जाएगा। इस संबंध में 23 अक्तूबर को अधिसूचना जारी की गई है। नोएडा का नया कार्यालय एक जनवरी 2026 से संचालित होगा। हालांकि नई व्यवस्था को शहर के कंपनी सचिव सीएस ने अनुचित बताया है। उनका कहना है कि इससे शहर के सीएस और सीए को नोएडा के चक्कर काटने पड़ेंगे।
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आरओसी कानपुर में प्रदेश की 2.5 लाख कंपनियों का पंजीकरण हैं। कंपनियों के पंजीकरण में प्रदेश में कानपुर का तीसरा स्थान है। शहर में 20 हजार के करीब कंपनियों का पंजीकरण है। पहले स्थान पर नोएडा और लखनऊ दूसरे स्थान पर है। पहले पूरे उत्तर प्रदेश की कंपनियों का काम कानपुर आरओसी के अधीन होता था। अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संबंधित जिलों की कंपनियां नोएडा आरओसी के अधिकार क्षेत्र में कर दी गई हैं। इस निर्णय से व्वाहारिक चुनौतियां सामने आ सकेंगी। विभाजन के बाद कानपुर के दायरे में मुख्यता मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश रहेगा जहां औद्योगिक इकाइयां सीमित हैं। इससे कानपुर आरओसी का कार्यभार और प्रभाव दोनों घट सकते हैं जो कंपनी सचिव, चार्टर्ड एकाउंटेंट कानपुर में रहकर पश्चिमी यूपी की कंपनियों को सेवाएं देते हैं अब उन्हें बार-बार नोएडा आरओसी से समन्वय करना पड़ेगा जिससे समय और संसाधनों की खपत बढ़ेगी। विभाजन के साथ नई टीम, नए अधिकारी और नई कार्यपद्धति आएगी। जब तक दोनों कार्यालयों के बीच स्पष्ट संवाद व्यवस्था नहीं बनती। तब तक भ्रम और गलत फाइलिग की आशंका बनी रहेगी।
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आरओसी कानपुर में इन जिलों का होगा कामकाज
कानपुर नगर, आंबेडकरनगर, अमेठी, अमरोहा, औरैया, अयोध्या, आज़मगढ़, बदायूं, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, भदोही, बिजनौर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हमीरपुर, हरदोई, जौनपुर, जालौन, झांसी, कौशांबी, कन्नौज, कानपुर देहात, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, लखनऊ, महाराजगंज, महोबा, मऊ, मिर्ज़ापुर, मुरादाबाद, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संभल, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थ नगर, सीतापुर, सोनभद्र, सुल्तानपुर, उन्नाव और वाराणसी।
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आरओसी नोएडा में इन जिलों का होगा कामकाज:
आगरा, अलीगढ़, बागपत, बुलंदशहर, एटा, फिरोजाबाद, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, हाथरस, कासगंज, मैनपुरी, मथुरा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली।
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बातचीत
कानपुर से किसी भी जिले की दूरी ज्यादा नहीं है और आरओसी कानपुर में 2,50,000 कंपनियां पंजीकृत हैं जो बहुत अधिक संख्या नहीं है फिर भी उत्तर प्रदेश आरओसी कार्यालय को दो भागों में विभाजित करना उचित नहीं है। इसका कोई औचित्य नहीं था। पूर्व में कार्यालय शिफ्ट न करने के लिए एमसीए को पत्र भेजा गया था। - सीएस, आदेश टंडन, चेयरमैन, कॉरपोरेट कमेटी, मर्चेंट चैंबर आफ उत्तर प्रदेश।
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कुछ समय पहले आरओसी कार्यालय कानपुर को शिफ्ट करने की बात कही जा रही थी। अब इसे दो भागों में विभाजित करने की अधिसूचना जारी की गई है। कानपुर में तमाम सीएस और सीए नोएडा की भी कंपनियों का कामकाज शहर से देखते हैं। अब उन्हें वहां पर जाना पड़ेगा। अतिरिक्त भार पड़ेगा। - सीएस, वैभव अग्निहोत्री, पूर्व अध्यक्ष, कानपुर चैप्टर, भारतीय कंपनी सचिव संस्थान।

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कानपुर के प्रोफेशनल्स को व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कंपनियां नोएडा कार्यालय के अधीन होंगी जिससे कानपुर के दायरे में औद्योगिक क्षेत्र सीमित हो जाएगा। डाटा ट्रांसफर और नए कार्यक्षेत्र को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति बन सकती है। - सीएस कौशल सक्सेना।
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