फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Fnsegi Acbitiai neck

फंसेगी एचबीटीआई की गर्दन

Tue, 05 Apr 2016 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Tue, 05 Apr 2016 01:09 AM IST
विज्ञापन
Fnsegi Acbitiai neck
पोस्टमार्टम हाउस में मृतक खुशी के दुखी परिजन - फोटो : amarujala
कानपुर। नवाबगंज में 24 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर बच्ची खुशी की मौत के बाद प्रथम दृष्टया एचबीटीआई की गर्दन फंसती नजर आ रही है। केडीए की शुरुआती जांच में भी एचबीटीआई को कटघरे मेें खड़ा किया गया है। सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के एचओडी प्रो. सुनील कुमार ने केडीए और विभागीय शिक्षक डॉ. प्रदीप कुमार के बीच हुए पत्राचार की जानकारी एचबीटीआई निदेशक प्रो. डीबी शाक्यवार को दी है। इसमें कहा गया है कि शिक्षक ने ही गड्ढा खुदाई की एजेंसी नामित की और मिट्टी की सैंपलिंग कराई। इस वक्त संबंधित शिक्षक कानपुर में नहीं है, इसलिए गड्ढा बंद न कराने की जानकारी नहीं दी जा सकती है।   
विज्ञापन

सोमवार को केडीए उपाध्यक्ष का आदेश मिलते ही अधीक्षण अभियंता सरवत अली ने जांच शुरू कर दी। सबसे पहले उन्होंने सिग्नेचर सिटी के लिए मिट्टी के परीक्षण से संबंधित फाइल जोन-1 के अधिशासी अभियंता मनोज मिश्रा से मंगाकर कब्जे में ली। उसकी पड़ताल शुरू की। जांच अधिकारी ने बताया कि मिट्टी परीक्षण का काम एचबीटीआई से कराया गया और उन्हें ही पूरा भुगतान एडवांस में किया गया। एचबीटीआई के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर प्रदीप कुमार ने             काम शुरू करने से पहले लिखकर दिया है कि पूरी जिम्मेदारी उनकी है। यह भी          लिखा है कि वह अपनी जिम्मेदारी में यह काम वेनटैक इंजीनियरिंग कंपनी से करा रहे हैं। बकौल जांच अधिकारी गड्ढे (टेस्ट बोर) खुदवाने से लेकर मिट्टी के नमूने लेने, परीक्षण करने, गड्ढे पाटने और जांच कर रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी एचबीटीआई की ही है।
विज्ञापन

उधर, केडीए के अधिशासी अभियंता मनोज मिश्रा और सहायक अभियंता अजित कुमार ने इस मामले में एचबीटीआई के निदेशक प्रोफेसर डीबी शाक्यवार से मुलाकात की। निदेशक ने बाहर गए सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर प्रदीप कुमार को मेल कराकर तत्काल तलब किया। बताया कि विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार से कंसल्टेंसी की रिपोर्ट मांगी गई थी। इस रिपोर्ट में केडीए और डॉ. प्रदीप कुमार के बीच हुए पत्राचार की जानकारी दी गई है। विभागाध्यक्ष ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एचबीटीआई ने मिट्टी सैंपलिंग की जानकारी ली थी। गड्ढा खुदाई की एजेंसी वेनटैक इंजीनियरिंग को भी एचबीटीआई ने नामित किया था। निदेशक ने कहा है कि रिपोर्ट बनाकर वे केडीए और डीएम को देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed