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फतेहपुर: दुष्कर्म पीड़िता बन गई मां फिर भी आरोपी की डीएनए जांच नहीं करा सकी पुलिस
Tue, 08 Dec 2020 11:53 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 08 Dec 2020 11:53 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के फतेहपुर जिले में दुष्कर्म की शिकार एक महिला ढाई महीने के एक बच्चे की मां बन चुकी है। इसके बाद भी पुलिस जांच में कोई तेजी नहीं दिख रही है। परिजनों का आरोप है कि बच्चा दुष्कर्म आरोपी का है।
मामले के छह माह बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। आरोपी के फरार होने की वजह से दुष्कर्म पीड़िता और उसके बच्चे का डीएनए सैंपल लेने की कार्रवाई नहीं हो सकी है। परिजनों ने मामले में एसपी से शिकायत की है।
मामला जाफरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता की बहन ने थाने में तहरीर दी थी कि उसकी 25 वर्षीय बड़ी बहन के साथ गांव के रामराज समेत कुछ लोगों ने दुष्कर्म किया, जिससे बहन चार महीने की गर्भवती हो गई। गर्भ ठहरने की बात आरोपियों को पता चली तो उन्होंने किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
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पुलिस ने मामले में 19 जून को एफआईआर दर्ज की थी। पीड़िता का पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया और फिर एक जुलाई 2020 को कोर्ट में 164 के तहत बयान कराए। पीड़िता ने आरोपियों पर जबरदस्ती करने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था।
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मामले के छह माह बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। आरोपी के फरार होने की वजह से दुष्कर्म पीड़िता और उसके बच्चे का डीएनए सैंपल लेने की कार्रवाई नहीं हो सकी है। परिजनों ने मामले में एसपी से शिकायत की है।
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मामला जाफरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता की बहन ने थाने में तहरीर दी थी कि उसकी 25 वर्षीय बड़ी बहन के साथ गांव के रामराज समेत कुछ लोगों ने दुष्कर्म किया, जिससे बहन चार महीने की गर्भवती हो गई। गर्भ ठहरने की बात आरोपियों को पता चली तो उन्होंने किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
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पुलिस ने मामले में 19 जून को एफआईआर दर्ज की थी। पीड़िता का पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया और फिर एक जुलाई 2020 को कोर्ट में 164 के तहत बयान कराए। पीड़िता ने आरोपियों पर जबरदस्ती करने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था।
उसके बाद पीड़िता ने अक्तूबर माह में एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद भी पुलिस आरोपी का डीएनए सैंपल नहीं ले सकी। दो माह बच्चे के जन्म के भी बीत चुके हैं। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि मामले में आरोपी और पीड़ित महिला व बच्चे का एक साथ सैंपल लेने की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी की तलाश की जा रही है।
गांव के लोगों ने महिला का बहिष्कार किया
पीड़िता की बहन ने बताया कि जब से बहन ने बच्चे को जन्म दिया तो गांव के लोग भी परिवार को ताना देने लगे। वह लोग हैंडपंप से पानी भरने जाते हैं तो गांव के लोग छुआछूत और भेदभाव करते है। बड़ी बहन और दो छोटे भाइयों के साथ गांव के बाहर रहते हैं।
प्रसव के चार महीने बाद भी पुलिस ने बच्चे का डीएनए टेस्ट तक नहीं कराया है। पीड़िता और उसके बच्चे की परवरिश परिजनों और रिश्तेदारों की देखरेख में हो रही है। पीड़िता वारदात से पहले मानसिक रूप से बीमार थी। इलाज के दौरान ही उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया है।
गांव के लोगों ने महिला का बहिष्कार किया
पीड़िता की बहन ने बताया कि जब से बहन ने बच्चे को जन्म दिया तो गांव के लोग भी परिवार को ताना देने लगे। वह लोग हैंडपंप से पानी भरने जाते हैं तो गांव के लोग छुआछूत और भेदभाव करते है। बड़ी बहन और दो छोटे भाइयों के साथ गांव के बाहर रहते हैं।
प्रसव के चार महीने बाद भी पुलिस ने बच्चे का डीएनए टेस्ट तक नहीं कराया है। पीड़िता और उसके बच्चे की परवरिश परिजनों और रिश्तेदारों की देखरेख में हो रही है। पीड़िता वारदात से पहले मानसिक रूप से बीमार थी। इलाज के दौरान ही उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया है।