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शादी अनुदान फर्जीवाड़ा: 37 अफसरों ने 409 अपात्रों पर लुटाए एक करोड़, सामने आई ये बात
Thu, 24 Jun 2021 11:05 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 24 Jun 2021 11:05 AM IST
सार
सीडीओ डॉ. महेंद्र कुमार ने सभी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखा है। जल्द ही सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी। शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना की 51 अफसरों की टीम ने 6996 आवेदन पत्रों की जांच की थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में 409 अपात्रों को एक करोड़ रुपये अनुदान लुटाने वाले 37 अफसरों के नाम सामने आ गए हैं। सबसे ज्यादा समाज कल्याण विभाग की ओर से 96 शादी, 198 पारिवारिक लाभ में लोगों को अनुदान दिया गया है।
जांच कमेटी ने पाया कि 21 लेखपाल, तीन तहसीलदार, 8 कानूनगो ने जांच रिपोर्ट में पात्र-अपात्र बनाया। समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह, पिछड़ा वर्ग के दो अधिकारी, अल्पसंख्यक विभाग के 2 अधिकारियों के कार्यकाल में अनुदान दिया गया है।
समाज कल्याण अधिकारी का निलंबन हो चुका है। सीडीओ डॉ. महेंद्र कुमार ने सभी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखा है। जल्द ही सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी। शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना की 51 अफसरों की टीम ने 6996 आवेदन पत्रों की जांच की थी।
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जिसमें कुल 2533 लाभार्थी अलग-अलग कारणों से अपात्र मिले थे। इससे अनुदान पहुंचाने वाले मुख्य दोषी के नाम तय नहीं हो पा रहे थे। जिसके बाद जिलाधिकारी ने जांच टीम को उन लोगों के आवेदन पत्रों की जांच करने के निर्देश दिए थे जो जांच में केवल अपात्र मिले थे।
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जांच कमेटी ने पाया कि 21 लेखपाल, तीन तहसीलदार, 8 कानूनगो ने जांच रिपोर्ट में पात्र-अपात्र बनाया। समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह, पिछड़ा वर्ग के दो अधिकारी, अल्पसंख्यक विभाग के 2 अधिकारियों के कार्यकाल में अनुदान दिया गया है।
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समाज कल्याण अधिकारी का निलंबन हो चुका है। सीडीओ डॉ. महेंद्र कुमार ने सभी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखा है। जल्द ही सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी। शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना की 51 अफसरों की टीम ने 6996 आवेदन पत्रों की जांच की थी।
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जिसमें कुल 2533 लाभार्थी अलग-अलग कारणों से अपात्र मिले थे। इससे अनुदान पहुंचाने वाले मुख्य दोषी के नाम तय नहीं हो पा रहे थे। जिसके बाद जिलाधिकारी ने जांच टीम को उन लोगों के आवेदन पत्रों की जांच करने के निर्देश दिए थे जो जांच में केवल अपात्र मिले थे।
जिसमें समाज कल्याण विभाग के पारिवारिक लाभ योजना में 198, शादी अनुदान के 96, अल्पसंख्यक विभाग के 72 और पिछड़ा वर्ग के 43 लोग हैं। टीम ने इन्हीं आवेदन पत्रों में जांच अधिकारियों के हस्ताक्षर देखकर नाम की सूची तैयार की। अपात्रों को अनुदान लुटाने वाले दोषी अधिकारियों के नामों की सूची सीडीओ को सौंप दी गई है। अब जल्द ही इनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक विभाग के पांच अफसर भी जिम्मेदार
समाज कल्याण विभाग के अमरजीत सिंह 2019-21 तक, पिछड़ा वर्ग विभाग में शादी अनुदान में वर्ष 2019-20 में अजीत प्रताप सिंह, 2020-21 में एलएम मौर्या, अल्पसंख्यक विभाग में वर्ष 2019-20 में प्रियंका सिंह, 2020-21 में वर्षा अग्रवाल के कार्यकाल में अनुदान दिया गया है। इसलिए इन्हें भी जिम्मेदार माना गया है।
अनुदान लुटाने में ये मुख्य दोषी
लेखपाल- हरनारायण दुबे, अश्विनी कुमार, आलोक दुबे, आलोक कुमार, स्नेहहंस, नीतू त्रिपाठी, हरीशंकर विश्वकर्मा, पीयूष सिंह, आशीष यादव, प्रीती दीक्षित, सुशील कुमार, अभय कुशवाहा, सुजीत कुशवाहा, गुलाब सिंह, देवेंद्र वाजपेयी, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, दिलीप सचान, धर्मपाल, अरविंद तिवारी, शैलेंद्र कुमार, रामखेलावन।
कानूनगो- रश्मि सिंह, राजकिशोर खरे, यशवंत सिंह, धीरज त्रिपाठी, राकेश कुमार गौतम, अजय प्रकाश यादव, आस्था पांडेय, सत्य प्रकाश वर्मा।
तहसीलदार- अरसलानाज, विराज करवरिया, अंकित गुप्ता।
पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक विभाग के पांच अफसर भी जिम्मेदार
समाज कल्याण विभाग के अमरजीत सिंह 2019-21 तक, पिछड़ा वर्ग विभाग में शादी अनुदान में वर्ष 2019-20 में अजीत प्रताप सिंह, 2020-21 में एलएम मौर्या, अल्पसंख्यक विभाग में वर्ष 2019-20 में प्रियंका सिंह, 2020-21 में वर्षा अग्रवाल के कार्यकाल में अनुदान दिया गया है। इसलिए इन्हें भी जिम्मेदार माना गया है।
अनुदान लुटाने में ये मुख्य दोषी
लेखपाल- हरनारायण दुबे, अश्विनी कुमार, आलोक दुबे, आलोक कुमार, स्नेहहंस, नीतू त्रिपाठी, हरीशंकर विश्वकर्मा, पीयूष सिंह, आशीष यादव, प्रीती दीक्षित, सुशील कुमार, अभय कुशवाहा, सुजीत कुशवाहा, गुलाब सिंह, देवेंद्र वाजपेयी, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, दिलीप सचान, धर्मपाल, अरविंद तिवारी, शैलेंद्र कुमार, रामखेलावन।
कानूनगो- रश्मि सिंह, राजकिशोर खरे, यशवंत सिंह, धीरज त्रिपाठी, राकेश कुमार गौतम, अजय प्रकाश यादव, आस्था पांडेय, सत्य प्रकाश वर्मा।
तहसीलदार- अरसलानाज, विराज करवरिया, अंकित गुप्ता।
अपात्रों को अनुदान देने वाले दोषी अधिकारियों की सूची मिल गई है। अब शासन को कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखेंगे। जल्द इनके खिलाफ कार्रवाई होगी। - डॉ. महेंद्र कुमार, सीडीओ