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Kanpur News: थीम पर होने लगीं मुस्लिम शादियां, डमी निकाहनामा से संजो रहे यादें

Sat, 29 Nov 2025 02:50 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 29 Nov 2025 02:50 AM IST
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Muslim weddings are being themed, with dummy Nikahnamas preserving memories.
पैलेस की तरह सजाए गए लॉन। - फोटो : संवाद
कानपुर। बदलते दौर में मुस्लिम शादियां भी अब थीम पर आधारित होने लगी हैं। दूल्हा और दुल्हन अपनी व्यक्तिगत पसंद के अनुसार आयोजन में बदलाव कर रहे हैं। होटल, गेस्ट हाउस संचालक मांग के अनुसार गुलाब, मोगरा, बेला और गेंदे के फूलों से सजावट कर रहे हैं। इसके साथ ही निकाह से लेकर सलामी तक की रस्म को खास बनाया जा रहा है। डमी निकाहनामा से यादों को संजोया जा रहा है। बरातियों का स्वागत मुगलई, चायनीज व कॉन्टिनेंटल खाने से हो रहा है। इससे शादियों का खर्च पांच से छह गुना तक बढ़ गया है।
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पांच साल पहले जहां मुस्लिम शादियां कम खर्च में सादगी के साथ होती थीं वहीं अब इनमें भी आधुनिकता का चस्का लगा हुआ है। पहले दो लाख तक में होने वाली शादी पर अब 10-12 लाख तक खर्च किए जा रहे हैं। ग्रैंड शादी में दूल्हे की एंट्री से लेकर तमाम तरह की रस्मों को भी बड़े ही फिल्मी अंदाज में निभाया जाता है। बड़े ड्रोन से वीडियोग्राफी कराने के साथ ही अब हर चीज को खास बनाया जाता है। बरातियों का स्वागत फूलों और इत्र छिड़ककर किया जा रहा है। इसके लिए अलग से स्टाफ रखा जाता है। पहले निकाह के समय दुल्हन और दूल्हे को अलग-अलग बैठाया जाता था और काजी निकाह करा देते थे। अब बदले ट्रेंड में निकाह के लिए एक मंच तैयार किया जाता है जिसमें एक तरफ लड़की वाले और दूसरी तरफ लड़के वाले बैठते हैं। बीच में फूलों का या पारदर्शी परदा लगाया जाता है। दूल्हे को दुल्हन के घरवालों की तरफ से तोहफे देने और जूते चुराने की रस्म के लिए भी मंच तैयार किया जा रहा है जिसमें हंसी ठिठोली होती है। इतना ही नहीं शादी से पहले होने वाले तमाम आयोजन जैसे हल्दी, मेहंदी आदि के लिए भी अब गेस्ट हाउस या हॉल की बुकिंग हो रही है।
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डमी निकाहनामा की बढ़ी मांग
आजकल आधिकारिक निकाहनामा से पहले डमी निकाहनामा पर दस्तखत करते है। यह बहुत खूबसूरत और पारदर्शी कवर वाला होता है। इसे खूबसूरत फूलों और मोरपंख लगे पेन से सजाया जाता है। इसमें दूल्हा-दुल्हन दस्तखत करने के साथ अंगूठे का निशान भी लगाते हैं। इसका वीडियो बनाने के साथ फोटो शूट भी होता है। डमी निकाहनामा को लोग अपने घरों पर सजा कर रखते हैं। डमी निकाहनामा के बाद आधिकारिक निकाहनामा पर दस्तखत किए जाते हैं। बेकनगंज के दुकानदार सिराज ने बताया कि इन दिनों डमी निकाहनामा की मांग बहुत ज्यादा है।
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अब सिर्फ मुगलई ही नहीं चाइनीज और कॉन्टिनेंटल फूड की भी मांग बढ़ी है। इतना ही नहीं सी फूड भी अब खाने में ऑर्डर किए जा रहे हैं। इन शादियों में प्राथमिकता मेहमान नवाजी और खाना रहती है। इसके बाद डेकोरेशन में लोग फूलों की सजावट को अधिक पसंद करते हैं। - बलराम, शेफ



गोल्डन या सिल्वर झालर के साथ ही फूलों से सजावट की मांग ज्यादा रहती है। इसमें भी अब थीम आधारित सजावट हो रही है, जिसमें लाइटों और फूलों के साथ टेंट को एक पैलेस की तरह सजाने की मांग बढ़ी है। इसमें खूब सारे झूमर लगे होते हैं। - राज शुक्ला, गेस्ट हाउस संचालक, सिविल लाइंस




मुस्लिम शादियों में अब बदलाव आ गया है। पहले सादगी के साथ निकाह हो जाता था लेकिन अब काफी तैयारियां की जाती हैं। इसमें खर्चा भी बहुत होता है। अमूमन हमें कम खर्च और सादगी के साथ ही शादी का आयोजन करना चाहिए। उस खर्चे को किसी अच्छे व दूसरे काम जैसे तालीम, रोजगार में लगाना चाहिए। - सरदार अहमद खान, समाजसेवी, सिविल लाइंस
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