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लोगों ने कहा ये पागल हो गई है मर जाएगी, कहानी सुन आप की आंखों से भी छलक जाएंगे आंसू

Fri, 01 Feb 2019 01:10 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 01 Feb 2019 01:10 PM IST
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Mountaineering Padmashri Dr. Arunima Sinha in kanpur
पर्वतारोही पद्मश्री डॉ. अरुणिमा सिन्हा
मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती हैं..ये पंक्तियां सिर्फ किताबों के पन्नों तक ही सीमित नहीं हैं। हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके लिए लोग कहते थे कि ये पागल हो गई है मर जाएगी पर उन्होंने कुछ ऐसा किया कि आज लोग उन्ळें फक्र से सलाम करते हैं।
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अपने निजी अनुभवों को साझा करते हुए डॉ. अरुणिमा ने कहा कि जब उनके आसपास सबको पता चला कि अरुणिमा माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करना चाहती है तो सबने यही कहा कि यह पागल हो गई है। एक पैर है नहीं और दूसरे में रॉड पड़ी है। यह मर जाएगी। मैंने सबकी नहीं बल्कि अपने मन की सुनी और आज दुनिया में नाम कमाया।
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Mountaineering Padmashri Dr. Arunima Sinha in kanpur
पर्वतारोही पद्मश्री डॉ. अरुणिमा सिन्हा
अरुणिमा बताती हैं कि जब वो पर्वत की चढ़ाई कर रही थीं तो एक समय चढ़ते-चढ़ते अचानक से उनका कृत्रिम पैर घूम गया। दर्द बहुत था। कई बार तो खून भी निकलने लगता था। लेकिन दृढ़ निश्चय था कि पर्वत पर चढ़ना है। मैं बैठी पैर निकाला और उसको दोबारा पहना और चढ़ाई शुरू की और मुकाम भी हासिल किया। 

जिस पर यह समाज हंसता है, वही इतिहास रचता है
कानपुर। जिस पर यह समाज हंसता है, लिखी बात है वही इतिहास रचता है। पर्वतारोही पद्मश्री डॉ. अरुणिमा सिन्हा ने जब ये पंक्तियां सुनाईं तो हॉल तालियों से गूंज उठा। डॉ. अरुणिमा ने कहा कि इस कार्यक्रम में जितनी भी महिलाओं को सम्मानित किया गया है, उन सबने अपने-अपने क्षेत्र में एवरेस्ट फतेह किया है। सभी का काम काबिले तारीफ है और हर महिला अपराजिता है। ये सभी नारी सशक्तीकरण का जीता जागता उदाहरण हैं।
 

Mountaineering Padmashri Dr. Arunima Sinha in kanpur
पर्वतारोही पद्मश्री डॉ. अरुणिमा सिन्हा
जब हुआ चिल्लाने का मन
डॉ. अरुणिमा ने बताया कि जब वे माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचीं तो उनका मन जोर-जोर से चिल्लाने का कर रहा था। उनका मन था कि वो चिल्ला कर सबको बताएं कि उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया और वह किसी से कम नहीं है। 

लक्ष्य और जुनून जरूरी, सफलता जरूर मिलेगी
डॉ. अरुणिमा ने कहा कि जरूरी है कि जीवन में हर कोई लक्ष्य निर्धारित करे। उस लक्ष्य को पाने का जुनून हो और उसको हासिल करने के लिए पूरा जोर लगा दें। लक्ष्य निर्धारित कर के उसको भूलों बिल्कुल भी नहीं। हो सकता है लक्ष्य को पाने में दो चार बार इंसान हारे लेकिन सफलता आएगी जरूर ये दावा है।

जब मां से कहा कि इनको हटा लो
डॉ. अरुणिमा ने बताया कि वे अस्पताल में बेड पर थीं तभी दादी आईं और बोली बताओ अब इससे कौन शादी करेगा। उनकी बात सुनकर गुस्सा आया। तब मां को बोला कि इनको हटा लो। ऐसी बातों से अवसाद जैसी स्थिति बनी लेकिन मन में था कि अब इससे आगे बढ़ना है। कुछ ऐसा करना है जिससे अपनी पहचान बना पाऊं।
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