मेडिकल कॉलेज कांड: MBBS परीक्षा की कॉपियां लिखने के वीडियो वायरल, हॉस्टल में लिखी गईं...छात्रों का ये है आरोप
Kanpur News: सरस्वती मेडिकल कॉलेज उन्नाव के एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्रों के साथ छात्राओं ने मैनेजमेंट पर गंभीर आरोप लगाकर फेल करने की शिकायत की थी। छात्र-छात्राओं ने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, छेड़खानी के आरोप लगाए थे।
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कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध सरस्वती मेडिकल कॉलेज, उन्नाव के छात्रों को जबरन फेल के बाद पास करने का मामला अभी सही से शांत भी नहीं हुआ है। वहीं, हॉस्टल में कॉपियां लिखे जाने का मामला सामने आ गया है। इसके कई वीडियो और फोटो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
इससे विद्यालय की किरकिरी हो रही है। उधर, शुक्रवार को भी कॉलेज में छात्रों ने मैनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी और हंगामा कर स्वयं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। वहीं, निदेशक ने भी संस्थान खाली कर दिया है। छात्रों का आरोप है कि अन्य छात्रों की परीक्षाएं तो पहले हो चुकी हैं, लेकिन जिन छात्रों पर मैनेजमेंट की विशेष कृपा थी।
उनको कॉपियां लिखने के लिए हॉस्टल में दे दी गईं थी। छात्रों का आरोप है कि वीडियो और फोटो दो दिन पुराने हैं। छात्र किताबें खोलकर उत्तरपुस्तिकाएं लिख रहे हैं। जब यह वीडियो वायरल होने की सूचना मैनेजमेंट तक पहुंची तब उन्होंने इन लिखित कॉपियों को अन्य कॉपियों में शामिल नहीं किया है।
फाइन के नाम पर एक लाख से दो लाख रुपये तक वसूले
वहीं, छात्रों ने पूरे मामले की शिकायत इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अलावा सीएम पोर्टल, पीएम पोर्टल, उप मुख्यमंत्री, कुलपति सहित अन्य से की है। छात्रों का आरोप है कि उनकी सुरक्षा खतरे में है। फाइन के नाम पर छात्रों से एक लाख से दो लाख रुपये तक वसूले गए हैं।
एफआईआर की कॉपी को भी अपलोड किया
छात्रों ने जबरन फाइन लगाने की भी शिकायत की है। फेसबुक और टि्वटर पर भी छात्रों ने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के खिलाफ मुहिम चलाई है। कई डॉक्टर और छात्र भी उनकी इस मुहिम का हिस्सा बन गए हैं। छात्रों ने शिकायत, एफआईआर की कॉपी को भी अपलोड किया है।
ये है पूरा मामला
सरस्वती मेडिकल कॉलेज उन्नाव के एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्रों के साथ छात्राओं ने मैनेजमेंट पर गंभीर आरोप लगाकर फेल करने की शिकायत की थी। छात्र-छात्राओं ने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, छेड़खानी के आरोप लगाए थे।
एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर को निलंबित कर दिया गया
राज्यपाल, सीएम तक शिकायत पहुंची थी और वहां से हस्तक्षेप के बाद ही एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पर एफआईआर की गई थी। राजभवन के निर्देश पर छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने गुरुवार को शिकायतकर्ता छात्रों को बुलाने के साथ कॉलेज प्रशासन को तलब किया। सभी फेल छात्रों को पास करने के साथ एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर को निलंबित कर दिया गया।