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नई विधि वैस्कुलर इंटरवेंशन ने दी राहत: नसों में गल जाएगा खूून का थक्का, आपरेशन की जरूरत नहीं

Sun, 26 Dec 2021 08:55 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 26 Dec 2021 08:55 PM IST
सार

जेम्स कॉन में दिल्ली से आए यूरोलॉजिस्ट डॉ. अतुल अग्रवाल ने प्रजेंटेशन में बताया कि जिन महिलाओं की मांसपेशियां कमजोर पड़ने के कारण छींक आने, हंसने आदि क्रियाओं में पेशाब छूटने की समस्या रहती है, उसे एक इम्प्लांट लगाकर दूर किया जा सकता है।

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New method of vascular intervention gave relief
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

खून का थक्का मस्तिष्क में जमे या फिर पेट, फेफड़े और किसी अंग में। वैस्कुलर इंटरवेंशन से इसे उसी जगह गलाया जा सकता है। इसी विधि से लेजर के जरिये गांठों को भी गलाया जा सकता है। दिल्ली से आए जीएसवीएम मेडिकल कालेज के पुरातन छात्र और वैस्कुलर इंटरवेंशन रेडियोलॉजी के विशेषज्ञ डॉ. सीपीएस चौहान ने जेम्स कॉन के मौके पर अपनी प्रस्तुति दी।
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बताया कि खून का थक्का निकालने के लिए अब सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती। कोरोना संक्रमण के कारण फेफड़ों की नलियों में जमा खून का थक्का गलाकर रोगियों की जान बचा ली गई। जेम्स कॉन के मौके पर मेडिकल कालेज के ऑडिटोरियम में सतत शिक्षा कार्यक्रम (सीईई) का आयोजन किया गया।
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उन्होंने बताया कि अगर किसी की नस में कैंसर है तो उसके लिए आपरेशन की जरूरत नहीं है। गांठ में कट लगने से यह और तेजी से फैलने लगता है। इंडोस्कोपिक तरीके से गांठ को खून पहुंचाने वाली नसों को जला दिया जाता है या फिर ब्लॉक कर दिया जाता है। इससे खून गांठ तक नहीं पहुंचता और वह सूख जाती है। अभी इसमें इस्तेमाल होने वाला कैथिएटर महंगा है। इस विधि में लाख-डेढ़ लाख का खर्च आ जाता है। कैथिएटर के दाम घटने पर इलाज और सस्ता हो जाएगा।
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इम्प्लांट से पेशाब छूटना हो जाता बंद
जेम्स कॉन में दिल्ली से आए यूरोलॉजिस्ट डॉ. अतुल अग्रवाल ने प्रजेंटेशन में बताया कि जिन महिलाओं की मांसपेशियां कमजोर पड़ने के कारण छींक आने, हंसने आदि क्रियाओं में पेशाब छूटने की समस्या रहती है, उसे एक इम्प्लांट लगाकर दूर किया जा सकता है। इसके लिए ऑपरेशन नहीं करना पड़ता। इंडोस्कोपिक विधि से यह प्लांट लगा दिया जाता है। इसमें रोगी को अस्पताल में भर्ती नहीं रहना पड़ता। चीरा लगाने का भी झंझट नहीं है। पुरुषों में पेशाब छूटने की समस्या प्रोस्टेट के कारण होती है। इसे दवाओं से ठीक किया जा सकता है।
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