{"_id":"61c08e88099a984a2d734287","slug":"mastermind-of-caa-violence-arrested-from-jaipur","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: सीएए हिंसा का मास्टरमाइंड जयपुर से गिरफ्तार, दो साल पहले बाबूपुरवा में हुई थी हिंसा, तीन लोगों की हुई थी मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: सीएए हिंसा का मास्टरमाइंड जयपुर से गिरफ्तार, दो साल पहले बाबूपुरवा में हुई थी हिंसा, तीन लोगों की हुई थी मौत
Mon, 20 Dec 2021 08:08 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 20 Dec 2021 08:08 PM IST
सार
इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सर्विलांस की मदद से आरोपी को पकड़ा गया है। कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। इसके अलावा एक और आरोपी बाबूपुरवा निवासी मुन्ना उर्फ चुन्नू की भी पहचान की गई है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : YakobchukOlena
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में बाबूपुरवा में हुई हिंसा व आगजनी के मास्टरमाइंड अफजाल उर्फ राजू को एसटीएफ ने सोमवार को राजस्थान के जयपुर के मुरलीपुरा इलाके से गिरफ्तार कर लिया। 50 हजार का इनामी अफजाल दो साल से फरार था।
वह शहर के बड़े गिरोह डी-2 और इंटर स्टेट गिरोह 273 का भी सदस्य है। दिसंबर 2019 में बाबूपुरवा में भी सीएए के विरोध में पुलिस पर पथराव, फ ायरिंग और एसिड बम फेंककर हिंसा फैलाई गई थी। इसमें तीन युवकों की मौत भी हुई थी।
पुलिस ने परवेज आलम, शहजाद आलम, आदिल और उसके भाई मुस्तकीम व पांच सौ से ज्यादा के खिलाफ बलवा, जनसमूह में शामिल होकर अपराध करना, हत्या, हत्या के प्रयास आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस अब तक 31 आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
विज्ञापन
जांच में सामने आया था कि अफजाल हिंसा का मास्टरमाइंड था। तब से एसटीएफ भी उसकी तलाश में थी। इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सर्विलांस की मदद से आरोपी को पकड़ा गया है। कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। इसके अलावा एक और आरोपी बाबूपुरवा निवासी मुन्ना उर्फ चुन्नू की भी पहचान की गई है।
शहर में दहशत फैलाने वाले गिरोह का सदस्य है अफजाल
डी-2 गैंग चलाने वाले छह भाइयों में अफजाल सबसे छोटा है। इसमें उसके बड़े भाई रफीक, अतीक, शफीक, बिल्लू और बाले शामिल थे। एक समय इनका शहर में आतंक था। अफजाल ने अपना नाम बदलकर जावेद रख लिया था। जयपुर में होजरी का कारोबार कर रहा था। वहां पर फ्लैट, गाड़ियां भी हैं। जावेद के नाम पर भी वहां एक मुकदमा दर्ज है। एसटीएफ मुंबई व गुजरात से उसका कनेक्शन तलाश रही है। कानपुर में उसके खिलाफ 29 केस दर्ज हैं।
विज्ञापन
वह शहर के बड़े गिरोह डी-2 और इंटर स्टेट गिरोह 273 का भी सदस्य है। दिसंबर 2019 में बाबूपुरवा में भी सीएए के विरोध में पुलिस पर पथराव, फ ायरिंग और एसिड बम फेंककर हिंसा फैलाई गई थी। इसमें तीन युवकों की मौत भी हुई थी।
विज्ञापन
पुलिस ने परवेज आलम, शहजाद आलम, आदिल और उसके भाई मुस्तकीम व पांच सौ से ज्यादा के खिलाफ बलवा, जनसमूह में शामिल होकर अपराध करना, हत्या, हत्या के प्रयास आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस अब तक 31 आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
विज्ञापन
जांच में सामने आया था कि अफजाल हिंसा का मास्टरमाइंड था। तब से एसटीएफ भी उसकी तलाश में थी। इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सर्विलांस की मदद से आरोपी को पकड़ा गया है। कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। इसके अलावा एक और आरोपी बाबूपुरवा निवासी मुन्ना उर्फ चुन्नू की भी पहचान की गई है।
शहर में दहशत फैलाने वाले गिरोह का सदस्य है अफजाल
डी-2 गैंग चलाने वाले छह भाइयों में अफजाल सबसे छोटा है। इसमें उसके बड़े भाई रफीक, अतीक, शफीक, बिल्लू और बाले शामिल थे। एक समय इनका शहर में आतंक था। अफजाल ने अपना नाम बदलकर जावेद रख लिया था। जयपुर में होजरी का कारोबार कर रहा था। वहां पर फ्लैट, गाड़ियां भी हैं। जावेद के नाम पर भी वहां एक मुकदमा दर्ज है। एसटीएफ मुंबई व गुजरात से उसका कनेक्शन तलाश रही है। कानपुर में उसके खिलाफ 29 केस दर्ज हैं।