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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   misdeed and murder case: Advocate Seema will fight the case of Kanpur's daughter

दुष्कर्म कर हत्या करने का मामला: निर्भया को इंसाफ दिला चुकीं अधिवक्ता सीमा लड़ेंगी कानपुर की बेटी का मुकदमा

Thu, 23 Sep 2021 10:36 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 23 Sep 2021 10:36 PM IST
सार

दुष्कर्म के बाद हत्या की वारदात की जानकारी होने के बाद गुरुवार को अधिवक्ता सीमा समृद्घि बिल्हौर स्थित पीड़िता के घर पहुंचीं। पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया।

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misdeed and murder case: Advocate Seema will fight the case of Kanpur's daughter
अधिवक्ता सीमा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दुष्कर्म के बाद जिस युवती की हत्या की गई उसका केस निर्भया का केस लड़ने वाली अधिवक्ता सीमा समृद्घि लड़ेंगी। इसके लिए वह पीड़ित परिवार से कोई भी फीस नहीं लेंगी। उनकी पूरी टीम ने गुरुवार से ही केस से संबंधित दस्तावेज जुटाने शुरू कर दिये हैं।
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अधिवक्ता ने पीड़ित परिवार से मुलाकात भी की। उनके साथ फेसबुक लाइव कर प्रदेश सरकार से मामले की जांच एसआईटी या सीबीआई से कराने की मांग की है। दुष्कर्म के बाद हत्या की वारदात की जानकारी होने के बाद गुरुवार को अधिवक्ता सीमा समृद्घि बिल्हौर स्थित पीड़िता के घर पहुंचीं।
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पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया। कुछ देर पहले प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की। उनका कहना था कि अपराधी बेखौफ होकर जेल गया और जो पीड़ित हैं उन पर लाठी चार्ज किया गया।
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सीमा का कहना है कि ये केस वह खुद और उनकी पूरी टीम मिलकर लड़ेगी। उनकी टीम के कई अधिवक्ता कानपुर के हैं। जिनको इस बारे में पूरी जानकारी दे दी गई है। सीमा बोलीं कि आरोपी को सजा दिलाने तक चैन की सांस नहीं लूंगी। पीड़ित परिवार के साथ फेसबुक लाइव किया।

जिसमें वह और मृतका की बहन समेत ग्रामीणों ने मामले की जांच एसआईटी या सीबीआई से कराने की मांग की है। उनका कहना कि निष्पक्ष जांच की उम्मीद पुलिस से नहीं है। अलग एजेंसी या एसआईटी जांच करेगी तभी पीड़िता को न्याय मिल सकेगा। 

आरोपी के पिता का आपराधिक रिकॉर्ड खुलेगा
अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी प्रतीक वैश्य के पिता पर हत्या समेत 11 मुकदमे चले। इतने केस होने के बावजूद वह जेल से बाहर क्यों हैं। इसकी समीक्षा की जाएगी। जो भी केस साक्ष्यों और गवाहों के बिना पर खत्म हुए हैं। इन सभी की फाइलें खुलवाई जाएंगी। अधिवक्ता सीमा का कहना है कि रसूख और पैसों की वजह से आरोपी बच जाते हैं। 
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