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कानपुर: धोखाधड़ी के शिकार बंधन बैंक के प्रबंधक ने फंदा लगा दी जान, सुसाइड नोट मिला
Wed, 14 Oct 2026 11:46 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Wed, 14 Oct 2026 11:46 PM IST
सार
Kanpur News: एक ग्राहक ने लोन दिलाने के नाम पर की धोखाधड़ी थी। सुनवाई न होने से आहत थे। सुसाइड से पहले पत्नी को मैसेज किया।
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अनुराग बाजपेई की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बाबूपुरवा में बंधन बैंक के प्रबंधक ने फंदा लगाकर जान दे दी। इससे पहले उन्होंने सुसाइड नोट लिखा। पत्नी को मैसेज कर बताया कि एक ग्राहक नितिन गौर ने धोखाधड़ी की है। लोग उन्हें दोषी बता रहे हैं। कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। सूचना पर पुलिस पहुंची तो सुसाइड नोट के साथ एसीपी बाबूपुरवा को लिखा गया एक प्रार्थना पत्र भी बरामद हुआ।
मूलरूप से उन्नाव के बांगरमऊ रामचंद्र बाजपेई के नौ बच्चों में छठवें नंबर के अनुराग बाजपेई (34) गोविंदनगर स्थित बंधन बैंक के गोल्ड लोन विभाग शाखा के प्रबंधक थे। बीते दो वर्षों से किदवईनगर के एम ब्लॉक स्थित शैलजा के मकान में किराये का कमरा लेकर रह रहे थे। परिवार में पत्नी दिव्या और तीन बच्चे वैभव, मृत्युंजय व ढाई साल की बेटी देविका हैं। पिता के मुताबिक, अनुराग ने बुधवार दोपहर 2:52 से 2:56 बजे के बीच पत्नी को मोबाइल पर 11 मैसेज भेजे। इसमें लिखा था कि सात अक्तूबर से मामला चल रहा है।
ग्राहक नितिन गौर ने सबकुछ किया है और उनकी कोई गलती नहीं है। बहुत परेशान हूं। उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है। दिव्या ने 3:10 बजे संदेश देखकर पूरी बात बताने को कहा लेकिन जवाब नहीं मिला। इसके बाद दिव्या ने परिवार के लोगों को जानकारी देने के साथ बैंक में फोन किया। बैंक का एक कर्मचारी घर पहुंचा तो कमरा अंदर से बंद मिला। आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला तो उसने दिव्या को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के सामने दरवाजा खुलवाया तो अनुराग का शव पंखे के सहारे लटका मिला।
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जांच के दौरान कमरे से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ। वहीं, कमरे से ग्राहक से परेशान होकर एसीपी बाबूपुरवा को दिया गया प्रार्थनापत्र भी मिला है। बाबूपुरवा थानाप्रभारी नीरज ओझा ने बताया कि सुसाइड नोट और परिवार की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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मूलरूप से उन्नाव के बांगरमऊ रामचंद्र बाजपेई के नौ बच्चों में छठवें नंबर के अनुराग बाजपेई (34) गोविंदनगर स्थित बंधन बैंक के गोल्ड लोन विभाग शाखा के प्रबंधक थे। बीते दो वर्षों से किदवईनगर के एम ब्लॉक स्थित शैलजा के मकान में किराये का कमरा लेकर रह रहे थे। परिवार में पत्नी दिव्या और तीन बच्चे वैभव, मृत्युंजय व ढाई साल की बेटी देविका हैं। पिता के मुताबिक, अनुराग ने बुधवार दोपहर 2:52 से 2:56 बजे के बीच पत्नी को मोबाइल पर 11 मैसेज भेजे। इसमें लिखा था कि सात अक्तूबर से मामला चल रहा है।
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ग्राहक नितिन गौर ने सबकुछ किया है और उनकी कोई गलती नहीं है। बहुत परेशान हूं। उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है। दिव्या ने 3:10 बजे संदेश देखकर पूरी बात बताने को कहा लेकिन जवाब नहीं मिला। इसके बाद दिव्या ने परिवार के लोगों को जानकारी देने के साथ बैंक में फोन किया। बैंक का एक कर्मचारी घर पहुंचा तो कमरा अंदर से बंद मिला। आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला तो उसने दिव्या को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के सामने दरवाजा खुलवाया तो अनुराग का शव पंखे के सहारे लटका मिला।
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जांच के दौरान कमरे से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ। वहीं, कमरे से ग्राहक से परेशान होकर एसीपी बाबूपुरवा को दिया गया प्रार्थनापत्र भी मिला है। बाबूपुरवा थानाप्रभारी नीरज ओझा ने बताया कि सुसाइड नोट और परिवार की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।