{"_id":"58f8f2144f1c1ba346473768","slug":"martyr-nitin-yadav-cousin-vipin-yadav-murder-etawah","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहीद नितिन के भाई को दोस्तों ने उतारा मौत के घाट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीद नितिन के भाई को दोस्तों ने उतारा मौत के घाट
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 20 Apr 2017 11:13 PM IST
सार
ब्याज पर रुपये देना तो नहीं बना हत्या का कारण
रुपये देने के बहाने बुलाकर साथी संग मारी थी गोली
उसी की बाइक से शव ले जाकर टैंक में फेंका
विज्ञापन
शहीन नितिन के भाई को उतारा मौत के घाट, सेप्टिक टैंक में मिला शव।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इटावा के फ्रेंड्स कालोनी थाना क्षेत्र के मोहल्ला अशोक नगर निवासी व शहीद नितिन यादव के चचेरे भाई विपिन यादव उर्फ मेजर की हत्या के पीछे ब्याज के लेनदेन का मामला सामने आ रहा है। पिता ने भी इस संबंध में दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच कर ही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार वह ब्याज पर पैसा देता था।
अभी तक पैसों के लेन देन और अवैध संबंध में हत्या की बात सामने आई है। बताया गया है कि मेजर का क्षेत्र में काफी दबदबा था। उसके पिता पुलिस में हेड कांस्टेबल थे। वह ब्याज पर लोगों को पैसा बांटता था और उनसे अच्छा खासा ब्याज भी वसूलता था। दबंगई के कारण लोग उसके खिलाफ मुंह नहीं खोलते थे। वह लोगों से मनमाने तरीके से अपना पैसा वसूल करता था।
बताया गया है कि उसने सूरज को भी ब्याज पर पैसा दिया था। वह उससे काफी रकम भी वसूल चुका था लेकिन अभी तक उसका हिसाब किताब बराबर नहीं हुआ था। वह बाकी का पैसा देने के लिए दबाव बना रहा था लेकिन सूरज के पास पैसा नहीं था। मेजर द्वारा आए दिन धमकी देने से वह काफी परेशान था। यही कारण रहा कि सूरज ने अपने साथी अखिलेश के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची।
विज्ञापन
सूरज ने उसे फोन कर रुपये देने के लिए बुलाया। उसके बुलावे पर मेजर उसके घर पहुंच गया। वहां पहुंचने पर उसने सूरज से शराब लाने के लिए कहा तो वह शराब लाया। वहीं पर उसने शराब पी। नशा होने के बाद दोनों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या केे बाद दोनों ने उसके शव को उसी की बाइक से ले जाकर सेप्टिक टैंक में डाल दिया। बाद में दोनों ने उसकी बाइक दतावली के पास छोड़ दी। वहां से अपने घर आ गए। बाइक में भी खून लगा था। हत्यारोपियों ने हत्या को आत्महत्या बनाने की कोशिश की थी। परिजनों की सक्रियता से मामला जल्दी खुल गया। पुलिस हत्यारोपी अखिलेश की तलाश कर रही है।
विज्ञापन
अभी तक पैसों के लेन देन और अवैध संबंध में हत्या की बात सामने आई है। बताया गया है कि मेजर का क्षेत्र में काफी दबदबा था। उसके पिता पुलिस में हेड कांस्टेबल थे। वह ब्याज पर लोगों को पैसा बांटता था और उनसे अच्छा खासा ब्याज भी वसूलता था। दबंगई के कारण लोग उसके खिलाफ मुंह नहीं खोलते थे। वह लोगों से मनमाने तरीके से अपना पैसा वसूल करता था।
विज्ञापन
बताया गया है कि उसने सूरज को भी ब्याज पर पैसा दिया था। वह उससे काफी रकम भी वसूल चुका था लेकिन अभी तक उसका हिसाब किताब बराबर नहीं हुआ था। वह बाकी का पैसा देने के लिए दबाव बना रहा था लेकिन सूरज के पास पैसा नहीं था। मेजर द्वारा आए दिन धमकी देने से वह काफी परेशान था। यही कारण रहा कि सूरज ने अपने साथी अखिलेश के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची।
विज्ञापन
सूरज ने उसे फोन कर रुपये देने के लिए बुलाया। उसके बुलावे पर मेजर उसके घर पहुंच गया। वहां पहुंचने पर उसने सूरज से शराब लाने के लिए कहा तो वह शराब लाया। वहीं पर उसने शराब पी। नशा होने के बाद दोनों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या केे बाद दोनों ने उसके शव को उसी की बाइक से ले जाकर सेप्टिक टैंक में डाल दिया। बाद में दोनों ने उसकी बाइक दतावली के पास छोड़ दी। वहां से अपने घर आ गए। बाइक में भी खून लगा था। हत्यारोपियों ने हत्या को आत्महत्या बनाने की कोशिश की थी। परिजनों की सक्रियता से मामला जल्दी खुल गया। पुलिस हत्यारोपी अखिलेश की तलाश कर रही है।