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बंदर ने ली एक जान, सात घायल
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Mon, 18 Jan 2016 02:16 AM IST
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पतारा पुलिस चौकी क्षेत्र के धरमपुर गांव में बंदरों की धमाचौकड़ी ने एक मासूम की जान ले ली। छत की मुंडेर से गिरी ईंटों की चपेट में आकर बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया।
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परिजन उसे सीएचसी ले गए, जहां परीक्षण के बाद डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। धरमपुर निवासी विवेक सिंह ने बताया कि दोपहर में उनका डेढ़ वर्षीय पुत्र सोनू आंगन में चारपाई पर पड़ा खेल रहा था। तभी, छत की मुंडेर पर आकर दो-तीन बंदरों ने धमाचौकड़ी शुरू कर दी। इससे तीन-चार ईंटें उखड़कर नीचे आ गिरीं।
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एक ईंट चारपाई में खेल रहे बच्चे सोनू को लग गई। चीख सुनकर परिजन उसे पतारा सीएचसी लेकर भागे। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पड़री-लालपुर, धरमपुर, रघुनाथपुर, सिरोह-सरांय और सतरहुली गांवों में बगीचों की संख्या अधिक होने से बंदरों के झुंड वहां रहते हैं। जो गांव के घरों में धावा बोलते हैं। बताया कि बंदरों की बढ़ती आबादी और उनके हमलों से लोग परेशान रहते हैं।
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बंदरों ने दौड़ाया, सात महिलाएं घायल
घाटमपुर। जवाहर नगर (उत्तरी) में रविवार की शाम बंदरों के झुंड के हमले में सात महिलाएं जख्मी हो गईं। कई अन्य लोग भी चुटहिल हुए हैं। बंदरों की धमाचौकड़ी से डर के मारे करीब घंटे भर लोग घरों में कैद रहे।
घाटमपुर क्षेत्र के कई मोहल्लों में भी बंदरों का आतंक है। शाम करीब 5:30 बजे बंदरों ने जवाहर नगर उत्तरी (बस स्टाप के पीछे) एक जगह बैठी महिलाओं पर हमला बोल दिया। डर के मारे महिलाएं इधर-उधर भागीं।
हमले में शक्ति अवस्थी, शिखा तिवारी, शीला अवस्थी, श्यामा गुप्ता, प्राची और छोटी संखवार आदि घायल हो गईं। कुछ लोग चुटहिल भी हो गए।
कस्बा निवासी शिव दुलारे लाल वाजपेयी, गोविंद नारायण शुक्ला, राकेश गोस्वामी, रामप्रकाश सोनी आदि ने बताया कि अशोक नगर, सदर बाजार, आछी मोहाल, इंदिरा नगर और कुष्मांडा नगर आदि मोहल्लों में भी दिनभर बंदर धमाचौकड़ी मचाते रहते हैं।
स्टेशन पर कुत्ते ने मासूम को काटा
कानपुर। सेंट्रल स्टेशन पर बंदरों और आवारा कुत्तों का आतंक जस का तस है। रविवार को प्लेटफार्म पर ट्रेन का इंतजार कर रही महिला यात्री के मासूम बेटे को एक कुत्ते ने काट लिया। बच्चे की चीख सुनकर वहां मौजूद लोगों ने डंडा लेकर कुत्ते को खदेड़ा।
महिला बच्चे को लेकर डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट के दफ्तर पहुंची और डॉक्टर के इंतजार में करीब दो घंटे बैठी रही। कन्नौज के जलालपरवारा गांव निवासी शिवकुमार की पत्नी विद्यावती अपने दो साल के बेटे इशांत के साथ रिश्तेदार के घर लखनऊ गई थी। दोपहर को ट्रेन से कानपुर आई।
कन्नौज जाने के लिए वह प्लेटफार्म नंबर-सात पर छपरा एक्सप्रेस का इंतजार कर रही थी तभी कुत्ते ने इशांत के हाथ में काट लिया। विद्यावती के मुताबिक वह बेटे को इलाज के लिए डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट कक्ष में ले गई तो वहां कोई कर्मचारी नहीं मिला।
आधे घंटे बाद टीटीई आए और डॉक्टर को बुलाने की बात कही। करीब दो घंटे बाद डॉक्टर टीम के साथ आए। उन्होंने मरहम-पट्टी तो की, लेकिन एंटीरैबीज का इंजेक्शन नहीं लगाया। बता दें कि इससे पहले भी स्टेशन परिसर में कुत्ते और बंदर कई लोगों को काट चुके हैं। रेल प्रशासन इनकी रोकथाम को कोई प्रयास नहीं कर रहा।