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35 साल से इस 'साइको किलर' को तलाश रही थी पुलिस, पत्नी व मां को उतारा था मौत के घाट

Tue, 27 Jun 2017 08:57 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 27 Jun 2017 08:57 PM IST
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man surrender in case of wife and mother murder after thirty five years
डेमो
इस कातिल की कहानी बिल्कुल जुदा है। 35 साल पहले जो जुर्म इसने किया था उसके लिए इसे 'साइको किलर' का नाम मिल गया। उसके इस जुर्म के लिए उसे जेल भी हुई थी लेकिन वह इतना शातिर निकला कि वहां से भाग गया। 1982 से पुलिस उसे तलाश रही थी। अब जाकर पुलिस की तलाश खत्म हुई है। लेकिन जहां ये तलाश खत्म हुई है वहां बहुत बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। 
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man surrender in case of wife and mother murder after thirty five years
डेमो
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की 35 साल पुरानी ये घटना लगभग सभी के जहन से मिट गई होगी। मगर इतिहास के कानूनी पन्नों में अब भी वो जुर्म दर्ज है। 


अपनी पत्नी और मां की हत्या करने के बाद जेल से फरार एक मुजरिम कई साल तक पुलिस को दौड़ाता रहा। आखिर में पुलिस भी थक-हारकर बैठ गई। फिर अचानक वही कातिल 35 साल बाद पुलिस के सामने सरेंडर करने पहुंच जाता है। सुनकर ताज्जुब हुआ ना..?
 

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man surrender in case of wife and mother murder after thirty five years
डेमो

मंगलवार को इंदौर में 35 साल पुराने कत्ल के जुर्म में सरेंडर कर दिया। कलेक्टर की जन सुनवाई मे पहुंचा यह शख्स बोला मैं आत्मा की आवाज पर जेल जाना चाहता हूं। 
 

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man surrender in case of wife and mother murder after thirty five years
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उसकी बात सुनकर कलेक्टर निशांत बरवड़े समेत पूरा प्रशासनिक अमला हैरत में पड़ गया। उसे हिरासत में लेकर यूपी पुलिस से जानकारी मांगी गई है। करीब साठ साल के इस शख्स ने खुद का नाम प्रेम कुमार हीरालाल बताया।

 

man surrender in case of wife and mother murder after thirty five years
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उसने कहा कि 1982 में पत्नी व मां की हत्या के आरोप में उसे हरदोई में जेल हो गई थी। लेकिन वह हरदोई जेल से भागने में कामयाब हो गया था। उसने ड्राइवरी का पेशा अपना लिया था और इंदौर को अपना ठिकाना बनाकर रह रहा था। उसने बताया कि उसका नया परिवार इंदौर के रावजी बाजार इलाके में रहता है। पुलिस प्रशासन तथ्यों की जांच कर रहा है।
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