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Exclusive: हर जिले में विकसित होंगे मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, मनरेगा से कराया जाएगा काम, उद्यान विभाग होगा नोडल

Wed, 10 Aug 2022 08:57 AM IST
शाहरुख खान आनंद मिश्रा, अमर उजाला, कन्नौज
आनंद मिश्रा, अमर उजाला, कन्नौज Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 10 Aug 2022 08:57 AM IST
सार

यूपी के हर जिले में मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित होंगे। कन्नौज के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल की तर्ज पर बनेंगे। मनरेगा से कार्य कराया जाएगा। उद्यान विभाग नोडल होगा। 150 के सापेक्ष 136 परियोजनाओं की डीपीआर तैयार हो गई है।
 

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Mini Center of Excellence will be developed in every district, work will be done through MNREGA
Center of Excellence - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिले के उमर्दा में स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल की तर्ज पर प्रदेश के सभी जनपदों में दो-दो मिनी सेंटर खोले जाएंगे। 150 मिनी सेंटर खोलने के प्रस्ताव के सापेक्ष 136 की डीपीआर तैयार हो गई है। कन्नौज के अनौगी में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र परिसर व उमर्दा के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल में मिनी सेंटरों का निर्माण किया जाएगा।
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वर्ष 2014 में इंडो इस्रायल प्रोजेक्ट के तहत उत्तर प्रदेश में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। 26 अक्तूबर 2018 को उक्त प्रोजेक्ट के तहत कन्नौज के उमर्दा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल, जबकि बस्ती में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्रूट््स का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। 
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दोनों ही परियोजनाओं के सफल होने पर ग्राम्य विकास विभाग के कई अधिकारियों ने पिछले कुछ माह में उमर्दा स्थित सेंटर का दौरा किया। कृषि और उद्यान मंत्री भी यहां आ चुके हैं। अगले कुछ ही दिनों में मिनी सेंटरों की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। प्रत्येक सेंटर में 560 वर्ग मीटर की हाईटेक नर्सरी होगी, जबकि 500 वर्ग मीटर का ताप नियंत्रण कक्ष (हार्डनिंग) चैंबर भी बनाना होगा, ताकि पौध खराब न हो।
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उन्नत पौध के लिए नहीं होगा भटकना 
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खुल जाने पर प्रगतिशील ही नहीं सामान्य किसानों को भी उन्नत किस्म के बीच और पौध के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। फिलहाल जो तैयारी है उसके हिसाब से कोई भी किसान एक रुपया और अपना बीज देकर पौध तैयार करा सकेगा, लेकिन अगर बीज दिए बिना पौध की जरूरत होगी तो इसके लिए दो रुपये खर्च करने होंगे। मौजूदा समय में उन्नत पौध के लिए अधिकतर किसान उमर्दा का रुख करते हैं। 
 

उद्यान विभाग और केवीके को दी जाएगी जिम्मेदारी 

हर जिले में एक सेंटर उद्यान विभाग और दूसरा सेंटर केवीके विकसित करेगा। बजट की व्यवस्था मनरेगा से होगी। एक परियोजना पर एक करोड़ चार लाख रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। 

समूहों की तर्ज पर होगा संचालन 
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने के लिए मनरेगा मजदूरों को काम दिया जाएगा। स्वयं सहायता समूह की तर्ज पर इनका संचालन भी मनरेगा मजदूरों को सौंपे जाने पर चर्चा हो रही है, उद्यान विभाग संचालन की निगरानी करेगा।

शासन स्तर पर सभी जनपदों में दो-दो मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलने के प्रस्ताव पर सहमति बन गई है। विभागीय मंत्री के साथ ही उद्यान और ग्राम्य विकास विभाग के आला अधिकारी पूरी परियोजना की निगरानी कर रहे हैं। उन्नत खेती के साथ ही फल और सब्जी का उत्पादन करने वाले किसानों के साथ ही मनरेगा के लिए भी उक्त परियोजना फायदेमंद साबित होगी। - डॉ. डीएस यादव प्रभारी अधिकारी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल, कन्नौज

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