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Kanpur News: रैगिंग पर कार्रवाई के बाद भड़के मेडिकल छात्र, धरने पर बैठे
Thu, 15 Oct 2026 01:48 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 15 Oct 2026 01:48 AM IST
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कानपुर देहात। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में रैगिंग को लेकर हुई कार्रवाई के बाद बुधवार को 100 से अधिक मेडिकल छात्र-छात्राएं भड़क गए। हॉस्टल से निकल कर हंगामा शुरू कर दिया। दोपहर 12 बजे के करीब मुख्य गेट के बाहर बैठ कर धरना दिया। इस दौरान कुछ छात्रों ने प्राचार्य पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया है। करीब पांच घंटे बाद शाम पांच बजे के करीब पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के समझाने के बाद मामला शांत हुआ।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से बुधवार सुबह वर्ष 2024 व 2025 बैच के छात्र-छात्राओं को रैगिंग करने के आरोप में हॉस्टल खाली करने को कहा गया था। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्राचार्य ने सुबह 10 बजे उन्हें बैठक के लिए बुलाया था। वहां पहुंचने पर मारपीट की। विरोध पर गार्डों से पिटवाने और पुलिस बुलाकर गिरफ्तार कराने की धमकी दी गई। इससे नाराज छात्र अपना सामान लेकर मुख्य गेट पर पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ व प्राचार्य इस्तीफा दो आदि नारे लगाए। परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज प्रसारित किए जाने व कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता, डॉ. हरप्रीत सिंह व पुलिस कर्मियों ने नाराज छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। इधर, जिलाधिकारी कपिल सिंह के हस्तक्षेप के बाद शाम पांच बजे एसडीएम अकबरपुर राजकुमार पांडेय, तहसीलदार पवन कुमार, प्राचार्य व थानाध्यक्ष हरमीत सिंह ने दोबारा छात्रों का समझाने का प्रयास किया। एसडीएम व प्राचार्य ने छात्रों को दोबारा हॉस्टल में चलने के लिए मनाया और कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने अपनी मांगों से जुड़ा जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा और शाम साढ़े पांच बजे के करीब छात्र-छात्राएं धरना समाप्त कर वापस हॉस्टल में चले गए।
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धूप में बैठे रहे छात्र, नहीं निकलने दिए वाहन
मेडिकल कॉलेज कैंपस के बाहर धरना दे रहे छात्र अपना सामान लेकर चिलचिलाती धूप में धरने पर बैठे रहे। इस दौरान गर्मी लगने पर छात्र-छात्राएं अपने एप्रिन से सिर ढककर गर्मी से बचाव करते दिखे। वहीं, कॉलेज परिसर से फैकल्टी व कॉलेज प्रशासन के अधिकारियों ने बाहर निकलने का प्रयास किया तो छात्रों ने गेट बंद कर वाहन बाहर नहीं निकलने लिए। इस दौरान एक काले रंग की भाजपा की झंडा लगी हुई कार के चालक ने छात्रों के विरोध करने के बावजूद भी निकलने का प्रयास किया। इसपर छात्रों व कार चालक में बहस हो गई। मौके पर मौजूद डॉ. हरप्रीत सिंह व सुरक्षा गार्डों के बीच में आने के बाद मामला शांत हुआ और चालक को कार वापस परिसर में अंदर ले जानी पड़ी। इधर छात्रों के धरना प्रदर्शन से कॉलेज की पढ़ाई व अन्य कार्य भी प्रभावित रहे।
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बोले प्राचार्य
कैंपस रैगिंग फ्री है, इसके लिए एंटी रैगिंग टीम व कमेटी का भी गठन है। जबसे कॉलेज में नया बैच आया है। रात में पहले बैच के बच्चों की हॉस्टल के छत पर रैगिंग की जाने की सूचना मिल रही थी। मंगलवार रात टीम मौके पर पहुंची थी। टीम के पहुंचने पर छात्र मौके से भाग निकले। मौके पर मिले जूनियर छात्रों की चांद गंजी मिली है। मामले में एक बच्चे के अभिभावक की ओर से शिकायत किए जाने पर उन्होंने वर्ष 2024 व 2025 के बैच के छात्रों को सुबह पौने नौ बजे के करीब निलंबित कर सुबह 10:30 बजे तक हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए थे। साथ ही अभिभावकों को साथ लाने के बाद कॉलेज आने को कहा था। सुबह 11:30 बजे के करीब छात्र-छात्राएं समूह में खड़े मिले। पूछने पर हॉस्टल न खाली करने की बात कही। सख्ती बरतने पर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों को समझा कर शांत करवाया गया है। साथ ही छात्रों के अभिभावकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये वार्ता कर छात्रों को अपने जूनियर की रैगिंग न करने के लिए प्रेरित करने को कहा गया। - डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता, प्राचार्य
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पिता यदि चांटा मार दे तो क्या उसे घर से निकाल देंगे
प्राचार्य पर मारपीट का आरोप लगाकर छात्रों के हंगामा करने के मामले में प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता ने कहा कि घर पर बच्चे अपने माता-पिता की छाया में रहते हैं। गलती करने पर माता-पिता बच्चों को सजा भी देते हैं। वर्तमान में बच्चे कॉलेज में हैं और उनकी निगरानी में है। माता-पिता की अनुपस्थिति में वह बच्चों के पिता हैं। उनके ऊपर बच्चों की जिम्मेदारी है। बच्चों के गलती करने पर उन्होंने पिता की तरह बच्चों को चांटा मारा। क्या गलती करने पर पिता की ओर से पीटे जाने पर बच्चे उनको घर से निकाल देंगे। कॉलेज में छात्र-छात्राओं का अनुशासन में रहना अनिवार्य है। पुलिस की मदद से कैंपस में एंटी रैगिंग पोस्टर भी चस्पा करवाए गए हैं। कैंपस में किसी भी छात्र की रैगिंग नहीं होने दी जाएगी।
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बयान...
मेडिकल कॉलेज में छात्रों के धरना प्रदर्शन की जानकारी मिली थी। इस पर एसडीएम व तहसीलदार को मौके पर भेज कर प्राचार्य व छात्रों के बीच वार्ता करवाई गई। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया है। छात्रों की ओर से दिए गए ज्ञापन व अन्य पहलुओं की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - कपिल सिंह, जिलाधिकारी
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से बुधवार सुबह वर्ष 2024 व 2025 बैच के छात्र-छात्राओं को रैगिंग करने के आरोप में हॉस्टल खाली करने को कहा गया था। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्राचार्य ने सुबह 10 बजे उन्हें बैठक के लिए बुलाया था। वहां पहुंचने पर मारपीट की। विरोध पर गार्डों से पिटवाने और पुलिस बुलाकर गिरफ्तार कराने की धमकी दी गई। इससे नाराज छात्र अपना सामान लेकर मुख्य गेट पर पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ व प्राचार्य इस्तीफा दो आदि नारे लगाए। परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज प्रसारित किए जाने व कार्रवाई की मांग की।
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इस दौरान प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता, डॉ. हरप्रीत सिंह व पुलिस कर्मियों ने नाराज छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। इधर, जिलाधिकारी कपिल सिंह के हस्तक्षेप के बाद शाम पांच बजे एसडीएम अकबरपुर राजकुमार पांडेय, तहसीलदार पवन कुमार, प्राचार्य व थानाध्यक्ष हरमीत सिंह ने दोबारा छात्रों का समझाने का प्रयास किया। एसडीएम व प्राचार्य ने छात्रों को दोबारा हॉस्टल में चलने के लिए मनाया और कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने अपनी मांगों से जुड़ा जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा और शाम साढ़े पांच बजे के करीब छात्र-छात्राएं धरना समाप्त कर वापस हॉस्टल में चले गए।
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धूप में बैठे रहे छात्र, नहीं निकलने दिए वाहन
मेडिकल कॉलेज कैंपस के बाहर धरना दे रहे छात्र अपना सामान लेकर चिलचिलाती धूप में धरने पर बैठे रहे। इस दौरान गर्मी लगने पर छात्र-छात्राएं अपने एप्रिन से सिर ढककर गर्मी से बचाव करते दिखे। वहीं, कॉलेज परिसर से फैकल्टी व कॉलेज प्रशासन के अधिकारियों ने बाहर निकलने का प्रयास किया तो छात्रों ने गेट बंद कर वाहन बाहर नहीं निकलने लिए। इस दौरान एक काले रंग की भाजपा की झंडा लगी हुई कार के चालक ने छात्रों के विरोध करने के बावजूद भी निकलने का प्रयास किया। इसपर छात्रों व कार चालक में बहस हो गई। मौके पर मौजूद डॉ. हरप्रीत सिंह व सुरक्षा गार्डों के बीच में आने के बाद मामला शांत हुआ और चालक को कार वापस परिसर में अंदर ले जानी पड़ी। इधर छात्रों के धरना प्रदर्शन से कॉलेज की पढ़ाई व अन्य कार्य भी प्रभावित रहे।
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बोले प्राचार्य
कैंपस रैगिंग फ्री है, इसके लिए एंटी रैगिंग टीम व कमेटी का भी गठन है। जबसे कॉलेज में नया बैच आया है। रात में पहले बैच के बच्चों की हॉस्टल के छत पर रैगिंग की जाने की सूचना मिल रही थी। मंगलवार रात टीम मौके पर पहुंची थी। टीम के पहुंचने पर छात्र मौके से भाग निकले। मौके पर मिले जूनियर छात्रों की चांद गंजी मिली है। मामले में एक बच्चे के अभिभावक की ओर से शिकायत किए जाने पर उन्होंने वर्ष 2024 व 2025 के बैच के छात्रों को सुबह पौने नौ बजे के करीब निलंबित कर सुबह 10:30 बजे तक हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए थे। साथ ही अभिभावकों को साथ लाने के बाद कॉलेज आने को कहा था। सुबह 11:30 बजे के करीब छात्र-छात्राएं समूह में खड़े मिले। पूछने पर हॉस्टल न खाली करने की बात कही। सख्ती बरतने पर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों को समझा कर शांत करवाया गया है। साथ ही छात्रों के अभिभावकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये वार्ता कर छात्रों को अपने जूनियर की रैगिंग न करने के लिए प्रेरित करने को कहा गया। - डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता, प्राचार्य
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पिता यदि चांटा मार दे तो क्या उसे घर से निकाल देंगे
प्राचार्य पर मारपीट का आरोप लगाकर छात्रों के हंगामा करने के मामले में प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता ने कहा कि घर पर बच्चे अपने माता-पिता की छाया में रहते हैं। गलती करने पर माता-पिता बच्चों को सजा भी देते हैं। वर्तमान में बच्चे कॉलेज में हैं और उनकी निगरानी में है। माता-पिता की अनुपस्थिति में वह बच्चों के पिता हैं। उनके ऊपर बच्चों की जिम्मेदारी है। बच्चों के गलती करने पर उन्होंने पिता की तरह बच्चों को चांटा मारा। क्या गलती करने पर पिता की ओर से पीटे जाने पर बच्चे उनको घर से निकाल देंगे। कॉलेज में छात्र-छात्राओं का अनुशासन में रहना अनिवार्य है। पुलिस की मदद से कैंपस में एंटी रैगिंग पोस्टर भी चस्पा करवाए गए हैं। कैंपस में किसी भी छात्र की रैगिंग नहीं होने दी जाएगी।
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बयान...
मेडिकल कॉलेज में छात्रों के धरना प्रदर्शन की जानकारी मिली थी। इस पर एसडीएम व तहसीलदार को मौके पर भेज कर प्राचार्य व छात्रों के बीच वार्ता करवाई गई। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया है। छात्रों की ओर से दिए गए ज्ञापन व अन्य पहलुओं की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - कपिल सिंह, जिलाधिकारी