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वाह...किताबों के बिना ही परीक्षा कराना चाहता है प्रशासन

Thu, 31 Aug 2017 06:45 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 31 Aug 2017 06:45 PM IST
सार

       

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Mocking with the future of children in UP
डेमो पिक

विस्तार

बच्चों के भ‌व‌िष्य के साथ ख‌िलवा़ड़ हो रहा है। 1400 से ज्यादा स्कूलों में ‌ब‌िना क‌िताबों के पढ़ाई की जा रही है। हालात प‌िछले पांच महीने से ऐसे ही बने हुए है। इसके बाद भी कोई ठोस कदम नही उठाए गए। 53 ‌व‌िषयों की 1.5 लाख ‌से ज्यादा ‌क‌िताबों को बच्चों को दे पाने में व‌‌िभाग असफल रहा ‌है। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि ब‌‌‌िना ‌‌क‌िताबों और‌ ‌ब‌िना स‌िलेबस के पढ़ाई कैसे होगी ? इसका जबाव देते वक्त जाने क्या बोले अफसर...
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Mocking with the future of children in UP
डेमो पिक

मुफ्त पाठ्य पुस्तकों की कमी अक्तूबर माह में होने वाली अर्द्धवार्षिक परीक्षा की राह में रोड़ा बनेगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक की छमाही परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन छात्र-छात्राएं बिना किताबों के मायूस हैं। 14,01,449 किताबों में महज 12,48,884 पुस्तकें भेजी गई हैं। 1,52,565 किताबें अभी तक नहीं आईं। बिना किताबें बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है।

जिले में 1396 प्राथमिक स्कूलों में 1,51,786 और 786 जूनियर हाईस्कूलों में 71,357 बच्चे अध्ययनरत हैं। शिक्षा सत्र शुरू हुए करीब पांच माह बीत गए। अभी तक न तो ड्रेस, जूता, मोजा मिले और न ही मुफ्त पाठ्य पुस्तकों का वितरण पूरा हो पाया है। उधर, योगी सरकार की नीतियों में बेसिक शिक्षा व्यवस्था को पटरी लाना भी शामिल है। परिषदीय स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए तमाम जतन किए जा रहे हैं, लेकिन सब हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।
 

 

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Mocking with the future of children in UP
डेमो पिक

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक कक्षा एक से 8वीं तक के बच्चों के लिए 53 विषयों की 14,01449 किताबों की जरूरत है। इसमें महज 12,48,884 किताबें आई हैं। 11 फीसदी किताबें अभी नहीं आई हैं। उधर, उर्दू माध्यम की 4029 किताबों में महज 872 किताबें आई हैं। 79 फीसदी बच्चे इन किताबों से वंचित हैं।


शिक्षण सत्र की शुरुआत अप्रैल से हुई, लेकिन किताबों का वितरण जुलाई माह में शुरू हुआ। अभी तक छात्र-छात्राओं को आधी-अधूरी किताबें मिली हैं। कक्षा एक से 8वीं तक के बच्चों 2,23,143 बच्चों को कुल 53 विषयों की पुस्तकें, 10 कार्य पुस्तिकाएं, 15 अंग्रेजी की पुस्तकें वितरित की जानी थीं। इसमें अभी महज 24 विषयों की किताबें ही वितरित की गई हैं।

बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मेसर्स भगवत प्रिटंर्स की पूरी किताबें आई हैं, लेकिन बुर्दा ड्रक इंडिया नोएडा व आदर्श प्राइवेट लिमिटेड भोपाल की किताबें अभी 25-25 फीसदी आनी हैं। उम्मीद है कि दो-चार दिन में ये किताबें भी आ जाएंगी। इनका तत्काल वितरण कराया जाएगा। जिन बच्चों को नई किताबें नहीं मिलीं, उन्हें पुरानी किताबों से पढ़ाया जा रहा है।किताबों की कमी छमाही इम्तिहान में बनेगी रोड़ा


-: ‌ब‌िना ‌क‌िताबों के अर्द्धवार्षिक की परीक्षा की तैयारी
-: भोपाल और नेडा की फर्म ने अभी नहीं भेजी पुस्तकें
​-: छात्र-छात्राओं को 1,52,565 किताबों की दरकार

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