Irfan Solanki Case: नोएडा के एक होटल में रुके थे इरफान, मुंबई से गए थे हैदराबाद, एयरपोर्ट की सुरक्षा पर सवाल
सपा विधायक इरफान सोलंकी दस नवंबर को नोएडा के एक होटल में रुके थे। नूरी शौकत और इशरत भी साथ में थे। वहीं, मुंबई में इरफान के सालों ने उनको रिसीव किया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सपा विधायक इरफान सोलंकी अपने दो मददगारों के साथ नोएडा के एक होटल में रुके थे। एक रात होटल में रुकने के बाद दूसरे दिन वह फ्लाइट से दिल्ली से मुंबई पहुंचा था। जहां पर उसके दोनों सालों ने रिसीव कर सुरक्षित ठिकाना मुहैया कराया था।
दो दिन बाद यहां से वह बस से हैदराबाद पहुंचा था। उसके बाद वह कहां-कहां गया। इसके बारे में पुलिस को भी जानकारी नहीं हो सकी है। पुलिस के मुताबिक 10 नवंबर को इरफान नोएडा पहुंचे। उनके साथ नूरी शौकत व इशरत भी साथ थे।
वह नोएडा में स्थित एक होटल का ओयो एप से रूम बुक किया। तीनों वहीं पर रुके। होटल में अशरफ अली के नाम की आईडी लगाई गई। 11 नवंबर को इरफान वहां से फ्लाइट पकड़कर मुंबई पहुंचा। जहां उसके सालों अनवर मंसूरी व अख्तर मंसूरी ने इरफान को एयरपोर्ट से रिसीव कर घर ले गए।
उसके बाद एक ठिकाने पर रखा। 13 नवंबर को इरफान बस पकड़कर हैदराबाद रवाना हुए। इरफान के रिश्तेदारों और करीबियों ने साजिश रचकर उनकी मदद की। इन सभी ने आरोपी को फरार करने में मदद की थी। इसलिए पुलिस ने बेहद सख्त कार्रवाई की है।
नूरी के भाई का नाम किया इस्तेमाल, सुरक्षा पर सवाल
एफआईआर में नूरी शौकत का भाई अशरफ अली भी आरोपी बनाया गया है। इसी नाम के दस्तावेज इरफान तैयार किए। पुलिस के मुताबिक नाम अशरफ अली था। पता भी उसी का था, लेकिन उसमें फोटो इरफान की लगाई गई।हैरानी की बात ये है कि एयरपोर्ट पर वह इसी फर्जी आईडी से सुरक्षा का घेरा पार कर गया। सुरक्षाकर्मी उसके फर्जीवाड़े को पकड़ नहीं सके। ये बेहद गंभीर मसला है। इसकी भी जांच की जा रही है।
दस्तावेज तैयार करने वालों पर भी कसेगा शिकंजा
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश का कहना है कि जिन लोगों से इन फर्जी दस्तावेजों को तैयार किया है, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। अभी सभी आरोपी पकड़े नहीं गए हैं। इसलिए पहली प्राथमिकता है कि नामजद आरोपियों की पहले गिरफ्तारी कर ली जाए।
रिजवान साथ में न दिल्ली गया न मुंबई
ग्वालटोली थाने में दर्ज किए गए केस में रिवाजन सोलंकी को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अभी रिजवान के खिलाफ इस तरह से फर्जीवाड़ा करने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। वह इरफान के साथ न ही दिल्ली गया था और न ही मुंबई। वहीं, तहरीर में रिजवान का नाम होने की वजह से उसको आरोपी बनाया गया है। जानकारी के मुताबिक मुख्य मकसद इरफान को बचाना था। इसलिए उसको अकेले दूसरे राज्य भेजा गया। रिजवान ने दूसरे ठिकाने पर शरण ले रखी है।