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सरकारी दस्तावेजों को सुरक्षित करने के लिए आईआईटी कानपुर ने तैयार किया ये मॉडल
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 07 Oct 2018 11:00 AM IST
सार
- आईआईटी में हुई नेशनल ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी पर आधारित मॉडल की समीक्षा
- भारत सरकार के साइबर सिक्योरिटी कोआर्डिनेटर डॉ. गुलशन राय ने परखी तकनीक
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ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी मॉडल तैयार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने देश की सभी सरकारी दस्तावेजों को सुरक्षित करने के लिए ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी का प्रयोग करते हुए मॉडल तैयार किया है। शनिवार को इंस्टीट्यूट के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रो. संदीप शुक्ला और अन्य विशेषज्ञों ने इसका डेमो दिखाया।
नेशनल साइबर सिक्योरिटी के कोआर्डिनेटर डॉ. गुलशन राय, यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूडीएआई) के उप निदेशक वाई एलपी रॉव, आईआईएससी बंगलूरू के प्रो. नाराहरी, अमृता यूनिवर्सिटी के प्रो. सेतु माधवन, प्रमुख सचिव ई-गर्वनेंस तमिलनाडू संतोष मिश्रा ने प्रोजेक्ट की समीक्षा की।
प्रो. संदीप शुक्ला ने बताया कि प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। विशेषज्ञों की टीम ने मॉडल तैयार कर लिया है। अब इस पर इंप्लीमेंट करने की बारी है। अगले चरण में उत्तर प्रदेश शासन के अधिकारियों के साथ मिलकर मॉडल को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक में आईआईटी के उप निदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल, प्रो. श्वेता अग्रवाल भी मौजूद रहे।
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नेशनल साइबर सिक्योरिटी के कोआर्डिनेटर डॉ. गुलशन राय, यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूडीएआई) के उप निदेशक वाई एलपी रॉव, आईआईएससी बंगलूरू के प्रो. नाराहरी, अमृता यूनिवर्सिटी के प्रो. सेतु माधवन, प्रमुख सचिव ई-गर्वनेंस तमिलनाडू संतोष मिश्रा ने प्रोजेक्ट की समीक्षा की।
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प्रो. संदीप शुक्ला ने बताया कि प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। विशेषज्ञों की टीम ने मॉडल तैयार कर लिया है। अब इस पर इंप्लीमेंट करने की बारी है। अगले चरण में उत्तर प्रदेश शासन के अधिकारियों के साथ मिलकर मॉडल को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक में आईआईटी के उप निदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल, प्रो. श्वेता अग्रवाल भी मौजूद रहे।
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