उन्नाव कांड: तिहाड़ जेल से भारी सुरक्षा के बीच उन्नाव कोर्ट पहुंचा दुष्कर्म पीड़िता का चाचा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में विचाराधीन ट्रेन में लूट व आर्म्स एक्ट के मुकदमों में दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित रखा। अगली सुनवाई के लिए न्यायालयों में पेशी हुई। अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। शुक्रवार सुबह चाचा को सबसे पहले ट्रेन में लूट व आर्म्स एक्ट के मुकदमे के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया।
वहीं अभिलेखों में सफेदा लगाने के प्रकरण में गवाह न्यायालय में पेश हुआ, लेकिन मूल प्रपत्र न लाने के कारण गवाही नहीं हो पाई। इस पर न्यायाधीश ने गवाह को मुकदमे में देरी कराने पर चेतावनी भी दी। इसके बाद पीड़िता के चाचा को एडीजे छह के न्यायालय में पेश किया गया।
दो थानों की फोर्स व एलआईयू रही मुस्तैद
चाचा की सुरक्षा को लेकर न्यायालय परिसर में सदर कोतवाली के साथ औरास थाने की फोर्स, सीओ बांगरमऊ व पीएसी तैनात की गई थी। वहीं स्वॉट और खुफिया टीमें पहले से कोर्ट पहुंच गईं। पेशी के दौरान किसी को आरोपी चाचा के आसपास नहीं फटकने दिया गया। चाचा को लेकर दिल्ली से आई वैन सीधे सेशन हवालात की ओर चली गई।
दुष्कर्म पीड़िता के चाचा के वकील अजेंद्र अवस्थी ने बताया कि तिहाड़ जेल में प्रत्येक बंदी का एक खाता होता है। जिसमें रुपये जमा होते हैं। गुरुवार शाम को जब आरोपी चाचा तिहाड़ जेल से चला था तो उसे 500 रुपये दिए गए थे। साथ ही 140 रुपये खाने के सुरक्षाकर्मियों को दिए गए थे, लेकिन रास्ते में उसे खाना नहीं खिलाया गया।
शुक्रवार सुबह चाचा जैसे ही न्यायालय में पेश हुआ उसने भूख लगने की बात बताई। न्यायालय ने मामले की जानकारी ली तो सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से खाना नहीं खिलाया गया था। इस पर सुरक्षा कर्मियों को फटकार लगाई और दोबारा ऐसा न करने के निर्देश दिए।