फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Neighbors will tell if the person is married or not married, strictness done to prevent irregularities in MSVY

UP: विवाह करने वाला शादीशुदा तो नहीं…बताएंगे पड़ोसी, MSVY में गड़बड़ी रोकने के लिए की गई सख्ती, पढ़ें अपडेट

Wed, 17 Jul 2024 11:19 AM IST
हिमांशु अवस्थी रजत यादव, अमर उजाला, कानपुर
रजत यादव, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 17 Jul 2024 11:19 AM IST
सार

Kanpur News: सामूहिक विवाह योजना में अब आवेदन करने वाले लड़का और लड़की के पास आधार लिंक मोबाइल नंबर होना जरूरी है। आवेदन के समय मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जिसके बाद ही आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

विज्ञापन
Neighbors will tell if the person is married or not married, strictness done to prevent irregularities in MSVY
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में गड़बड़ी रोकने के लिए सख्ती ज्यादा हो गई है। अब शादी का आवेदन करने वाले जोड़े का आधार लिंक कर मोबाइल पर ओटीपी से आवेदन की प्रक्रिया पूरी होगी। साथ ही ग्राम विकास अधिकारी की संस्तुति के अलावा जोड़े के छह पड़ोसियों से भी जानकारी जुटाई जाएगी, कि पात्र शादीशुदा तो नहीं है।

विज्ञापन

अनुदान के लिए फरवरी में सरसौल ब्लॉक में एक शादीशुदा जोड़े को सामूहिक विवाह में शामिल किया गया था। बिल्हौर ब्लाॅक में तीन बेटियां सामूहिक विवाह में शामिल होकर 10 हजार रुपये का उपहार और 35 हजार रुपये का चेक लेकर ससुराल न जाकर वापस अपने मायके चली गईं थीं। यह सब कवायद इस तरह की गड़बड़ियां रोकने के लिए की जा रही है।
विज्ञापन

इस बार सामूहिक विवाह योजना को लेकर कानपुर को 1918 जोड़ों की शादियों को लक्ष्य मिला है। वर्तमान में करीब 75 जोड़ों ने आवेदन कर रखा है। समाजकल्याण निदेशालय के अनुसार, जुलाई में 9, 11, 12, 13, 14 और 15 तारीख को सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाना था, लेकिन जिले में आवेदन कम होने के कारण विभाग शादी कराने का निर्णय नहीं ले पाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

35 हजार की राशि दुल्हन के खाते में भेजी जाती है
इसके बाद नवंबर और दिसंबर माह में शादी का मुहूर्त है। विभाग जुलाई के बाद इनके सत्यापन की प्रक्रिया शुरू करेगा। ग्राम विकास अधिकारी आवेदक घर जाकर सत्यापन करेंगे। इसके साथ ही छह पड़ोसियों से भी तस्दीक करेंगे। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद जोड़ों को सामूहिक विवाह योजना का लाभ देने की रिपोर्ट लगाएंगे। योजना में एक शादी पर 51 हजार रुपये खर्च होते हैं। इनमें से 35 हजार की राशि दुल्हन के खाते में भेजी जाती है। 10 हजार रुपये के उपहार और छह हजार अन्य खर्च के मद में होता है।

निदेशालय की टीम लेगी फीड बैक
सामूहिक विवाह योजना में अब आवेदन करने वाले लड़का और लड़की के पास आधार लिंक मोबाइल नंबर होना जरूरी है। आवेदन के समय मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जिसके बाद ही आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सात फेरे लेने वाले जोड़े सही है, इसकी पुष्टि के लिए समाज कल्याण विभाग ने लखनऊ में एक कमांड कार्यालय बनाया है, जहां से पूछताछ होगी कि शादी की गई है या नहीं। विभाग की तरफ से रुपये मिले या नहीं। उपहार में क्या-क्या मिला।

सामूहिक विवाह में पारदर्शिता लाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। पड़ोसियों की रिपोर्ट अहम होगी। कई जिलों में शादीशुदा जोड़े शामिल होने की शिकायतें आईं थीं। अब निदेशालय से वर और कन्या से फीड बैक लिया जाएगा।  -प्रशांत कुमार, समाज कल्याण निदेशक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed