{"_id":"589872384f1c1b8852378765","slug":"mayawati-public-meeting-in-farrukhabad","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"किसानों का कर्ज माफ और नियुक्तियों की कराएंगे जांचः मायावती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों का कर्ज माफ और नियुक्तियों की कराएंगे जांचः मायावती
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 07 Feb 2017 12:47 AM IST
विज्ञापन
मायावती
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बसपा सुप्रीमो मायावती ने फर्रुखाबाद कमालगंज के रामलीला मैदान में चुनावी जनसभा के दौरान बड़े-बड़े वादे किए। कहा कि बसपा की सरकार बनी तो किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्जा माफ होगा। सपा सरकार में हुई नियुक्तियों की जांच कराएंगे।
बैंकों को कर्ज माफी की धनराशि का भुगतान सरकारी खजाने से होगा। सपा सरकार में जुल्म का शिकार जिन लोगों की सुनवाई नहीं हुई उनके लिए विशेष काउंटर बनाकर अभियान चलाकर मुकदमे दर्ज कराएंगी। गरीबों को सरकारी जमीनों का पट्टा देंगी और पूर्व के पट्टों पर कब्जा करने वालों को जेल भेजेंगी। जाति, धर्म के आधार पर जिनको अपराधी बनाकर जेल में रखा गया है उनके मामलों की समीक्षा कराकर बेकसूर लोगों को रिहा कराएंगी।
विज्ञापन
बैंकों को कर्ज माफी की धनराशि का भुगतान सरकारी खजाने से होगा। सपा सरकार में जुल्म का शिकार जिन लोगों की सुनवाई नहीं हुई उनके लिए विशेष काउंटर बनाकर अभियान चलाकर मुकदमे दर्ज कराएंगी। गरीबों को सरकारी जमीनों का पट्टा देंगी और पूर्व के पट्टों पर कब्जा करने वालों को जेल भेजेंगी। जाति, धर्म के आधार पर जिनको अपराधी बनाकर जेल में रखा गया है उनके मामलों की समीक्षा कराकर बेकसूर लोगों को रिहा कराएंगी।
विज्ञापन
‘मिडडे मील का घटिया खाना होगा बंद’
मायावती
फर्रुखाबाद व कन्नौज जिले की सातों विधानसभाओं के प्रत्याशियों के समर्थन में सोमवार को आयोजित संयुक्त चुनावी जनसभा में मायावती ने कहा कि व्यापारी-कारोबारियों की सुरक्षा व समस्याओं का समाधान कराने के लिए आयोग का गठन करेंगी। स्कूलों में मिडडे मील में घटिया खाना बंद कराकर क्वालिटी युक्त दूध, अंडा, चना, केक, फल खिलाएंगी। सपा सरकार के बड़े आर्थिक फैसलों व पुलिस समेत अन्य सरकारी भर्तियों की जांच कराएंगी। जिन योजनाओं के नाम बदले हैं, उन्हें बहाल करेंगी। गन्ना किसानों का बकाया भुगतान करेंगी। आलू किसानों को फसल का वाजिब दाम दिलाएंगी।
अल्पसंख्यक पर ऐसे खेला दांव
फर्रुखाबाद में मायावती की जनसभा
- फोटो : अमर उजाला
सपा-कांग्रेस गठबंधन व बीजेपी पर बरसीं मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने मूल सिद्धांत त्यागकर बीजेपी के इशारे पर सपा से गठबंधन किया है। बीजेपी किसी चेहरे को सीएम के रूप में पेश करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है, जबकि सपा का चेहरा अखिलेश यादव दागी हैं। सपा सरकार बनी तो जिंदगी नरक बन जाएगी। उन्होंने कहा कि सपा में मुलायम सिंह ने पुत्रमोह में भाई शिवपाल को अपमानित किया है, जिससे शिवपाल समर्थक व अखिलेश खेमे के प्रत्याशी एक-दूसरे को हराएंगे। अल्पसंख्यक यदि सपा को वोट देंगे तो बेकार चला जाएगा और यदि उनको वोट दे खेमों में बंटा तो इसका फायदा बीजेपी उठाएगी। इसलिए अल्पसंख्यक पूरा वोट बसपा को दें।
‘पीएम ने चहेते पूंजीपतियों का धन ठिकाने लगाया’
मायावती
मायावती ने कहा कि तीन साल में केंद्र सरकार एक चौथाई वादे भी पूरे नहीं कर सकी। नोट बंदी के फैसले के पहले 10 महीने में प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पार्टी, चहेते पूंजीपतियों का धन ठिकाने लगा दिया। धन्नासेठों को और मालामाल बनाने वाली भाजपा अब उनकी मदद से यूपी में सत्ता पाने का सपना देख रही है। बीजेपी ने मुजफ्फरनगर, दादरी समेत 500 छोटे-बड़े दंगे कराए हैं। आतंकवाद के नाम पर अल्पसंख्यकों को शक की नजर से देखा जा रहा है।
तीन तलाक में दखल से बीएसपी सहमत नहीं
फर्रुखाबाद में मायावती की जनसभा
- फोटो : अमर उजाला
मायावती ने कहा कि केंद्र में सरकार होने के बावजूद दिल्ली की कानून व्यवस्था तक न सुधार पा रही है तो यूपी जैसे बड़े राज्य को कैसे संभाल पाएगी। तीन महीने में कितना काला धन इकट्ठा किया, कितनों को सजा दी गई, इसका जवाब बीजेपी नहीं दे पा रही है। आरएसएस के एजेंड पर चलकर बीजेपी दलितों, अति पिछड़ों के आरक्षण के अधिकार को निष्प्रभावी व खत्म करना चाहती है। बीजेपी एंड कंपनी की ओर से प्राइवेट सेक्टर आरक्षण की व्यवस्था किए बगैर ज्यादा से ज्यादा काम देकर आरक्षण का लाभ कम किया जा रहा है। वहीं बसपा दलितों, अति पिछड़ों, आदिवासियों के आरक्षण को बचाने के लिए जान की बाजी लगाए है। उन्होंने कहा कि मुसलिम पर्सनल ला बोर्ड, तीन तलाक में दखल से बीएसपी सहमत नहीं है। बसपा अल्पसंख्यकों व अपर कास्ट के गरीबों को आरक्षण देने की पक्षधर रही है।