{"_id":"6a53dd38bdeeb82928088777","slug":"married-couple-had-arrived-at-the-hotel-with-the-intention-of-taking-their-own-lives-2026-07-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इश्क-जुदाई और मौत: बच्चों को छोड़ प्रेमी संग चली गई मां, आखिरी कॉल में कहा- मैंने जहर खा लिया, अब मजे से रहना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इश्क-जुदाई और मौत: बच्चों को छोड़ प्रेमी संग चली गई मां, आखिरी कॉल में कहा- मैंने जहर खा लिया, अब मजे से रहना
Mon, 13 Jul 2026 10:26 AM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 13 Jul 2026 10:26 AM IST
सार
Married couple Suicide Case: घंटाघर के होटल सूर्या में दोनों ने जहर निगल कर जान दे दी थी। कलक्टरगंज पुलिस कॉल डिटेल, सोशल मीडिया पोस्ट और चैट की जांच कर रही।
विज्ञापन
Married couple Suicide Case
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
घंटाघर के होटल सूर्या में शादीशुदा प्रेमी युगल जान देने के इरादे से ही पहुंचा था। पुलिस की जांच में पता चला कि दोनों शनिवार को घर से ही जान देने के इरादे से निकले। होटल पहुंचने से पहले दिग्विजय ने फतेहपुर स्टेशन से इंस्टाग्राम पर एक दर्दभरी रील पोस्ट की। इसमें लिखा कि मैं अपने दर्द की किताब लिखूं तो लोग इश्क से डर जाएंगे... मैं मरने जा रहा हूं।
इसके साथ एक रील में कहा कि कैसे कह दूं कि उसकी मोहब्बत झूठी है... उसके हाथों से निवाला खाया है मैंने। साथ ही एक पोस्ट में कहा कि पसर्नल लाइफ से परेशान हूं... अब थोड़ा अपनी इमेज सुधारना चाहता हूं। घंटाघर स्थित होटल सूर्या में कमरा नंबर 106 में उन्नाव के कोतवाली के अकरमपुर मगरवारा निवासी शिवांगी तिवारी (32) और फतेहपुर के राधानगर, नई बस्ती निवासी दिग्विजय सिंह (33) के शव मिले थे।
विज्ञापन
इसके साथ एक रील में कहा कि कैसे कह दूं कि उसकी मोहब्बत झूठी है... उसके हाथों से निवाला खाया है मैंने। साथ ही एक पोस्ट में कहा कि पसर्नल लाइफ से परेशान हूं... अब थोड़ा अपनी इमेज सुधारना चाहता हूं। घंटाघर स्थित होटल सूर्या में कमरा नंबर 106 में उन्नाव के कोतवाली के अकरमपुर मगरवारा निवासी शिवांगी तिवारी (32) और फतेहपुर के राधानगर, नई बस्ती निवासी दिग्विजय सिंह (33) के शव मिले थे।
विज्ञापन
शिवांगी के पति धीरू तिवारी गुजरात में ट्रैवेल्स का काम करते हैं। उनके दो बच्चे प्रथम (11) और मीठी (9) साल हैं। धीरू ने बताया कि करीब एक साल पहले पत्नी शिवांगी की फेसबुक के जरिये दिग्विजय से दोस्ती हुई। उनके गुजरात में रहने का फायदा उठाकर दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गई थीं। उन्होंने इसका विरोध किया लेकिन दोनों नहीं मानें। पुलिस के अनुसार जहर निगलने के बाद शिवांगी ने अपने पति को आखिरी बार फोन किया।
आवाज में दर्द था। उसने सिर्फ इतना कहा कि मैंने जहर खा लिया है... अब बच्चों के साथ मजे से रहना और फोन कट गया। पुलिस को जांच में पता चला कि नौ जून को दिग्विजय और शिवांगी परिवार को छोड़कर गुजरात चले गए थे जहां से उन्नाव पुलिस ने उन्हें ढूंढ निकाला था।
शिवांगी के भाई हिमांशु शुक्ला ने बताया कि उन्नाव कोतवाली पुलिस ने दोनों को इस शर्त पर छोड़ा कि अब दोनों आपस में कोई संबंध नहीं रखेंगे। दोनों के थाने में ही सिमकार्ड तोड़ दिए गए और दोनों नया मोबाइल नंबर इस्तेमाल करने लगे लेकिन एक महीने के भीतर ही उनकी फिर से बातचीत शुरू हो गई।
एसीपी कलक्टरगंज आनंद ओझा ने बताया कि मामले में कॉल डिटेल, सोशल मीडिया पोस्ट और चैट के आधार पर पुलिस पहले से बनाई गई सुसाइड की योजना मानकर पूरे मामले की जांच कर रही है। रविवार शाम करीब चार बजे दोनों के शवों का वीडियोग्राफी और पैनल से पोस्टमॉर्टम किया गया। डॉक्टर के अनुसार मौत का कारण स्पष्ट न होने से दोनों शवों का विसरा सुरक्षित किया गया है।