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खुलासा: गाली देने पर मेडिकल स्टोर कर्मचारी की कर दी थी हत्या, छह घंटे के भीतर छह आरोपी गिरफ्तार

Mon, 18 Oct 2021 09:51 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 18 Oct 2021 09:51 AM IST
सार

पुलिस की जांच में सामने आया कि बिकरू कांड में फंसे जय बाजपेई का आशीष ड्राइवर रहा है। जय के जरिये वह पैसे भी कमाता था। आरोपी ने इसलिए उससे कई बार पैसे भी लिए। उधारी की रकम न चुकाने पर प्रांशु से विवाद भी चल रहा था।

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Medical store employee murdered in Kanpur
छह आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर के दर्शनपुरवा में मेडिकल स्टोर कर्मचारी आशीष अग्निहोत्री (28) की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत नामजद 6 आरोपियों को रविवार तड़के गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से तमंचा व कारतूस बरामद हुए हैं। नामजद अन्य तीन आरोपियों की भूमिका पुलिस तलाश रही है।
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गाली देने पर मुख्य आरोपी ने साथियों संग मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों में दो हिस्ट्रीशीटर भी शामिल हैं। घर से बुलाकर आशीष की शनिवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने 9 लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज की थी।
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छह घंटे के भीतर पुलिस ने बारा जोड़ टोल प्लाजा के पास से तड़के करीब चार बजे सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार के अनुसार आशीष का पड़ोसी व उसका दोस्त प्रांशु गुप्ता मुख्य आरोपी है।
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प्रांशु को उसके कुछ दोस्तों ने बताया कि आशीष उसको गाली गलौज कर रहा था। इसलिए प्रांशु शनिवार रात करीब दस बजे आशीष के घर पर पहुंचा और उसको लेकर बाहर आया। कंधे पर हाथ रखकर आगे बढ़ रहा था तभी प्रांशु ने उससे पूछा कि तुम मुझे बहन की गाली दे रहे थे।

आशीष ने हां बोलकर दोबारा गाली दी। इसी पर प्रांशु ने उसको गोली मार दी। इस दौरान प्रांशु के साथी आशू तोमर, जय उर्फ नितेश जायसवाल, वीरू बिहारी, शिवा श्रीवास्तव और राज करिया भी मौजूद थे। इन सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। 

दिल्ली भागने की थी तैयारी, गाड़ी पलटी धरे गए 
वारदात के बाद आरोपी बर्रा स्थित वीरू के घर पहुंचे। उसके बाद वीरू अपनी इनोवा कार से सभी को लेकर शहर से भौंती हाईवे पर रवाना हुआ। एक आरोपी का मोबाइल ऑन था। सर्विलांस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और पीछा करना शुरू किया। सचेंडी थाने के आगे और बारा जोड़ टोल प्लाजा के पास सर्विस लेन पर इनोवा तेजी से जा रही थी।

 

आभास होते ही इनोवा चला रहे वीरू ने सर्विस लेन से मुख्य सड़क पर कार मोड़ी। तब स्पीड कम हुई और मिट्टी में फंसकर गाड़ी पलट गई। मौके से पुलिस ने चार को गिरफ्तार किया। जबकि वीरू व नितेश भाग निकले। करीब एक घंटे बाद इन दोनों को पुलिस ने पकड़ा। जिस जगह पर विकास दुबे की गाड़ी पलटी थी उससे कुछ ही दूरी पर ही इनकी गाड़ी पलटी थी। 

जय बाजपेई का ड्राइवर रहा था आशीष 
पुलिस की जांच में सामने आया कि बिकरू कांड में फंसे जय बाजपेई का आशीष ड्राइवर रहा है। जय के जरिये वह पैसे भी कमाता था। आरोपी ने इसलिए उससे कई बार पैसे भी लिए। उधारी की रकम न चुकाने पर प्रांशु से विवाद भी चल रहा था। पुलिस को वारदात का एक सीसीटीवी फुटेज भी मिला है। जिसमें प्रांशु आशीष को ले जाते दिख रहा है। आगे जाकर गोली मार देता है। जहां पर गोली मारता है यहां थोड़ा अंधेरा है। इसलिए फुटेज बहुत साफ नहीं है।
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