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जिला प्रशासन व कृषि विभाग की नई पहल, दो ट्रॉली पराली देने पर मिलेगी एक ट्रॉली गोबर की खाद
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गोशाला के लिए दान की गई पराली। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। पराली जलाने से रोकने के लिए अब जिले में अनूठी पहल शुरू की गई है। गोशाला के लिए पराली दान करने वाले किसानों को वहां से गोबर खाद निशुल्क दी जाएगी। दो ट्रॉली पराली देकर किसान एक ट्रॉली गोबर की खाद ले सकेंगे।
जिले में अब तक पराली जलाने के 36 मामले सामने आ चुके हैं। इन किसानों पर तहसील प्रशासन की ओर कार्रवाई की जा रही है। वहीं जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग की ओर से किसानों को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। पराली जलाने से मवेशियों के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो जाता है। ऐसे में किसानों से पराली गोशाला में दान करने की अपील की गई है।
किसान पराली दान कर भी रहे हैं। अब पराली के बदले गोबर की खाद देने की पहल की गई है। इसमें किसान पराली दान कर गोबर की खाद पा सकेंगे। यह गोबर की खाद खेत की उर्वरा शक्ति को बढ़ाएगी। इससे उत्पादन सुधरेगा। उ
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प निदेशक कृषि विनोद कुमार यादव ने बताया कि दो ट्रॉली फसल अवशेष/पराली के बदले एक ट्रॉली गोबर की खाद देने की व्यवस्था की गई है। किसान किसी भी गोशाला में पराली देकर गोबर की खाद ले सकते हैं। भोगनीपुर के किसान अब्दुल व अनीश मलिक ने अब तक पांस सौ क्विंटल पराली दान की है।
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जिले में अब तक पराली जलाने के 36 मामले सामने आ चुके हैं। इन किसानों पर तहसील प्रशासन की ओर कार्रवाई की जा रही है। वहीं जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग की ओर से किसानों को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। पराली जलाने से मवेशियों के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो जाता है। ऐसे में किसानों से पराली गोशाला में दान करने की अपील की गई है।
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किसान पराली दान कर भी रहे हैं। अब पराली के बदले गोबर की खाद देने की पहल की गई है। इसमें किसान पराली दान कर गोबर की खाद पा सकेंगे। यह गोबर की खाद खेत की उर्वरा शक्ति को बढ़ाएगी। इससे उत्पादन सुधरेगा। उ
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प निदेशक कृषि विनोद कुमार यादव ने बताया कि दो ट्रॉली फसल अवशेष/पराली के बदले एक ट्रॉली गोबर की खाद देने की व्यवस्था की गई है। किसान किसी भी गोशाला में पराली देकर गोबर की खाद ले सकते हैं। भोगनीपुर के किसान अब्दुल व अनीश मलिक ने अब तक पांस सौ क्विंटल पराली दान की है।