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कोई चुरा न ले आपका आइडिया, इसलिए पेटेंट जरूर कराएं
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 06 Dec 2018 03:55 PM IST
सार
- आईआईटी में चल रही कार्यशाला में दी गई जानकारी
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आईआईटी कानपुर में कार्यशाला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आईआईटी कानपुर में इंटलैक्चुअल प्रॉपर्टी रेगुलेटरी एंड ग्रांट राइटिंग इन लाइफ साइंसेज विषय पर चल रही दो दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन छात्र-छात्राओं को पेटेंट के बारे में जानकारी दी गई। सिडबी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर के प्रभारी प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय ने बताया कि सभी को अपने शोध, इनोवेशन और आइडिया को सुरक्षित करना चाहिए।
इसके लिए पेटेंट कराना अनिवार्य है नहीं तो कोई भी आपकी सोच, शोध और इनोवेशन को चोरी कर सकता है। अगर आपसे पहले उसने पेटेंट करा दिया तो आप आप कभी उस पर अधिकार नहीं जता सकते।
कार्यशाला में कई स्टार्टअप कंपनियों के फाउंडर भी रहे। डॉ. विनीता जिंदल ने इंटलैक्चुअल प्रॉपर्टी की मूल नीतियों के बारे में बताया। आईपी एक्सेल बंगलूरू के निदेशक दिनकर अग्रवाल ने पेटेंट एनालिटिक्स एफटीओ एनालिसिस, स्ट्रेटजिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट की जानकारी दी। डॉ. शिरदेंदु मुखर्जी ने अनुसंधान प्रस्तावों एवं अनुदान लेखन पर जानकारी दी।
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इसके लिए पेटेंट कराना अनिवार्य है नहीं तो कोई भी आपकी सोच, शोध और इनोवेशन को चोरी कर सकता है। अगर आपसे पहले उसने पेटेंट करा दिया तो आप आप कभी उस पर अधिकार नहीं जता सकते।
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कार्यशाला में कई स्टार्टअप कंपनियों के फाउंडर भी रहे। डॉ. विनीता जिंदल ने इंटलैक्चुअल प्रॉपर्टी की मूल नीतियों के बारे में बताया। आईपी एक्सेल बंगलूरू के निदेशक दिनकर अग्रवाल ने पेटेंट एनालिटिक्स एफटीओ एनालिसिस, स्ट्रेटजिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट की जानकारी दी। डॉ. शिरदेंदु मुखर्जी ने अनुसंधान प्रस्तावों एवं अनुदान लेखन पर जानकारी दी।
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