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राष्ट्रीय युवा दिवस: मजदूर बनकर रह गई अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभा, पेट पालना हुआ मुश्किल
Tue, 12 Jan 2021 12:45 AM IST
शिखा पांडेय
ऋषि तिवारी, अमर उजाला, इटावा
ऋषि तिवारी, अमर उजाला, इटावा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 12 Jan 2021 12:45 AM IST
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खिलाड़ी उमेश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
ऑस्ट्रिया के ग्राज में आयोजित 2017 स्पेशल ओलंपिक वर्ल्ड विंटर गेम्स में फ्लोर बॉल गेम में भारतीय टीम को गोल्ड मेडल दिलाने वाला जिले का दिव्यांग खिलाड़ी उमेश कुमार मजदूरी करके पेट पाल रहा है। सरकार न तो उसे रोजगार मुहैया करवा पाई न अब तक खिलाड़ियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि मिली।
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ब्लॉक महेवा के ग्राम निवाड़ी खुर्द निवासी दिव्यांग उमेश कुमार ने कम उम्र में ही देश का नाम ऊंचा किया और कई पदक जीते। बचपन से दिव्यांग (मूक-बधिर) उमेश को एक्सिलेरेटिड लर्निंग कैंप में प्रवेश दिलाया गया, लेकिन वहां उसकी पढ़ाई में रुचि नहीं थी।
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हालांकि उसकी खेल में रुचि व सक्रियता को देखते हुए सर्व शिक्षा अभियान के समेकित शिक्षा की तत्कालीन जिला समन्वयक अर्चना सिन्हा ने उसको जिला स्टेडियम में प्रवेश दिलाया। कोच सत्यनारायण की देखरेख में फ्लोर बॉल गेम में उमेश ने महारथ हासिल कर ली।
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उमेश के पिता राधेश्याम ने बताया कि सबसे पहले उसने भोपाल में और उसके बाद हिमाचल प्रदेश में नेशनल गेम्स में उत्तर प्रदेश की टीम का प्रतिनिधित्व किया। उसने देश की राजधानी दिल्ली सहित कई प्रदेशों में कड़े परिश्रम और लगन के साथ अभ्यास किया। 2017 में ऑस्ट्रिया में हुए स्पेशल ओलंपिक वर्ल्ड विंटर गेम्स में मेजबान ऑस्ट्रिया को हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया।
शासन से नहीं मिली कोई मदद
उमेश के मजदूर पिता राधेश्याम ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि उनका पुत्र विदेश जाकर गोल्ड मेडल जीतेगा। उमेश के विदेश से लौटने के बाद हमने शासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई, लेकिन प्रदेश सरकार से आज तक कुछ हासिल नहीं रहो सका। यह हाल तब है जबकि उन दिनों प्रदेश सरकार द्वारा खिलाड़ियों को 10 लाख की पुरस्कार राशि दी गई थी, लेकिन उमेश को कुछ नहीं मिला।
14 मेडल हासिल किए
दिव्यांग उमेश कुमार ने वर्ष 2010-11 से फ्लोर बॉल गेम की शुरुआत की थी। इसके बाद हिमाचल प्रदेश, भोपाल, दिल्ली, हरियाणा सहित देश के विभिन्न राज्यों में उसने प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और क्षेत्र का नाम रोशन किया। इस दौरान उसने 14 मेडल, प्रमाणपत्र और शील्ड प्राप्त किए।