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दुबई-शारजाह तक जा रहे कानपुर के मोदक: विदेशों में रहने वाले हिंदू समुदाय के लोगों के बीच है लोकप्रियता
Mon, 13 Sep 2021 02:29 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 13 Sep 2021 02:29 PM IST
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मोदक
- फोटो : amar ujala
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कानपुर में गणपति महोत्सव के दौरान बनने वाले मोदकों की धूम शहर में ही नहीं बल्कि विदेशों तक है। इनके स्वाद के दीवाने दुबई, शारजाह, जेद्दा में रहने वाले भी हैं। इन देशों को लाखों रुपये के अलग-अलग फ्लेवर और वैराइटी वाले मोदक निर्यात किए गए हैं। मिठाई कारोबारी इस बार रोज, टूटी-फ्रूटी, खजूर से बने नई वैराइटी के साथ 10 तरह के मोदक बाजार में लाए हैं।
कानपुर होटल, गेस्ट हाउस, स्वीटस एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के महामंत्री राजकुमार भगतानी ने बताया कि शहर में गणपति महोत्सव बहुत बड़े पैमाने पर मनाया जाने लगा है। कोरोना प्रोटोकाल के चलते पंडालों के न लगने से इस बार घरों में 10 गुना ज्यादा तक गणपति की स्थापना की गई है। गणपति को मोदक का प्रसाद सबसे ज्यादा पसंद है।
इसको देखते हुइ इस बार ज्यादा वैराइटी वाले मोदक बनाए गए हैं। इसमें रोज, खजूर, मोतीचूर लड्डू मोदक, बेसन, आटा, खोवा, मिल्क पेड़ा, टूटी फ्रूटी, काजू केसर, चॉकलेट मोदक मिठाई कारोबारियों ने बनाए हैं। रोज मोदक में गुलाब के फूलों का रस इस्तेमाल किया गया है। बाजार में उपलब्ध मोदकों की कीमत 500 से लेकर एक हजार रुपये किलो तक है।
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शहरियों के अलावा खाड़ी देशों में रहने वाले लोग भी बड़ी मात्रा में इनके आर्डर दे रहे हैं। मिठाई कारोबारी महेश कुमार भवनानी ने बताया कि विदेशों में बड़ी संख्या में लोग गणेश महोत्सव मनाते हैं। यहां के बने मोदक उन्हें बहुत पसंद आए हैं। लाखों के आर्डर मिले हैं। इन्हें मुंबई से हवाई जहाज के जरिए भेजा जा रहा है। इसमें मेवा, खजूर, काजू केसर के मोदकों की सबसे ज्यादा मांग है। शहर में भी इस बार बंपर डिमांड देखने को मिल रही है।
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कानपुर होटल, गेस्ट हाउस, स्वीटस एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के महामंत्री राजकुमार भगतानी ने बताया कि शहर में गणपति महोत्सव बहुत बड़े पैमाने पर मनाया जाने लगा है। कोरोना प्रोटोकाल के चलते पंडालों के न लगने से इस बार घरों में 10 गुना ज्यादा तक गणपति की स्थापना की गई है। गणपति को मोदक का प्रसाद सबसे ज्यादा पसंद है।
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इसको देखते हुइ इस बार ज्यादा वैराइटी वाले मोदक बनाए गए हैं। इसमें रोज, खजूर, मोतीचूर लड्डू मोदक, बेसन, आटा, खोवा, मिल्क पेड़ा, टूटी फ्रूटी, काजू केसर, चॉकलेट मोदक मिठाई कारोबारियों ने बनाए हैं। रोज मोदक में गुलाब के फूलों का रस इस्तेमाल किया गया है। बाजार में उपलब्ध मोदकों की कीमत 500 से लेकर एक हजार रुपये किलो तक है।
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शहरियों के अलावा खाड़ी देशों में रहने वाले लोग भी बड़ी मात्रा में इनके आर्डर दे रहे हैं। मिठाई कारोबारी महेश कुमार भवनानी ने बताया कि विदेशों में बड़ी संख्या में लोग गणेश महोत्सव मनाते हैं। यहां के बने मोदक उन्हें बहुत पसंद आए हैं। लाखों के आर्डर मिले हैं। इन्हें मुंबई से हवाई जहाज के जरिए भेजा जा रहा है। इसमें मेवा, खजूर, काजू केसर के मोदकों की सबसे ज्यादा मांग है। शहर में भी इस बार बंपर डिमांड देखने को मिल रही है।